लंदन के ओ2 एरेना में खेले जा रहे लेवर कप में टेनिस प्रेमियों को एक बार फिर बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। टीम यूरोप की तरफ से खेल रहे दो बार के विम्बलडन चैंपियन कार्लोस अल्कराज ने असाधारण जुझारूपन दिखाते हुए कई मैच पॉइंट बचाए और एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में जीत हासिल की। उनकी इस ऐतिहासिक जीत की बदौलत टीम यूरोप ने टीम वर्ल्ड के खिलाफ 7-5 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। कलाई की चोट से जूझने के बावजूद स्पेन के इस युवा खिलाड़ी ने दबाव के क्षणों में अपने खेल के स्तर को ऊपर उठाया और साबित किया कि क्यों उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिना जाता है। इस जीत के साथ ही टीम यूरोप ने खिताबी मुकाबले के आखिरी दिन के लिए खुद को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
टाई-ब्रेक के रोमांच में कार्लोस अल्कराज का चमत्कारी प्रदर्शन
दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी कार्लोस अल्कराज और अमेरिकी स्टार टेलर फ्रिट्ज़ के बीच खेला गया यह सिंगल्स मुकाबला हर मायने में ब्लॉकबस्टर साबित हुआ। अल्कराज ने आखिरकार यह मैच 6-3, 4-6, 13-11 से अपने नाम किया, लेकिन यह स्कोरकार्ड इस मैच के दौरान कोर्ट पर मचे घमासान की पूरी कहानी बयां नहीं करता। कलाई की गंभीर चोट के कारण इस साल कई मुश्किलों का सामना करने वाले अल्कराज के लिए यह जीत मानसिक रूप से बहुत बड़ी थी। इस जीत की मदद से उन्होंने पिछले 18 महीनों में पहली बार लगातार दो सिंगल्स मैच हारने के खतरे को टाल दिया, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है।
टेलर फ्रिट्ज़ ने पूरे मैच के दौरान शानदार खेल दिखाया और साबित किया कि क्यों वे टीम वर्ल्ड के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं। इससे पहले अल्कराज के खिलाफ फ्रिट्ज़ की एकमात्र जीत पिछले साल के लेवर कप के दौरान आई थी, जहां टीम वर्ल्ड ने अंततः खिताब जीता था। फ्रिट्ज़ ने इस मैच में बहुत ही कम गलतियां कीं, जिसके कारण अल्कराज को अंक हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकनी पड़ी। अल्कराज ने मैच में कुल 42 विनर्स लगाए, जबकि फ्रिट्ज़ केवल 20 विनर्स ही लगा सके। खिलाड़ियों के इस आक्रामक खेल को देखने के लिए दर्शकों में महान टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर और एंडी मरे भी मौजूद थे, जो हर बेहतरीन शॉट पर अपनी जगह से खड़े होकर तालियां बजा रहे थे।
मैच का असली रोमांच इसके आखिरी टाई-ब्रेक में देखने को मिला। जब अल्कराज 8-9 से पीछे थे और मैच पॉइंट का सामना कर रहे थे, तब उन्होंने बेहद शांत दिमाग से एक बेहतरीन ऐस लगाकर स्कोर बराबर कर दिया। इसके तुरंत बाद जब वे दूसरे मैच पॉइंट का सामना कर रहे थे, तब उन्होंने अपने सबसे पसंदीदा शॉट 'ड्रॉप शॉट' का सहारा लिया और विपक्षी खिलाड़ी को चौंका दिया। अल्कराज की यह रणनीति पूरी तरह सफल रही और जब उन्हें खुद तीसरा मैच पॉइंट मिला, तो उन्होंने एक और सटीक ड्रॉप शॉट खेलकर मैच अपने नाम कर लिया, जिसका टेलर फ्रिट्ज़ के पास कोई जवाब नहीं था। मैच के बाद अल्कराज ने कहा कि ड्रॉप शॉट उनके खेल का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इतने करीबी और महत्वपूर्ण क्षणों में उन्होंने इसका इस्तेमाल करने की कोशिश की क्योंकि इस मैच में यह उनके लिए एक बेहतरीन हथियार साबित हुआ था।
आंद्रे अगासी की अगुवाई में टीम वर्ल्ड की जोरदार वापसी
