शारदीय नवरात्रि 2026 के पावन पर्व का दूसरा दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। इस अवसर पर देशभर में विधि-विधान से उनकी पूजा-अर्चना की जा रही है। मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या, त्याग, संयम और दृढ़ संकल्प की देवी माना जाता है। उनके नाम का अर्थ ही तप का आचरण करने वाली शक्ति है, जो भक्तों को जीवन में कठिनाइयों से लड़ने का साहस देती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इनकी सच्चे मन से उपासना करने से जातकों का आत्मबल बढ़ता है और कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है।
मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप और पौराणिक महत्व
मां ब्रह्मचारिणी के रूप की बात करें तो उनके एक हाथ में जप की माला और दूसरे हाथ में कमंडल सुशोभित रहता है। उनका यह पावन स्वरूप साधना और तपस्या का संदेश देता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए अत्यंत कठिन तपस्या की थी। इसी कठोर तपस्विनी रूप के कारण उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। नवरात्रि के दूसरे दिन इनकी आराधना करने से साधक के मन में शांति, धैर्य और संयम का संचार होता है।
पूजन विधि और अर्पण करने योग्य भोग
नवरात्रि के इस विशेष दिन पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छे से सफाई करके मां दुर्गा और मां ब्रह्मचारिणी का ध्यान किया जाता है। देवी को पुष्प, अक्षत, चंदन और रोली अर्पित की जाती है। पूजा के दौरान धूप और दीप प्रज्वलित करके फल और मिठाई का भोग लगाया जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। भोग अर्पित करते समय मन में पूर्ण श्रद्धा रखनी चाहिए और पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद को परिवार के सदस्यों तथा अन्य भक्तों में वितरित करना चाहिए।
प्रमुख मंत्र और आरती
पूजा के समय मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। दधाना करपद्माभ्याम्, अक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि, ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।। इस मंत्र का अर्थ है कि जिनके एक हाथ में अक्षमाला और दूसरे हाथ में कमंडल है, ऐसी उत्तम ब्रह्मचारिणी स्वरूपा मां दुर्गा हम पर अपनी कृपा बनाए रखें। इसके अलावा, या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता, सर्वमंगल मांगल्ये और ॐ जयन्ती मंगला काली जैसे पवित्र मंत्रों का उच्चारण करके सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।



















