शनिवार की रात किसी रेस्टोरेंट या बार के बाहर खड़े होने पर जब हवा में सिगरेट का धुआं तैरता है, तो बहुत से लोग असहज महसूस करते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट की गंध या धुएं से मुंह फेरने वालों की संख्या भले ही अधिक दिखती हो, लेकिन हालिया रुझान एक बिल्कुल उलट कहानी बयां कर रहे हैं। कई लोगों के लिए यह आदत महज एक अस्वास्थ्यकर व्यवहार नहीं रही, बल्कि आकर्षण और फैंटेसी का एक बड़ा जरिया बन चुकी है। वयस्क सामग्री से जुड़े आंकड़ों से लेकर सोशल मीडिया के रुझानों तक, स्मोकिंग को कामुक नजरिए से देखने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है।
वयस्क वेबसाइटों पर स्मोकिंग फेटिश की मांग में भारी उछाल
अडल्ट कंटेंट प्लेटफॉर्म क्लिप्स4सेल के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि साल की शुरुआत से अब तक स्मोकिंग फेटिश से जुड़ी वीडियो और सामग्री की बिक्री में 58% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, ब्रिटेन में इस विशेष प्लेटफॉर्म पर सिगरेट पीना छठा सबसे ज्यादा खोजा जाने वाला शब्द बनकर उभरा है। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि कई लोगों के बीच कामुकता और सिगरेट के कश के बीच का संबंध एक मजबूत आकर्षण का केंद्र बन चुका है। जिसे समाज अक्सर एक अवांछित आदत मानता है, वही कई लोगों की निजी प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान हासिल कर रहा है।
सेलिब्रिटीज और पॉप कल्चर में लौटता सिगरेट का ग्लैमर
पॉप संस्कृति और मशहूर हस्तियों के बीच भी सिगरेट का दृश्य आकर्षण दोबारा लौटता दिख रहा है। चार्ली एक्ससीएक्स जैसी प्रमुख हस्तियों को इंटरनेट और प्रशंसकों के बीच 'सिगफ्लूएंसर्स' तक कहा जाने लगा है। लोकप्रिय अभिनेत्री मार्गोट रॉबी को जब ओशन्स इलेवन के प्रीक्वल के सेट पर सिगरेट पकड़े देखा गया, तो उनके प्रशंसकों ने उनकी अदाओं की जमकर तारीफ की। एक प्रशंसक ने तो यहां तक टिप्पणी की कि वह सिगरेट पीते हुए बेहद खूबसूरत और आकर्षक दिख रही हैं। इसी तरह, दुआ लीपा भी कई मौकों पर सिगरेट के साथ नजर आ चुकी हैं और उनकी शादी के बाद की पार्टी में मेहमानों के लिए सिगरेट के बाउल रखे जाने की बातें भी सामने आई थीं। इन सभी घटनाओं ने सार्वजनिक बहस में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिगरेट को एक बार फिर कूल और स्टाइलिश बनाने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: बदबूदार लत या बेहद आकर्षक अंदाज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर कई पुरुषों ने महिलाओं के सिगरेट पीने के अंदाज को लेकर अपने आकर्षण का खुलकर इजहार किया है। एक यूजर ने स्वीकार किया कि जब भी वह किसी महिला को असल जिंदगी या फिल्मों में सिगरेट पीते देखते हैं, तो उन्हें वह अंदाज बेहद सेक्सी और कूल नजर आता है। एक अन्य यूजर ने इसे पूरी तरह आकर्षक बताते हुए लिखा कि हाथ में सिगरेट थामे किसी खूबसूरत महिला से ज्यादा दिलकश कुछ नहीं हो सकता। हालांकि, हर कोई इस सोच से सहमत नहीं है। कई उपयोगकर्ताओं ने इस शौक को पूरी तरह अतार्किक और अप्रिय बताया। कुछ लोगों ने इसे असहनीय और नफरत करने योग्य करार दिया, जबकि एक यूजर ने इसे स्पष्ट रूप से घिनौनी, अस्वास्थ्यकर और बदबूदार आदत बताया।
मनोवैज्ञानिक वजहें: क्यों सिगरेट पीना बन जाता है आकर्षण का सबब