कार्लोस अल्कराज की इस शानदार जीत से पहले, दिग्गज खिलाड़ी आंद्रे अगासी की कप्तानी वाली टीम वर्ल्ड शनिवार दोपहर के सत्र में मुकाबले पर पूरी तरह हावी होती दिख रही थी। टीम वर्ल्ड के खिलाड़ियों ने कमाल का जज्बा दिखाया, जिसकी शुरुआत एलेक्स डी मिनौर के शानदार प्रदर्शन से हुई। ऑस्ट्रेलिया के डी मिनौर ने जर्मनी के एलेक्सेंडर ज्वेरेव के खिलाफ पहले सेट में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। उन्होंने दूसरे सेट के कड़े टाई-ब्रेक को जीतकर मैच को अंतिम दौर में पहुंचाया और आखिरकार 2-6, 7-6 (7-5), 11-9 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। डी मिनौर की इस जीत ने टीम यूरोप के खेमे को हैरान कर दिया था।
टीम वर्ल्ड का यह दबदबा अगले मुकाबले में भी जारी रहा, जहां अमेरिका के युवा खिलाड़ी लर्नर टिएन ने लेवर कप में अपना शानदार डेब्यू किया। इटली के फ्लेवियो कोबोली के खिलाफ खेलते हुए इस युवा अमेरिकी ने गजब का संयम दिखाया। पहला सेट जीतने के बाद लर्नर टिएन दूसरे सेट में लय खो बैठे, लेकिन उन्होंने निर्णायक टाई-ब्रेक में खुद को संभाला और 6-3, 2-6, 10-7 से जीत हासिल की। डी मिनौर और लर्नर टिएन की इन लगातार जीतों ने टीम यूरोप पर भारी दबाव बना दिया था और ऐसा लग रहा था कि टीम वर्ल्ड इस टूर्नामेंट में बड़ी बढ़त बना लेगी।
डबल्स मुकाबले में जीत से टीम यूरोप ने फिर हासिल की बढ़त
सिंगल्स मैचों के बाद मुकाबला बराबरी पर आ चुका था, ऐसे में टीम यूरोप को दिन के आखिरी मैच में हर हाल में जीत की जरूरत थी। पहले सिंगल्स मैच में हार का सामना करने वाले एलेक्सेंडर ज्वेरेव एक बार फिर कोर्ट पर उतरे, लेकिन इस बार उनके साथ जोड़ीदार के रूप में नॉर्वे के कैस्पर रुड मौजूद थे। इन दोनों का सामना टीम वर्ल्ड के अलेक्जेंडर बुब्लिक और ब्रैंडन नकाशिमा की जोड़ी से था। ज्वेरेव अपनी पिछली हार की निराशा को पीछे छोड़कर इस डबल्स मैच में पूरी ताकत से खेले।
यूरोपीय जोड़ी ने शुरू से ही कोर्ट पर बेहतरीन तालमेल दिखाया और शानदार सर्विस तथा नेट प्ले के दम पर पहला सेट 6-4 से जीत लिया। दूसरा सेट बेहद कड़ा रहा, जिसमें बुब्लिक और नकाशिमा ने जोरदार टक्कर दी और सेट को टाई-ब्रेक तक खींच लिया। लेकिन दबाव के इन क्षणों में ज्वेरेव और कैस्पर रुड ने अपनी सर्विस पर नियंत्रण रखा और टाई-ब्रेक जीतकर मैच को 6-4, 7-6 (9-7) से अपने नाम कर लिया। इस डबल्स मैच की जीत ने यह सुनिश्चित किया कि टीम यूरोप दूसरे दिन के खेल की समाप्ति पर 7-5 की मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ कोर्ट से बाहर आए।
आखिरी दिन के खेल पर टिकीं सबकी निगाहें
लेवर कप का रोमांच अब अपने चरम पर पहुंच चुका है और रविवार को होने वाले मुकाबले बेहद निर्णायक साबित होंगे। इस अनूठे टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ते हैं, मैचों के अंकों का महत्व भी बढ़ता जाता है। शुक्रवार को मिली हर जीत के लिए एक अंक, शनिवार की जीत के लिए दो अंक दिए गए थे, जबकि रविवार को होने वाले हर मैच की जीत के लिए पूरे तीन अंक मिलेंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि मौजूदा बढ़त बहुत जल्दी बदल सकती है और जो भी टीम सबसे पहले 13 अंकों के आंकड़े को छुएगी, वह प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाएगी। टीम यूरोप जहां अपने छठे लेवर कप खिताब की तलाश में है, वहीं गत चैंपियन टीम वर्ल्ड लगातार तीसरी बार इस कप को अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी।



















