कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार एथलीट और टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा एक बार फिर ट्रैक एंड फील्ड में परचम लहराने के लिए तैयार हैं। करोड़ों खेल प्रेमी और प्रशंसक जैवलीन थ्रो प्रतिस्पर्धा में उनकी शानदार वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के मंच पर वापसी करते हुए नीरज चोपड़ा से देशवासियों को एक और स्वर्णिम सफलता की पूरी उम्मीद है। 30 जुलाई की दोपहर को शुरू हो रहे क्वालिफिकेशन दौर के साथ ही नीरज चोपड़ा अपने अभियान का आगाज करेंगे, जहां पूरे भारत की निगाहें उनके प्रदर्शन और पदक तालिका में भारत की बढ़त पर टिकी होंगी।
राष्ट्रमंडल खेलों में 2018 की ऐतिहासिक सफलता और स्वर्णिम सफर
नीरज चोपड़ा के अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे यादगार और नींव रखने वाली सफलताओं में राष्ट्रमंडल खेलों का विशेष योगदान रहा है। साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान उन्होंने 86.47 मीटर का जबरदस्त थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ वह पुरुषों की जैवलीन थ्रो स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों का गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बने थे। गोल्ड कोस्ट की इस बड़ी कामयाबी के बाद नीरज चोपड़ा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने विश्व स्तरीय ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में लगातार भारत का गौरव बढ़ाया, जिसमें टोक्यो ओलंपिक का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक सबसे प्रमुख और अविस्मरणीय उपलब्धि रही है। अब 8 साल के लंबे इंतजार के बाद वह राष्ट्रमंडल खेलों में एक बार फिर भारत के लिए स्वर्णिम थ्रो फेंकने के इरादे से मैदान में उतर रहे हैं।
क्वालिफिकेशन दौर का समय और सीधे फाइनल में प्रवेश का गणित
भाला फेंक स्पर्धा में नीरज चोपड़ा ने काफी समय पहले ही राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए अपनी जगह सुरक्षित कर ली थी। प्रतियोगिता के तय कार्यक्रम के अनुसार, 30 जुलाई की दोपहर भारतीय समयानुसार 2:55 बजे पुरुषों के जैवलीन थ्रो का क्वालिफिकेशन दौर शुरू होगा। इस दौर में नीरज चोपड़ा से काफी सहजता के साथ फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद की जा रही है। नियमों के मुताबिक, क्वालिफिकेशन राउंड के दौरान जो भी एथलीट 84 मीटर या उससे अधिक दूरी का थ्रो हासिल कर लेगा, वह बिना किसी जटिलता के सीधे मेडल इवेंट के लिए अपनी जगह पक्का कर लेगा। नीरज चोपड़ा की मौजूदा क्षमता को देखते हुए प्रशंसकों को पूरा भरोसा है कि वह शुरुआती प्रयासों में ही 84 मीटर का आंकड़ा पार कर फाइनल का टिकट हासिल कर लेंगे।
मेडल इवेंट का शेड्यूल, लाइव टेलीकास्ट और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की जानकारी
खेल प्रेमियों के लिए 30 जुलाई का दिन बेहद रोमांचक रहने वाला है। दोपहर में क्वालिफिकेशन दौर पूरा होने के बाद, उसी रात यानी भारतीय समयानुसार देर रात 12:45 बजे पुरुषों की जैवलीन थ्रो स्पर्धा का मेडल राउंड खेला जाएगा। भारतीय प्रशंसक इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से लाइव देख सकते हैं। टेलीविजन पर इस स्पर्धा का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के प्रमुख चैनलों जैसे सोनी टेन-1 और सोनी टेन-3 पर किया जाएगा। इसके अलावा, जो फैंस मोबाइल या इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन स्ट्रीमिंग देखना चाहते हैं, वे सोनी लिव ऐप पर लॉगिन करके नीरज चोपड़ा के थ्रो और मेडल राउंड का सीधा आनंद ले सकते हैं।
फिटनेस की चुनौतियां और 90 मीटर क्लब के प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला
नीरज चोपड़ा का बीता एक साल चोट और फिटनेस संबंधी समस्याओं से भरा रहा है, जिसके कारण उन्हें कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से दूरी बनानी पड़ी थी। एक लंबे रिहैबिलिटेशन और ब्रेक के बाद उन्होंने पिछले महीने दोहा डायमंड लीग के जरिए प्रतिस्पर्धी मैदान में वापसी की थी। हालांकि, दोहा में वह अपनी सर्वश्रेष्ठ लय और फॉर्म में नजर नहीं आए थे। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उनके सामने स्वर्ण पदक की राह आसान नहीं होगी, क्योंकि उन्हें दुनिया के दिग्गज एथलीटों की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरागे और पाकिस्तान के अरशद नदीम जैसे स्टार थ्रोअर इस स्पर्धा में मौजूद हैं, जो पूर्व में 90 मीटर से अधिक का थ्रो फेंकने का कारनामा अंजाम दे चुके हैं। इनके साथ ही ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स भी पोडियम की दौड़ में नीरज चोपड़ा के लिए एक बेहद मजबूत और कठिन प्रतिद्वंद्वी साबित होंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों की अन्य बड़ी उपलब्धियां
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय दल का प्रदर्शन अब तक बेहद शानदार और सराहनीय रहा है। नीरज चोपड़ा के मैदान में उतरने से पहले भी कई भारतीय खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है। भारत के स्टार लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर ने फाइनल मुकाबले में 8.09 मीटर की शानदार छलांग लगाते हुए लगातार दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक अपने नाम किया है। वहीं एथलेटिक्स में भारत का दबदबा कायम रखते हुए दिलीप महादु गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में शानदार दौड़ लगाते हुए भारत की झोली में एक और स्वर्णिम पदक डाला है। भारतीय खिलाड़ियों की इन बैक-टू-बैक सफलताओं ने नीरज चोपड़ा के मुकाबले से ठीक पहले भारतीय दल और प्रशंसकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है।



















