स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा देखने को मिल रहा है। रिंग में भारतीय एथलीट एक के बाद एक पदक पक्के कर रहे हैं। इसी शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए स्टार रिंग फाइटर जैस्मीन लांबोरिया ने इंग्लैंड की खिलाड़ी को मात देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह तय कर ली है। उनकी इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में अपना 10वां पदक सुनिश्चित कर लिया, जो इस खेल के इतिहास में देश का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन बन गया है।
क्वार्टरफाइनल मुकाबले में जैस्मीन लांबोरिया का शानदार प्रदर्शन
महिला 57 किलोग्राम भार वर्ग के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में जैस्मीन लांबोरिया का सामना मेजबान देश इंग्लैंड की मुक्केबाज एलिस ग्लिन से हुआ। दोनों एथलीटों के बीच रिंग में कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारतीय खिलाड़ी ने पूरे मुकाबले के दौरान सटीक पंच और उत्कृष्ट रक्षात्मक कौशल का परिचय दिया। अंततः जजों ने 4-1 के स्प्लिट डिसीजन से जैस्मीन के पक्ष में फैसला सुनाया। इस जीत के साथ ही उन्होंने अंतिम-4 में प्रवेश किया और कम से कम कांस्य पदक पर अपनी मुहर लगा दी।
जैस्मीन लांबोरिया को महिला 57 किग्रा स्पर्धा के शुरुआती दौर यानी राउंड ऑफ 16 में बाय मिला था। इस वजह से उनका अभियान सीधे क्वार्टरफाइनल चरण से शुरू हुआ। उन्होंने अपने पहले ही मैच में अपनी विरोधी को परास्त करके भारतीय दल के मेडल टैली को और मजबूती प्रदान की। उल्लेखनीय है कि मौजूदा फेदरवेट वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन ने इससे पहले वर्ष 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी कांस्य पदक अपने नाम किया था। अब लगातार दूसरे राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। खेल की आधिकारिक संस्था द्वारा Media SAI के जरिए इस उपलब्धि से जुड़ी जानकारी साझा की गई।
कॉमनवेल्थ गेम्स के मुक्केबाजी इतिहास में बना नया रिकॉर्ड
जैस्मीन की इस सफलता ने ग्लासगो 2026 में भारतीय मुक्केबाजी का नया अध्याय लिख दिया है। यह इस संस्करण में भारत का 10वां बॉक्सिंग मेडल है। इससे पहले भारत ने किसी भी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में मुक्केबाजी के अंदर इतने मेडल कभी नहीं हासिल किए थे। इससे पूर्व भारतीय मुक्केबाजों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में देखने को मिला था, जहां देश ने कुल 9 पदक जीते थे। ग्लासगो की धरती पर भारतीय बॉक्सरों ने 2018 के उस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए सर्वकालिक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
पदक पक्का करने वाले भारतीय मुक्केबाजों की पूरी सूची
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की ओर से पदक सुनिश्चित करने वाले सभी 10 मुक्केबाजों में महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों के खिलाड़ी शामिल हैं। इन मुक्केबाजों और उनके भार वर्ग का विवरण निम्नलिखित है
- लवलीना बोरगोहेन: 75 किलोग्राम वर्ग
- प्रिया घंघास: 60 किलोग्राम वर्ग
- प्रीति पवार: 54 किलोग्राम वर्ग
- जादुमणि सिंह: 55 किलोग्राम वर्ग
- साक्षी चौधरी: 51 किलोग्राम वर्ग
- अरुंधति चौधरी: 70 किलोग्राम वर्ग
- सचिन सिवाच: 60 किलोग्राम वर्ग
- अंकुश: 80 किलोग्राम वर्ग
- नरेंद्र बड़वाल: +90 किलोग्राम वर्ग
- जैस्मीन लांबोरिया: 57 किलोग्राम वर्ग
इन 10 खिलाड़ियों द्वारा पोडियम स्थान पक्का कर लेने के बाद अब पूरे देश की उम्मीदें आगामी सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों पर टिकी हुई हैं। भारतीय दल का पूरा प्रयास रहेगा कि वे रिंग में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के दम पर सुनिश्चित हो चुके कांस्य पदकों को स्वर्ण पदक और रजत पदक में तब्दील करें।



















