गर्मियों के साथ ही बारिश के दिनों में भी तापमान से राहत पाने के लिए एयर कूलर का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि मानसून के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने की वजह से कूलर की टंकी और घास के अंदर फफूंद, काई और बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। इसके परिणाम स्वरूप कूलर से एक अजीब सी सीलन और सड़न की दुर्गंध उठने लगती है, जो हवा के साथ पूरे कमरे में फैल जाती है। इस प्रकार की परेशानी से निजात पाने के लिए बाजार से महंगे केमिकल खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। रसोई घर में आसानी से उपलब्ध सफेद सिरका इस समस्या से निपटने में बेहद कारगर साबित हो सकता है। इसके साथ ही टंकी और पैड्स की समय पर उचित सफाई करना भी उतना ही आवश्यक होता है ताकि हवा शुद्ध बनी रहे।
टंकी की गहरी सफाई और सिरके का इस्तेमाल
कूलर को साफ करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सबसे पहले उसका बिजली का प्लग निकाल देना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। इसके बाद टंकी के अंदर मौजूद सारा गंदा पानी पूरी तरह से बाहर बहा देना चाहिए। अब टंकी की दीवारों पर जहां भी काई या गंदगी जमी हुई है, वहां सीधे सफेद सिरका डालना चाहिए या पानी में मिलाकर उसका छिड़काव करना चाहिए। इस घोल को लगभग एक घंटे तक वैसे ही छोड़ देना चाहिए ताकि गंदगी ढीली पड़ जाए। इसके पश्चात किसी पुराने ब्रश या स्क्रबर की सहायता से जमी हुई परत को हल्के हाथों से रगड़कर साफ करना चाहिए। टंकी को साफ पानी से दो से तीन बार अच्छी तरह धोना चाहिए। अंत में स्वच्छ पानी भरकर नियमित रूप से इसकी देखभाल जारी रखनी चाहिए। फिटकरी का प्रयोग करने से पहले उसके निर्देशों और पानी की गुणवत्ता संबंधी बातों को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए।
बेकिंग सोडा और नीम के तेल का अचूक मिश्रण
पानी की टंकी से उठने वाली दुर्गंध को पूरी तरह समाप्त करने के लिए बेकिंग सोडा और नीम के तेल का मिलाजुला उपयोग किया जा सकता है। सबसे पहले कूलर का मुख्य प्लग हटाकर टंकी का पुराना पानी निकाल दें और उसकी अंदरूनी सतह को अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद एक बाल्टी साफ पानी के अंदर करीब दो बड़े चम्मच बेकिंग सोडा और आठ से दस बूंद नीम का तेल अच्छी तरह मिला लें। यह विशेष मिश्रण बदबू को कम करने के साथ-साथ टंकी के अंदर के माहौल को तरोताजा बनाए रखने में सहायता करता है। कूलर के पैड्स को भी हमेशा साफ और सूखा रखना बेहद जरूरी होता है। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नीम के तेल को मिलाने का मतलब यह कतई नहीं है कि उस पानी को पीने के काम में लिया जा सके।
हनीकॉम्ब पैड्स की देखभाल और सिरके का स्प्रे
कूलर में लगे आधुनिक हनीकॉम्ब पैड्स से आने वाली बदबू और गंदगी को दूर भगाने का एक और आसान तरीका मौजूद है। इसके लिए एक लीटर पानी में दो चम्मच सफेद सिरका अच्छी तरह मिला लेना चाहिए। यदि डिटॉल जैसे कीटाणुनाशक का इस्तेमाल करना भी पड़े, तो उसे हमेशा उसके पैकेट पर छपे निर्देशों के अनुसार ही काम में लेना चाहिए। तैयार किए गए इस मिश्रण को एक स्प्रे बोतल में भरकर पैड्स के ऊपर हल्का-हल्का छिड़क देना चाहिए। सफाई का कार्य पूरा होने के बाद पैड्स को धूप या हवा में अच्छी तरह सुखाना अति आवश्यक होता है। एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि सिरका और डिटॉल को कभी भी सीधे आपस में एक साथ नहीं मिलाना चाहिए।
फिटकरी का उपयोग और पानी के ठहराव से बचाव
कूलर के पानी में फिटकरी का एक छोटा सा टुकड़ा डाल देने से पानी में मौजूद कुछ अशुद्धियां धीरे-धीरे नीचे बैठ जाती हैं। इस प्रक्रिया से टंकी का पानी काफी हद तक साफ रहता है और दुर्गंध की समस्या में भी कमी आती है। हालांकि यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि फिटकरी पानी को पूरी तरह से बैक्टीरिया मुक्त नहीं बना सकती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि टंकी के पानी को लंबे समय तक एक ही जगह जमा न रहने दें और समय-समय पर उसे खाली करके साफ करते रहें। मानसून के इन दिनों में कूलर की टंकी में पानी को ज्यादा दिनों तक रोककर नहीं रखना चाहिए। बेहतरीन सफाई और बदबू से पूर्ण बचाव के लिए हर दो से तीन दिन के अंतराल पर पुराना पानी बाहर निकाल देना चाहिए।
सुगंधित तेलों से महकाएं अपने कमरे की हवा
कूलर चलाते समय कमरे के अंदर एक हल्की और भीनी-भीनी खुशबू बनाए रखने के लिए पानी में एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें मिलाई जा सकती हैं। इसके लिए लेमनग्रास, नीलगिरी या लैवेंडर के तेल का उपयोग किया जा सकता है जिससे हवा में एक मनमोहक अहसास होने लगता है। हालांकि तेल की मात्रा को बहुत ज्यादा अधिक नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पैड्स या पानी के पंप के ऊपर चिकनाई की परत जम सकती है। इन सभी सुगंधित तेलों का प्रयोग करने से पहले एक बार कूलर निर्माता कंपनी के दिशा-निर्देशों को अवश्य पढ़ लेना चाहिए ताकि उपकरण को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।



















