भारतीय सिनेमा और संगीत के इतिहास में कई विदाई गीत बनाए गए हैं, लेकिन कुछ रचनाएं समय की सीमा से परे अमर हो जाती हैं। साल 1989 में आई फिल्म दाता का कालजयी गाना 'बाबुल का ये घर बहना' इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है। इस भावुक गीत में अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती पर फिल्माए गए दृश्यों ने दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए थे। आज 37 साल का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी विवाह समारोहों में दुल्हन की विदाई के समय यह गाना सबसे पहली पसंद बना हुआ है और भारतीय शादियों के वीडियो में इसका व्यापक इस्तेमाल होता है।
किशोर कुमार और अलका याज्ञनिक की आवाज का जादू
इस यादगार गीत को संगीत की दुनिया के दो महान गायकों किशोर कुमार और अलका याज्ञनिक ने अपनी सुरीली आवाज दी है। गाने के बोल और धुन में ऐसा दर्द और अपनापन पिरोया गया है जो हर बेटी के पिता और भाई के दिल को छू लेता है। विवाह के बाद बाबुल का आंगन छोड़कर अपने नए घर की ओर कदम बढ़ाती बेटी के भावुक पलों को इस गाने के जरिए बखूबी बयां किया गया है। यही वजह है कि तीन दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई अन्य बॉलीवुड विदाई गीत इस गाने की लोकप्रियता और भावनात्मक गहराई की जगह नहीं ले पाया है।
पद्मिनी कोल्हापुरे के करियर के ऐतिहासिक पड़ाव
इस गाने में अपनी अदाकारी से हर किसी को भावुक करने वाली अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे का हिंदी सिनेमा में सफर बेहद खास रहा है। उन्होंने मात्र 17 साल की उम्र में अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता के बल पर बेस्ट एक्ट्रेस का प्रतिष्ठित खिताब हासिल कर लिया था। उनकी संजीदा अदाकारी ने उन्हें अपने दौर की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों की श्रेणी में खड़ा कर दिया। अपने अभिनय के अलावा वह अपनी सुरीली आवाज के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने 56 वर्ष की आयु में अपने ही सुपरहिट गाने 'ये गलियां ये चौबारा' को दोबारा गाकर अपनी गायकी का जादू बिखेरा था।
शादियों के वीडियो और विदाई के पलों में खास पहचान
भारतीय शादी समारोहों में वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के बदलते दौर में भी 'बाबुल का ये घर बहना' गाने का महत्व कम नहीं हुआ है। कैसिट और सीडी के जमाने से लेकर आधुनिक डिजिटल वेडिंग फिल्मों तक, विदाई के मुख्य दृश्यों के बैकग्राउंड में इस गाने की धुन का इस्तेमाल लगातार किया जाता रहा है। 37 वर्षों का समय बीतने के बावजूद इस गाने से जुड़ा भावनात्मक जुड़ाव आज की पीढ़ी के बीच भी उतना ही गहरा है जितना 1989 में इसके रिलीज के समय था।


















