पाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तटाटा संस में एन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर विवाद, नोएल टाटा ने बोर्ड के फैसले पर उठाई आपत्तिजनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवालमूलांक 8 दैनिक अंकज्योतिष 27 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा सहयोग और आर्थिक मामलों में बरतें सावधानीपर्यावरण के अनुकूल उद्यमों से करें मोटी कमाई, सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर मिल रही बंपर सरकारी छूटबेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर जनता का फैसला, गाजा युद्ध और सेना भर्ती विवाद के बीच नई संसद चुनने निकला इजरायलअमृतसर के चीते कलां में आम आदमी पार्टी सरपंच के बेटे की गोली मारकर हत्या, साथी जख्मीरिपल को मिला ओसीसी का अंतिम अप्रूवल, नेशनल ट्रस्ट बैंक के जरिए स्टेबलकॉइन आरएलयूएसडी को मिलेगा सीधा फेडरल सपोर्टगोंदिया में टिफिन और शरीर पर गांजा छिपाकर तस्करी करने वाले दो तस्कर गिरफ्तार
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारोत्तोलक राजा मुथुपंडी ने जीता सिल्वर मेडल, गंभीर चोट से उबरकर रचा इतिहासखेल
27 जुल॰ 2026, 7:28 am (92 दिन पहले)· 3

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारोत्तोलक राजा मुथुपंडी ने जीता सिल्वर मेडल, गंभीर चोट से उबरकर रचा इतिहास

ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के चौथे दिन भारतीय भारोत्तोलक राजा मुथुपंडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में 286 किग्रा वजन उठाकर सिल्वर मेडल हासिल किया। 2019 में कोहनी की गंभीर चोट से उबरने के बाद 26 वर्षीय एथलीट की यह एक यादगार अंतरराष्ट्रीय वापसी है।

ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के चौथे दिन भारतीय भारोत्तोलक राजा मुथुपंडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम भारवर्ग में असाधारण खेल दिखाते हुए भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता है। 26 साल के भारतीय लिफ्टर ने स्नैच तथा क्लीन एंड जर्क दोनों दौर को मिलाकर कुल 286 किलोग्राम वजन उठाया और पोडियम पर दूसरा स्थान हासिल किया। यह चालू राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय भारोत्तोलन टीम का चौथा मेडल है। राजा मुथुपंडी की यह सफलता उनके व्यक्तिगत जीवन और खेल करियर में बेहद खास मायने रखती है, क्योंकि कुछ साल पहले एक गंभीर शारीरिक चोट की वजह से उनका करियर पूरी तरह समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया था।

स्नैच और क्लीन एंड जर्क में दमदार प्रदर्शन

प्रतियोगिता के दौरान राजा मुथुपंडी ने शुरुआत से ही अपनी दावेदारी मजबूती से पेश की। स्नैच राउंड में उन्होंने अपने पहले प्रयास के बाद रणनीति बदलते हुए दूसरे प्रयास में 126 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया और प्रतियोगिता में महत्वपूर्ण बढ़त बनाई। इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और अपने दूसरे प्रयास में 160 किलोग्राम भार उठाने में सफलता पाई। इन दोनों दौर के शानदार प्रदर्शन के चलते उन्होंने कुल 286 किलोग्राम (126 किग्रा स्नैच और 160 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का स्कोर बनाकर ग्लासगो में भारत का मान बढ़ाया।

ये भी पढ़ें

इसी स्पर्धा में मलेशिया के दिग्गज खिलाड़ी अजनील बिन बिदिन मोहम्मद ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 299 किलोग्राम वजन उठाकर नया रिकॉर्ड कायम किया और पहला स्थान प्राप्त किया। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अजनील बिन बिदिन मोहम्मद का यह लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है, जो इस भारवर्ग में उनके वर्चस्व को साबित करता है।

2019 की चोट और करियर की ऐतिहासिक वापसी

राजा मुथुपंडी के लिए यह मेडल एक यादगार वापसी का प्रतीक है। साल 2019 में उन्हें कोहनी की गंभीर चोट का सामना करना पड़ा था। इस चोट की वजह से उन्हें लंबे समय तक मैदान से बाहर रहना पड़ा और उनका खेल करियर लगभग खत्म होने की स्थिति में आ गया था। इसी इंजरी के कारण वे 2022 में बर्मिंघम में आयोजित किए गए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भाग नहीं ले पाए थे। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और कठिन पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरने के बाद वापसी की।

जब अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन में 65 किलोग्राम भारवर्ग की शुरुआत हुई, तो राजा मुथुपंडी ने भारतीय राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह दोबारा बनाई। इसके बाद उन्होंने लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। साल 2025 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने अपने करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 299 किलोग्राम वजन उठाया था और वैश्विक स्तर पर नौवां स्थान हासिल किया था। उसी फॉर्म को जारी रखते हुए उन्होंने अब 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को सिल्वर मेडल दिलाया है।

चौथे दिन भारत का पदक अभियान और मेडल टैली की स्थिति

कॉमनवेल्थ गेम्स के चौथे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने बहुमूल्य पदक हासिल किए और दिन भर में कुल 3 मेडल अपने नाम किए। राजा मुथुपंडी से पहले भारत की स्टार वेटलिफ्टर और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में दबदबा बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता। राष्ट्रमंडल खेलों में मीराबाई चानू का यह लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। उनके अलावा पुरुषों के 60 किलोग्राम भारवर्ग में चनंबम ऋषिकांत सिंह ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता।

टूर्नामेंट के दूसरे दिन पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में झंडू कुमार ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इन सभी सफलताओं के साथ 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के भारोत्तोलन और पावरलिफ्टिंग दल के कुल पदकों की संख्या 4 हो गई है, जिनमें 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इन परिणामों के बाद भारत पदक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। इस बीच, ऑस्ट्रेलिया कुल 24 मेडल (जिन्में 12 गोल्ड मेडल शामिल हैं) के साथ मेडल टैली में पहले स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है।

सवाल-जवाब

2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में राजा मुथुपंडी ने कौन सा मेडल जीता?
राजा मुथुपंडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में कुल 286 किग्रा वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता।
पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल किसने जीता?
मलेशिया के अजनील बिन बिदिन मोहम्मद ने रिकॉर्ड 299 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल हासिल किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स के चौथे दिन भारत ने कुल कितने मेडल जीते?
चौथे दिन भारत ने कुल 3 मेडल जीते, जिनमें मीराबाई चानू का गोल्ड, राजा मुथुपंडी का सिल्वर और चनंबम ऋषिकांत सिंह का सिल्वर शामिल है।
राजा मुथुपंडी 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में क्यों नहीं खेल पाए थे?
साल 2019 में कोहनी की गंभीर चोट लगने के कारण वे 2022 बर्मिंघम खेलों में हिस्सा नहीं ले सके थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp