स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के सातवें दिन देर रात भारतीय पैरा एथलीटों ने इतिहास रच दिया। पुरुषों की 100 मीटर पैरा टी47 स्पर्धा में भारत ने एक ही रेस में गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडल अपने नाम कर लिए। यह जीत 29 जुलाई की देर रात हुई और इसने पूरे भारतीय दल का हौसला बढ़ा दिया।
गोल्ड-सिल्वर दोनों भारत के पास
महाराष्ट्र के पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकंड का समय निकालते हुए गोल्ड मेडल जीता। इस दौरान उन्होंने नया गेम्स रिकॉर्ड भी बना डाला। दूसरे स्थान पर मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ रहे, जिन्होंने 10.83 सेकंड में रेस पूरी कर सिल्वर मेडल हासिल किया। इंग्लैंड के केविन सैंटोस 10.85 सेकंड के साथ तीसरे नंबर पर रहे और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला।
टी47 कैटेगरी क्या होती है
टी47 कैटेगरी उन एथलीटों के लिए तय की गई है जिनका एक हाथ बेजान होता है या बेहद कमजोर होता है। इस वजह से उनकी दौड़ते समय गति और संतुलन दोनों प्रभावित होते हैं। इसके बावजूद दिलीप महादु गावित और मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ ने ट्रैक पर ऐसी रफ्तार दिखाई कि आगे कोई टिक नहीं पाया।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
इस ऐतिहासिक पल की तस्वीरें और वीडियो सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं। दोनों एथलीटों की जीत ने यह साबित कर दिया कि शारीरिक चुनौती के बावजूद हौसले और मेहनत से किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।


















