हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा है। एम्सटेलवीन के वेगेनर हॉकी स्टेडियम में 17 अगस्त को खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में एक समय टीम इंडिया की स्थिति बेहद मजबूत थी और स्कोर 2-1 से उनके पक्ष में था। शुरुआती दो क्वार्टर तक भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी पकड़ बनाए रखी और इंग्लैंड की टीम पर लगातार दबाव कायम रखा। हालांकि, खेल का पासा पूरी तरह से दूसरे हाफ में पलट गया जब इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने शानदार वापसी करते हुए लगातार गोल दागे और अंततः पूल डी के इस अहम मैच को 4-2 अपने नाम कर लिया।
मैच की शुरुआत काफी तेज रफ्तार के साथ हुई थी। मुकाबला शुरू होने के सातवें मिनट में जरमनप्रीत सिंह के पास गोल करने का बेहतरीन मौका आया था, लेकिन उनका शॉट लक्ष्य पर नहीं लग सका और बाहर चला गया। इसके तुरंत बाद 14वें मिनट में इंग्लैंड ने अपनी आक्रामक रणनीति का परिचय देते हुए पहला गोल कर दिया। एक सटीक एरियल पास ने भारतीय डिफेंस को गच्चा दे दिया, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए निकोलस बैंडुराक ने गोल दागा और इंग्लैंड को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी।
पहले हाफ में दिखा भारत का दबदबा
मैच के दूसरे क्वार्टर की शुरुआत भारतीय टीम ने जोरदार अंदाज में की और जल्द ही स्कोर बराबर कर लिया। टीम को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक мощदार फ्लिक लगाते हुए गेंद को सीधे गोल के ऊपरी बाएं कोने में पहुंचा दिया। इस बराबरी के गोल से भारतीय खेमे में जोश भर गया और इसके कुछ ही मिनटों बाद भारत ने बढ़त भी हासिल कर ली। मिडफील्डर हार्दिक सिंह ने बेसलाइन से बेहद चालाकी से गेंद को अभिषेक तक पहुंचाया और अभिषेक के इस शानदार पास को दिलप्रीत सिंह ने बिना चूक किए गोल में बदल दिया, जिससे स्कोर 2-2 से बदलकर 2-1 हो गया और भारत आगे हो गया।
हाफ टाइम की सीटी बजने तक भारतीय टीम मुकाबले में आगे चल रही थी। पहले दो क्वार्टर के खेल के दौरान भारत ने इंग्लैंड के तीन शॉट्स के मुकाबले गोल पर कुल आठ शॉट लगाए थे, जो मैदान पर उनके दबदबे को साफ तौर पर बयां कर रहे थे। इस बीच, खेल से जुड़े अपडेट्स के लिए हॉकी इंडिया के आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी मुकाबलों की जानकारी साझा की गई।
दूसरे हाफ में पूरी तरह पलटा मुकाबला
मैच का तीसरा क्वार्टर इंग्लैंड के नाम रहा, जिन्होंने रणनीतिक बदलाव करते हुए जबरदस्त वापसी की। खेल के 39वें मिनट में स्टुअर्ट रशमेयर ने एक रिवर्स स्टिक का इस्तेमाल करते हुए गेंद को भारतीय गोलकीपर मोहिथ के मुस्तैद डिफेंस को पार कराते हुए गोल के अंदर पहुंचा दिया और स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके ठीक बाद 43वें मिनट में हेनरी क्रॉफ्ट ने एक तेजतर्रार हिट लगाकर इंग्लैंड को 3-2 से आगे कर दिया। खास बात यह है कि यह इस टूर्नामेंट में हेनरी क्रॉफ्ट का पहला गोल था।
भारत ने मैच में वापसी करने और स्कोर बराबर करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन विरोधी टीम के मजबूत डिफेंस ने उनके हर हमले को नाकाम कर दिया। मुकाबला समाप्त होने से ठीक पहले 55वें मिनट में निकोलस बैंडुराक ने पेनल्टी कॉर्नर पर एक बेहतरीन लो फ्लिक के जरिए अपना दूसरा गोल दाग दिया और इंग्लैंड की बढ़त को 4-2 तक पहुंचा दिया। इस हार के बाद पूल डी की अंक तालिका में समीकरण काफी बदल चुके हैं। इंग्लैंड की टीम अपने दोनों मुकाबले जीतकर 6 अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज है और अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर चुकी है। दूसरी ओर, भारतीय टीम एक जीत और एक हार के साथ फिलहाल दूसरे स्थान पर बनी हुई है।
सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए अब हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली भारतीय टीम को अपना अगला और आखिरी पूल मुकाबला हर हाल में जीतना होगा, जो पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ खेला जाना है। इस ग्रुप में पाकिस्तान और वेल्स की टीमें दो-दो मैच खेलने के बाद एक-एक अंक के साथ संघर्ष कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ के ताजा घटनाक्रम की जानकारी के लिए एफआईएच हॉकी के आधिकारिक एक्स अकाउंट को देखा जा सकता है।



















