भारत की मेजबानी में प्रस्तावित पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी से पहले एक बड़ा गतिरोध सामने आया है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने दोनों मुल्कों के बीच जारी संवेदनशील रिश्तों और सुरक्षा चिंताओं को वजह बताते हुए अपनी राष्ट्रीय पुरुष टीम को भारत भेजने से साफ मना कर दिया है। महासंघ ने महाद्वीपीय संचालन संस्था से अपील की है कि या तो पूरे टूर्नामेंट को किसी तटस्थ देश में ले जाया जाए अथवा कम से कम पाकिस्तान के सभी मुकाबलों का आयोजन किसी न्यूट्रल वेन्यू पर कराया जाए, ताकि टीम इसमें बिना किसी बाधा के हिस्सा ले सके।
सुरक्षा माहौल और द्विपक्षीय संबंधों का दिया हवाला
लाहौर से जारी एक आधिकारिक बयान में पाकिस्तान हॉकी महासंघ के अंतरिम अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने इस कड़े रुख की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम सीमा पार के मौजूदा संवेदनशील माहौल और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उनके अनुसार, महासंघ की प्राथमिकता अपने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए एक सुरक्षित, तनावमुक्त और गरिमापूर्ण माहौल तैयार करना है। वानी ने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान खेल को राजनीति से परे रखने के सिद्धांत पर कायम है और वैश्विक मंच पर हॉकी के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह समर्पित है।
अंतरिम अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि एशियाई हॉकी महासंघ उनके इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी टीम अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के तमाम सदस्य मुल्कों और मेजबान भारत के खिलाफ खेल के मैदान पर भिड़ने के लिए तैयार है, बशर्ते मुकाबलों के लिए निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाए। हालांकि, इस औपचारिक बयान से कुछ ही समय पहले यह भी बात सामने आई थी कि पाकिस्तान की सरकार ने राष्ट्रीय हॉकी दल के भारत दौरे को हरी झंडी नहीं दी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री के दावों से उलट फैसला
पाकिस्तान के इस ताजा रुख ने भारत में की जा रही तैयारियों और बयानों को बड़ा झटका दिया है। हाल ही में भारत के पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हॉकी इंडिया के सचिव भोला नाथ सिंह के साथ संयुक्त रूप से यह दावा किया था कि पाकिस्तान की टीम इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया था कि भारत की आधिकारिक खेल नीति के तहत किसी भी बहुराष्ट्रीय खेल आयोजन में पाकिस्तानी टीमों के भाग लेने पर कोई रोक नहीं है। पंजाब सरकार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी को लेकर खासी उत्साहित नजर आ रही थी, मगर पाकिस्तान सरकार की अनुमति न मिलने से स्थिति पूरी तरह पलट गई है।
पहले भी टूर्नामेंटों से पीछे हट चुका है पाकिस्तान
यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का तर्क देकर भारत में होने वाले बड़े हॉकी टूर्नामेंटों से दूरी बनाई हो। पिछले वर्ष भी तमिलनाडु में आयोजित एफआईएच जूनियर विश्व कप और एशिया कप के दौरान सुरक्षा चिंताओं को केंद्र में रखकर पाकिस्तान ने अपनी भागीदारी वापस ले ली थी। लगातार दूसरे साल सामने आए इस तरह के फैसले से दोनों देशों के बीच खेल कूटनीति पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
मोहाली और जालंधर में प्रस्तावित है आयोजन
शेड्यूल के अनुसार, पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 27 अक्टूबर से पांच नवंबर के बीच पंजाब के दो प्रमुख शहरों मोहाली और जालंधर में किया जाना निर्धारित है। एशिया की इस शीर्ष प्रतियोगिता में मेजबान भारत के अलावा पाकिस्तान, मलेशिया, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया की मजबूत टीमें हिस्सा ले रही हैं। अब सबकी नजरें एशियाई हॉकी महासंघ पर टिकी हैं कि वह पाकिस्तान की तटस्थ स्थल की मांग को स्वीकार करता है या टूर्नामेंट बिना पाकिस्तानी टीम के ही आगे बढ़ाया जाएगा।



