स्मोकिंग के प्रति इस आकर्षण को समझने के लिए जब साइकोसेक्सुअल थेरेपिस्ट बेकी क्रेप्सली-फॉक्स ने इसका विश्लेषण किया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके पीछे कोई एक कारण नहीं होता। उनके मुताबिक, यह दृश्य सौंदर्य, मानवीय मनोविज्ञान और सांस्कृतिक कंडीशनिंग का एक जटिल मेल है। कुछ लोगों के लिए यह पूरी तरह से विजुअल अपील होती है। सिगरेट का कश अंदर खींचने और फिर धीरे-धीरे धुआं बाहर छोड़ने की क्रिया में एक खास तरह की सिनेमाई सुंदरता और ठहराव होता है। यह धीमी, सोची-समझी और नाटकीय प्रस्तुति कई लोगों को स्वाभाविक रूप से कामुक महसूस कराती है।
इसके अलावा, सिगरेट पीने की शारीरिक क्रिया में भी कामुक संकेत छिपे होते हैं। बेकी क्रेप्सली-फॉक्स का कहना है कि होंठ शरीर के सबसे संवेदनशील और अंतरंग अंगों में से एक हैं। किसी वस्तु के चारों ओर होंठों को मोड़ना और धीरे-धीरे धुएं को खींचना कल्पनाओं को ओरल सेक्स की दिशा में ले जा सकता है। इसके साथ ही इसका एक मजबूत सांस्कृतिक पहलू भी है। हॉलीवुड के शुरुआती दौर से ही सिगरेट को ग्लैमर, अमीरी और ताकत का प्रतीक माना जाता रहा है। पुराने सिनेमा के पर्दे पर प्रभावशाली और रहस्यमयी किरदारों के हाथ में सिगरेट दिखती थी, जिससे आज भी कई लोगों के जेहन में यह नियंत्रण और आकर्षण का एक रूप बनी हुई है। फिल्म 'ग्रीस' में सैंडी का वह मशहूर दृश्य जहां वह लेदर जैकेट, बड़े बालों और लाल सैंडल के नीचे सिगरेट कुचलती दिखाई देती हैं, इस पॉप प्रभाव का एक बड़ा उदाहरण है।
निषेध और खतरे का रोमांच
सिगरेट पीने के प्रति आकर्षण का एक बड़ा पहलू वर्जना यानी टैबू से भी जुड़ा है। आधुनिक समाज में हर कोई जानता है कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। ऐसे में किसी ऐसे काम को करना, जिसकी सख्त मनाही हो, लोगों के भीतर एक बागी और रोमांचक अहसास पैदा करता है। बेकी क्रेप्सली-फॉक्स के अनुसार, इस मामले में सिगरेट का सेक्स के साथ गहरा संबंध नजर आता है। सेक्स एक पूरी तरह स्वाभाविक मानवीय व्यवहार है जिसे समाज में आज भी छुपाने की कोशिश की जाती है, और ठीक यही छिपाव या वर्जित गुण कई लोगों में उत्तेजना जगाता है। सिगरेट के साथ भी यही नियम काम करता है। इसमें एक तरह का पावर डायनेमिक भी मौजूद होता है, जहां किसी को ऐसा काम करते देखना जो उनके लिए नुकसानदेह है, जोखिम से परे इच्छा को प्राथमिकता देने की ताकत को दर्शाता है।
सामान्य पसंद और फेटिश के बीच का अंतर
इस पूरे विषय में एक बारीक अंतर को समझना बेहद जरूरी है कि किसी दृश्य को केवल आकर्षक मानना और उसे फेटिश में बदल लेना दो अलग बातें हैं। थेरेपिस्ट बेकी क्रेप्सली-फॉक्स स्पष्ट करती हैं कि एक सामान्य टर्न-ऑन अनुभव को बेहतर बनाता है, जबकि फेटिश वह स्थिति है जहां किसी व्यक्ति को उत्तेजित होने के लिए उस विशिष्ट वस्तु या क्रिया की उपस्थिति अनिवार्य रूप से चाहिए होती है। इसलिए कई लोगों के लिए स्मोकिंग केवल देखने में आकर्षक हो सकती है, जबकि कुछ लोगों के लिए यह बाकायदा एक अनिवार्य फेटिश बन जाती है। ऐसी फेटिश की जड़ें अक्सर शुरुआती अनुभवों, विशेष रूप से किशोरावस्था से जुड़ी होती हैं। जब कामुक भावनाएं पहली बार विकसित हो रही होती हैं, उस उम्र में फिल्मों या टीवी पर किसी ग्लैमरस धूम्रपान दृश्य को देखना दिमाग में सिगरेट और कामुकता का एक स्थायी न्यूरोलॉजिकल संबंध बना सकता है।



















