स्कूल से लौटते ही बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उनके करीब आने के लिए रोज पूछें 5 खास बातेंआनंद नगर और कुंदा नगर में मरीज मिलते ही खरगोन स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 1.90 लाख मकान खंगाले गएअमेज़न प्राइम वीडियो के शो द ट्रेटर्स 2 का हिस्सा बनीं शाहनील गिल, स्क्रीन पर माइंड गेम खेलती आएंगी नजरबिटकॉइन 50-दिवसीय EMA के करीब पहुंचा, एथेरियम में सुस्ती और XRP 1.07 डॉलर के स्तर पर मजबूतजापान की क्वांटम सॉल्यूशंस ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बेचे $1.9 Million के एथेरियमयूनिसैप में नए फीचर से 10 फीसदी का बड़ा उछाल, कार्डानो और नियर प्रोटोकॉल के सामने तकनीकी प्रतिरोध की चुनौतीशहजाद पूनावाला ने बीजेपी से दिया इस्तीफा: पुणे में जन्म से लेकर कांग्रेस में बगावत और राष्ट्रीय प्रवक्ता बनने तक की पूरी कहानीईरानी एयरलाइन के सपोर्ट नेटवर्क पर अमेरिकी चाबुक, भारत समेत चार देशों की संस्थाओं पर लगा बैनदारा सिंह की एक्शन फिल्मों से करियर शुरू कर राजेश खन्ना की सबसे हिट जोड़ीदार बनीं मुमताज ने मां की बात मानकर क्यों छोड़ी थी इंडस्ट्रीICC वारंट पर गिरफ्तारी की कोशिश हुई तो इजराइली स्पेशल फोर्स करेगी दखल, बेंजामिन नेतन्याहू की चेतावनी
उज्जैन के यंत्र महल में दिखेगा अनोखा खगोलीय नजारा, 21 जून को कुछ पलों के लिए गायब हो जाएगी परछाईविज्ञान
20 जून 2026, 4:04 pm (41 दिन पहले)· 2

उज्जैन के यंत्र महल में दिखेगा अनोखा खगोलीय नजारा, 21 जून को कुछ पलों के लिए गायब हो जाएगी परछाई

21 जून को उज्जैन की ऐतिहासिक जीवाजी वेधशाला में शून्य छाया दिवस की अद्भुत घटना होगी, जहां दोपहर 12:28 बजे सूर्य कर्क रेखा के ठीक ऊपर होने से परछाईं गायब हो जाएगी।

मध्य प्रदेश की प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी उज्जैन, जिसे बाबा महाकाल की पावन भूमि माना जाता है, अपने भीतर समृद्ध वैज्ञानिक विरासत को भी संजोए हुए है। शिप्रा नदी के दक्षिणी तट पर चिंतामन मार्ग पर स्थित ऐतिहासिक जीवाजी वेधशाला, जिसे स्थानीय लोग यंत्र महल के नाम से भी जानते हैं, एक बार फिर एक दुर्लभ खगोलीय घटना की साक्षी बनने जा रही है। इस बार 21 जून को रविवार के दिन आकाश में एक बेहद अनोखी खगोलीय घटना घटने जा रही है, जिसे देखने के लिए विज्ञान प्रेमियों में भारी उत्साह है।

दोपहर ठीक 12 बजकर 28 मिनट पर सूर्य आकाश में कर्क रेखा के ठीक ऊपर लंबवत स्थिति में आ जाएगा। इस विशेष खगोलीय घटना के कारण कुछ समय के लिए जमीन पर खड़ी वस्तुओं, जैसे पेड़ों, खंभों और इंसानों की परछाईं पूरी तरह से गायब हो जाएगी। वैज्ञानिक जगत में इस अनोखी घटना को शून्य छाया दिवस (जिरो शैडो डे) के नाम से जाना जाता है। आम बोलचाल में लोग इसे इस तरह भी कहते हैं कि इस दिन कुछ पलों के लिए खुद आपकी परछाईं भी आपका साथ छोड़ देती है।

