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ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भारत को राहत: रोहित यादव और यशवीर सिंह ने करियर बेस्ट थ्रो के साथ कटा टिकट, नीरज पर सस्पेंस कायमखेल
14 जून 2026, 12:13 am (45 दिन पहले)· 3

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भारत को राहत: रोहित यादव और यशवीर सिंह ने करियर बेस्ट थ्रो के साथ कटा टिकट, नीरज पर सस्पेंस कायम

रोहित यादव और यशवीर सिंह ने 13 जून को करियर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया, जबकि चोटिल नीरज चोपड़ा के खेलने पर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।

ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की तैयारियों के बीच भारतीय एथलेटिक्स को एक सकारात्मक खबर मिली है। स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा की फिटनेस पर भले ही पर्दा अभी न उठा हो, लेकिन दो उभरते भारतीय जैवलिन थ्रोअर्स ने अपने दमदार प्रदर्शन से देश को बड़ी राहत दे दी है। रोहित यादव और यशवीर सिंह ने ऐन वक्त पर मिले मौके को हाथ से नहीं जाने दिया और मेगा इवेंट के लिए अपनी जगह पक्की कर ली।

आखिरी मौके पर रचा इतिहास

13 जून का दिन इन दोनों एथलीटों के करियर का सबसे यादगार दिन बन गया। रोहित यादव ने 83.76 मीटर और यशवीर सिंह ने 82.93 मीटर की दूरी तक भाला फेंका — दोनों ही थ्रो उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ रहे। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने क्वालिफिकेशन के लिए 82.61 मीटर का मार्क तय किया था, जिसे दोनों ने बड़े आराम से लांघ दिया।

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खास बात यह रही कि इस सीजन में क्वालिफाई करने का यह उनके लिए आखिरी अवसर था। दरअसल, AFI ने शुरुआत में मई में आयोजित फेडरेशन कप को कट-ऑफ इवेंट के रूप में चुना था, लेकिन उस दौरान चली तेज हवाओं ने सारे समीकरण बिगाड़ दिए और कोई भी खिलाड़ी निर्धारित मार्क तक नहीं पहुंच सका। इसी वजह से लुधियाना में ‘इंडियन एथलेटिक्स सीरीज’ का एक अतिरिक्त चरण रखा गया, और यहीं रोहित तथा यशवीर ने कमाल कर दिखाया।

सचिन यादव की चोट और अधिकारियों की चिंता

इन दोनों युवाओं का यह प्रदर्शन इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि भारतीय एथलेटिक्स के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनलिस्ट सचिन यादव को कोहनी की चोट के चलते इस इवेंट से हटना पड़ा, और इसी के साथ ग्लासगो में उनके उतरने की उम्मीदें भी लगभग खत्म हो गई हैं। पिछले साल टोक्यो वर्ल्ड चैंपियनशिप में चौथे पायदान पर रहे 26 वर्षीय सचिन इस सीजन में फॉर्म और फिटनेस दोनों से जूझते नजर आए। रोम डायमंड लीग में उनका थ्रो महज 79.18 मीटर तक पहुंचा और वे आठवें स्थान पर रहे — यह उनके पर्सनल बेस्ट 86.27 मीटर से काफी पीछे था। ऐसे में रोहित और यशवीर के क्वालिफाई करने से अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।

श्रीलंका से बढ़ती चुनौती

टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने के बाद से देश में जैवलिन थ्रो को लेकर दीवानगी कई गुना बढ़ी है और भारत इस स्पर्धा में एक बड़ी ताकत के रूप में पहचान बना चुका है। मगर अब पड़ोसी देश श्रीलंका भारतीय थ्रोअर्स को कड़ी टक्कर देने लगा है। श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का जबरदस्त थ्रो फेंककर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया, जिससे भारतीय खेमे की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

नीरज चोपड़ा पर बरकरार सस्पेंस

देश के सबसे बड़े सितारे और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता (गोल्ड और सिल्वर) नीरज चोपड़ा के कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलने को लेकर तस्वीर अब भी साफ नहीं है। पीठ की चोट से उबरने में लगे नीरज 19 जून को होने वाली दोहा डायमंड लीग से भी अपना नाम वापस ले चुके हैं। फिलहाल 28 वर्षीय यह एथलीट स्विट्जरलैंड के बिएन शहर में अपने फिजियो इशान मारवाहा और कोच जय चौधरी के साथ 47 दिनों के सख्त ऑफ-सीजन ट्रेनिंग कैंप में जुटे हुए हैं। उनकी कोशिश कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स से पहले पूरी तरह फिट होने की है, लेकिन चोट की गंभीरता को देखते हुए उनके मैदान पर लौटने को लेकर संशय अभी कायम है।

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