जापान के आइची-नागोया में एशियाई खेल 2026 का आधिकारिक आगाज होने के साथ ही भारतीय खिलाड़ियों को मेजबान शहर में प्रशासनिक और ढांचागत दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। खेल गांव और आयोजन स्थलों पर पहुंचे एथलीटों को ठहरने के लिए होटल के कमरों की किल्लत का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही जरूरी पंजीकरण प्रक्रियाओं के लिए प्रतिभागियों को कई घंटों तक कतारों में इंतजार करना पड़ा, जबकि स्थानीय स्वयंसेवकों की ओर से भी खिलाड़ियों को समय पर जरूरी सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
ध्वजवाहक में अंतिम क्षणों में बदलाव
उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के नेतृत्व को लेकर ऐन वक्त पर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। निशानेबाज मनु भाकर के साथ कबड्डी स्टार पवन सहरावत को संयुक्त रूप से भारत का ध्वजवाहक चुना गया। इससे पहले गोला फेंक एथलीट तेजिंदर पाल सिंह तूर को मनु भाकर के साथ तिरंगा थामने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, तेजिंदर पाल सिंह तूर की आधिकारिक किट समय पर नागोया नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते वे इस समारोह में ध्वजवाहक के रूप में शामिल नहीं हो पाए और उनकी जगह पवन सहरावत को यह दायित्व सौंपा गया।
उद्घाटन समारोह और प्रतियोगिता का दायरा
इस विशाल बहु-खेल महाकुंभ की ओपनिंग सेरेमनी का समय भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 30 मिनट निर्धारित किया गया। एशिया भर के विभिन्न देशों से आए 17000 से अधिक खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के अलग-अलग मुकाबलों में अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं। भारत 36 खेल स्पर्धाओं में अपनी भागीदारी दर्ज करा रहा है, जहां कई प्रमुख एथलीटों से देश के लिए पदक जीतने की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।



















