शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों के बीच खेले गए वर्ल्ड चैंपियंस ऑफ लेजेंड्स के फाइनल मुकाबले में वेस्टइंडीज चैंपियंस की टीम ने एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की। कैरेबियाई धुरंधरों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड चैंपियंस को नौ विकेट से रौंदकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस खिताबी मुकाबले में पहले गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी के दम पर विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका, और फिर बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 17 ओवर में मुकाबला खत्म कर दिया।
ड्वेन ब्रावो की अगुआई में कैरेबियाई गेंदबाजों ने कसा शिकंजा
यूएई के मैदान पर टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड चैंपियंस की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कैरेबियाई टीम के अनुभवी ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो ने गेंद से कमाल दिखाते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। ब्रावो ने अपने कोटे के चार ओवरों में मात्र 21 रन खर्च किए और तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने इंग्लैंड के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। ब्रावो के अलावा फिदेल एडवर्ड्स, शेल्डन कॉटरेल, रेमन रिफर और कार्लोस ब्रेथवेट ने भी अनुशासित गेंदबाजी करते हुए एक-एक सफलता अपने नाम की। इस सधी हुई गेंदबाजी के चलते इंग्लैंड की टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट खोकर केवल 159 रन ही बना सकी।
मोइन अली और ओवेश शाह ने संभाली थी इंग्लैंड की पारी
खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड चैंपियंस के शीर्ष क्रम के ज्यादातर बल्लेबाज नाकाम साबित हुए। पूरी टीम में केवल मोइन अली ही ऐसे बल्लेबाज रहे जो कैरेबियाई आक्रमण के सामने डटकर खेल सके। मोइन अली ने 39 गेंदों का सामना करते हुए चार चौकों और चार छक्कों की मदद से 60 रनों की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली। उनके अलावा ओवेश शाह ने भी समझदारी भरी बल्लेबाजी का मुजाहिरा किया और 28 गेंदों में 38 रन जोड़े। इन दोनों की पारियों की बदौलत ही इंग्लैंड की टीम एक सम्मानजनक योग खड़ा करने में सफल रही, हालांकि टीम के बाकी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक पहुंचने में भी संघर्ष करते दिखाई दिए।
लेंडल सिमंस और चाडविक वाल्टन का विध्वंसक पलटवार
जीत के लिए मिले 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज चैंपियंस की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए। 47 वर्षीय क्रिस गेल ने तेज शुरुआत करते हुए 14 गेंदों पर 21 रनों का अहम योगदान दिया। गेल के पवेलियन लौटने के बाद मैदान पर लेंडल सिमंस और चाडविक वाल्टन का तूफान देखने को मिला। 41 साल के लेंडल सिमंस ने 53 गेंदों पर नाबाद 77 रनों की धुआंधार मैच विनिंग पारी खेली, जिसमें उन्होंने आठ चौके और तीन गगनचुंबी छक्के जड़े।
दूसरे छोर से चाडविक वाल्टन ने भी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। वाल्टन ने मात्र 35 गेंदों में तीन चौकों और चार छक्कों की बदौलत 58 रन ठोके। इन दोनों की अटूट और विस्फोटक साझेदारी के दम पर वेस्टइंडीज चैंपियंस ने 17 ओवर में एक विकेट पर 165 रन बनाकर मुकाबला और ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मैदान पर मौजूद दर्शकों को एक बार फिर कैरेबियाई क्रिकेट के पुराने स्वर्णिम दौर का रोमांचक नजारा देखने को मिला।


















