एशियन गेम्स 2026 में भारत के स्टार स्क्वाश खिलाड़ी अभय सिंह पुरुषों की सिंगल्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के ऐतिहासिक अवसर से चूक गए हैं। खिताबी मुकाबले में उन्हें मलेशिया के बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी एनजी ईन यो के खिलाफ सीधे गेम में शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के बाद अभय सिंह को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा, हालांकि उनका यह शानदार प्रदर्शन भारतीय स्क्वाश इतिहास के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।
फाइनल मुकाबले का रोमांच और स्कोर
मलेशियाई खिलाड़ी एनजी ईन यो ने पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा और भारतीय चुनौती को 3-0 से समाप्त कर दिया। फाइनल मुकाबले के पहले गेम में अभय सिंह ने बेहद कड़ा मुकाबला पेश किया, लेकिन वह इसे 9-11 के करीबी अंतर से गंवा बैठे। इसके बाद दूसरे और तीसरे गेम में मलेशियाई खिलाड़ी ने कोर्ट पर अपना पूरा नियंत्रण बना लिया और दोनों ही गेम समान रूप से 5-11 और 5-11 के अंतर से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस बड़ी जीत के साथ ही एनजी ईन यो ने एशियन गेम्स की पुरुषों की सिंगल्स स्पर्धा में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल करने का एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया।
इतिहास रचने के बेहद करीब थे अभय सिंह
अगर अभय सिंह इस रोमांचक फाइनल मैच को जीतने में सफल हो जाते, तो वह एशियाई खेलों के इतिहास में स्क्वाश मेंस सिंगल्स स्पर्धा में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी बन जाते। हालांकि इतिहास रचने से मामूली अंतर से चूकने के बावजूद उनके द्वारा हासिल किया गया रजत पदक भारतीय खेल जगत के लिए एक गौरवशाली क्षण है। आईची-नागोया में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 के इस संस्करण में भारतीय खिलाड़ियों का उम्दा प्रदर्शन लगातार देखने को मिल रहा है, जहां देश के एथलीट विभिन्न खेलों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।



















