मुंबई में हाल ही में संपन्न हुई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की 95वीं वार्षिक आम बैठक के बाद बोर्ड के स्तर पर एक बड़ा बयान सामने आया है। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों की ओर से जीती गई एशिया कप की ट्रॉफियां आने वाले समय में बीसीसीआई के मुख्यालय में जरूर आएंगी। हालांकि, इस प्रक्रिया के लिए बोर्ड की तरफ से अभी तक कोई निश्चित समयसीमा साझा नहीं की गई है, लेकिन बोर्ड को पूरा विश्वास है कि ये प्रतिष्ठित ट्रॉफियां वानखेड़े स्टेडियम स्थित कार्यालय में सुरक्षित पहुंच जाएंगी।
ट्रॉफियां स्वीकार करने से क्यों हुआ था इनकार
भारतीय पुरुष और महिला दोनों ही टीमों ने टूर्नामेंट जीतने के बाद एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के प्रमुख मोहसिन नकवी से पुरस्कार लेने से साफ इनकार कर दिया था। मोहसिन नकवी वर्तमान में पाकिस्तान सरकार के गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इस कूटनीतिक और खेल से जुड़े गतिरोध के कारण ट्रॉफियों को बोर्ड तक पहुंचाने का मामला चर्चा में आया था। इसके बावजूद, भारतीय क्रिकेट बोर्ड इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है कि तमाम परिस्थितियों के बावजूद ये दोनों ट्रॉफियां अंततः अपने गंतव्य तक पहुंच कर ही रहेंगी।
पुरुष और महिला टीमों की शानदार जीत का सफर
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने गत वर्ष दुबई के मैदान पर खेले गए खिताबी मुकाबले में पाकिस्तान को शिकस्त देकर एशिया कप टी20 की ट्रॉफी अपने नाम की थी। इसके साथ ही, हाल ही में समाप्त हुए महीने की शुरुआत में भारतीय महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका की टीम को हराकर एशिया कप का खिताब देश के नाम किया था। इन दोनों ऐतिहासिक जीतों ने भारतीय क्रिकेट का मान बढ़ाया है, जिसके बाद से ही इन ट्रॉफियों के भारत आने का इंतजार किया जा रहा है।
एशिया एशियाई खेलों को लेकर बोर्ड का उत्साह
वार्षिक आम बैठक के दौरान देवजीत सैकिया ने भारतीय महिला टीम की सराहना करते हुए कहा कि बोर्ड को पूरी उम्मीद है कि महिला टीम एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लौटेगी। भारतीय महिला टीम ने शुक्रवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान की टीम को मात दी थी। बोर्ड ने पिछले सप्ताह दुबई में शानदार प्रदर्शन करने वाली महिला टीम को बधाई दी और उम्मीद जताई कि टीम इस महीने की 22 तारीख को होने वाले मुकाबलों में स्वर्ण पदक अपने नाम करने में सफल रहेगी।



