ये भी पढ़ें

साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात

21 जून को सूर्य पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी सबसे उच्चतम स्थिति में रहेगा। इसके परिणामस्वरूप इस दिन उत्तरी गोलार्द्ध के देशों में वर्ष का सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात दर्ज की जाएगी। उज्जैन में इस विशिष्ट दिन पर सूर्योदय का समय सुबह 5 बजकर 42 मिनट रहेगा, जबकि सूर्यास्त शाम को 7 बजकर 16 मिनट पर होगा। इस प्रकार दिन की कुल अवधि 13 घंटे 34 मिनट की होगी, जबकि रात का समय घटकर केवल 10 घंटे 26 मिनट का रह जाएगा।

300 साल पुरानी वेधशाला से दिखेगा नजारा

कर्क रेखा के अत्यंत निकट बसे होने के कारण उज्जैन इस ऐतिहासिक घटना को करीब से देखने के लिए सबसे आदर्श स्थान है। जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रकाश गुप्त ने जानकारी दी है कि यदि मौसम साफ रहा और अच्छी धूप खिली रही, तो वेधशाला में मौजूद ऐतिहासिक शंकु यंत्र की मदद से इस रोमांचक घटना को बेहद स्पष्टता से देखा और समझा जा सकेगा।

इस ऐतिहासिक वेधशाला का निर्माण आज से लगभग 300 साल पहले सन 1733 ईस्वी में जयपुर के महाराजा जयसिंह द्वारा कराया गया था। भारतीय खगोलविदों और भूगोलवेत्ताओं का हमेशा से यह मानना रहा है कि मुख्य देशांतर रेखा उज्जैन से होकर ही गुजरती है, जिसके कारण इस प्रेक्षागृह और खगोलीय केंद्र का अपना एक विशेष वैज्ञानिक महत्व है।

शंकु यंत्र की अनूठी वैज्ञानिक खूबियां

इस ऐतिहासिक परिसर में स्थापित शंकु यंत्र क्षितिज वृत्त के धरातल पर बनाया गया है। इस यंत्र की छाया के आधार पर कुल सात विशेष रेखाएं खींची गई हैं, जो आकाश की 12 राशियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन विशेष रेखाओं के जरिए ही साल की चार सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय तिथियों को दर्शाया जाता है। इसमें 21 जून को साल का सबसे लंबा दिन, 22 दिसंबर को साल का सबसे छोटा दिन, जबकि 21 मार्च और 23 सितंबर को दिन-रात के बिल्कुल बराबर होने की स्थिति का सटीक पता चलता है। इस यंत्र पर बनने वाली शंकु की छाया दिन की लंबाई में होने वाले बदलावों के साथ लगातार घटती और बढ़ती रहती है।

सवाल-जवाब

उज्जैन में शून्य छाया दिवस (Zero Shadow Day) कब और किस समय होगा?
उज्जैन में यह खगोलीय घटना 21 जून को दोपहर ठीक 12 बजकर 28 मिनट पर घटित होगी।
शून्य छाया दिवस के दौरान क्या होता है?
इस घटना के दौरान सूर्य ठीक सिर के ऊपर लंबवत स्थिति में आ जाता है, जिससे सीधी खड़ी वस्तुओं की परछाईं कुछ समय के लिए दिखाई नहीं देती है।
उज्जैन की जीवाजी वेधशाला का निर्माण किसने और कब करवाया था?
इस ऐतिहासिक वेधशाला का निर्माण जयपुर के महाराजा जयसिंह ने सन 1733 ईस्वी में करवाया था, जो लगभग 300 साल पुरानी है।
21 जून को दिन और रात की अवधि कितनी होगी?
21 जून को दिन की अवधि 13 घंटे 34 मिनट होगी और रात की अवधि 10 घंटे 26 मिनट होगी, जिससे यह साल का सबसे लंबा दिन बन जाएगा।
वेधशाला में इस खगोलीय घटना को किस उपकरण के माध्यम से देखा जा सकता है?
जीवाजी वेधशाला में मौजूद ऐतिहासिक 'शंकु यंत्र' के माध्यम से इस अद्भुत खगोलीय दृश्य को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR