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एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय हॉकी टीमों की क्लासिक नीली जर्सी हुई तय, विवाद के बाद हटा नारंगी रंगखेल
9 सित॰ 2026, 12:07 am (3 दिन पहले)· 2

एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय हॉकी टीमों की क्लासिक नीली जर्सी हुई तय, विवाद के बाद हटा नारंगी रंग

वर्ल्ड कप के दौरान नारंगी रंग को लेकर उठे विवाद के बाद हॉकी इंडिया ने कदम पीछे खींच लिए हैं। 2026 एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें एक बार फिर अपने पार पारंपरिक नीले परिधान में खेलती दिखाई देंगी।

भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीमों के किट के रंग को लेकर बना सस्पेंस और विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। आगामी 2026 एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें अपने पहचान बन चुके पारंपरिक नीले रंग की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेंगी। नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित हुए एफआईएच वर्ल्ड कप (FIH World Cup) के दौरान नीली जर्सी की जगह नारंगी रंग के परिधान को अपनाने का निर्णय लिया गया था, जिसकी व्यापक आलोचना हुई थी और खेल जगत में तीखी बहस छिड़ गई थी। अब इस निर्णय को बदलते हुए नीले रंग की वापसी पर अंतिम मुहर लग गई है।

वर्ल्ड कप में नारंगी किट के प्रयोग और उस पर उठे विवाद

हॉकी इंडिया द्वारा नीली जर्सी की जगह नारंगी परिधान लाने के पीछे तर्क दिया गया था कि नीले टर्फ पर नीले रंग के कपड़े पहनने से मैदान और टीवी स्क्रीन पर खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से पहचानने में बाधा उत्पन्न होती है। हालांकि, जब एफआईएच वर्ल्ड कप में भारतीय टीम नारंगी जर्सी पहनकर उतरी, तो इस फैसले का कड़ा विरोध शुरू हो गया। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने भी इस प्रक्रिया पर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाए थे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि किट का रंग बदलने की यह कवायद उनकी जानकारी या हॉकी इंडिया के निर्वाचित नेतृत्व और कार्यकारी बोर्ड की औपचारिक सहमति के बिना की गई थी।

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भारतीय ओलंपिक संघ को भेजी गई नीले रंग की प्राथमिक पसंद

आगामी महाद्वीपीय प्रतियोगिता के संदर्भ में स्थिति साफ करते हुए दिलीप तिर्की ने जानकारी दी कि भारतीय ओलंपिक संघ ने टीमों की किट के रंग के संबंध में विकल्प मांगे थे। इसके जवाब में हॉकी इंडिया ने अपनी पहली पसंद के रूप में नीले रंग को आधिकारिक तौर पर पेश किया, जबकि नारंगी रंग को केवल दूसरे विकल्प के रूप में रखा गया था। तिर्की ने याद दिलाया कि उन्होंने वर्ल्ड कप आयोजन से पूर्व भी यह स्पष्ट कर दिया था कि नारंगी रंग का चयन कोई स्थायी बदलाव नहीं था और भविष्य के टूर्नामेंटों में इसमें संशोधन संभव है। उन्होंने पुष्टि की कि 2026 एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ी नीली जर्सी में ही अपनी चुनौती पेश करेंगे।

पूर्व कप्तानों की आपत्ति और राजनीतिक रूप से गरमाया मुद्दा

भारतीय हॉकी की पहचान मानी जाने वाली नीली जर्सी को हटाने के निर्णय पर देश के कई दिग्गज हॉकी सितारों ने भी अपनी नाराजगी जताई थी। पूर्व राष्ट्रीय कप्तानों वीरन रसक्विन्हा, परगट सिंह, धनराज पिल्लै और अजित पाल सिंह ने सार्वजनिक रूप से नारंगी रंग की किट पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। दिग्गज खिलाड़ियों के विरोध के साथ ही यह मामला खेल के मैदान से बाहर निकलकर एक राजनीतिक बहस का रूप भी ले चुका था, जिससे हॉकी इंडिया पर अपनी नीति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ गया था।

एशियन गेम्स और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का रास्ता

हालिया वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था और टीम को आठवें स्थान से ही संतोष करना पड़ा था। दूसरी ओर, भारतीय महिला हॉकी टीम ने टूर्नामेंट में पांचवां स्थान प्राप्त किया, जो वर्ष 1974 के बाद से वर्ल्ड कप के इतिहास में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अब दोनों टीमों का पूरा ध्यान 2026 एशियन गेम्स पर केंद्रित है। यह प्रतियोगिता केवल महाद्वीपीय स्तर पर सम्मान हासिल करने का जरिया नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक (LA 2028) का सीधा क्वालिफिकेशन भी दांव पर रहेगा। ऐसे में अपनी पुरानी नीली जर्सी में मैदान पर उतरने वाली भारतीय टीमों के लिए यह टूर्नामेंट बेहद निर्णायक साबित होने वाला है।

सवाल-जवाब

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम किस रंग की जर्सी पहनेगी?
भारतीय पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें 2026 एशियन गेम्स में अपने पारंपरिक नीले रंग की जर्सी पहनकर खेलेंगी।
वर्ल्ड कप में नारंगी जर्सी क्यों पहनी गई थी?
नीले टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से खिलाड़ियों की पहचान करने में आ रही कठिनाइयों का हवाला देकर नारंगी किट लागू की गई थी।
नारंगी जर्सी को लेकर विवाद क्यों हुआ?
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने कहा कि यह फैसला उनकी और कार्यकारी बोर्ड की मंजूरी के बिना लिया गया था, साथ ही कई पूर्व कप्तानों ने भी इसका कड़ा विरोध किया।
किन पूर्व हॉकी कप्तानों ने नारंगी जर्सी का विरोध किया था?
पूर्व कप्तान वीरन रसक्विन्हा, परगट सिंह, धनराज पिल्लै और अजित पाल सिंह ने नारंगी जर्सी को लेकर अपनी आपत्तियां जताई थीं।
वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष और महिला टीमों का प्रदर्शन कैसा रहा?
एफआईएच वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष टीम आठवें स्थान पर रही, जबकि महिला टीम ने 1974 के बाद से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया।
भारतीय टीमों के लिए 2026 एशियन गेम्स क्यों महत्वपूर्ण हैं?
एशियन गेम्स महाद्वीपीय प्रतिष्ठा के साथ-साथ 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक (LA 2028) का सीधा क्वालिफिकेशन हासिल करने का जरिया हैं।
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