बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के पहले ही दिन भारतीय बैडमिंटन में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब 21 वर्षीय आयुष शेट्टी ने पुरुष एकल के पहले दौर में चीन के विश्व नंबर-1 खिलाड़ी शी यू की को तीन गेम तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में मात दी. स्कोरलाइन 21-14, 13-21, 21-19 रही और इस जीत के साथ शेट्टी अब दूसरे दौर में पहुंच गए हैं. यह जीत फिलहाल उनके करियर के सबसे बड़े पलों में गिनी जा रही है.
फॉर्म में चल रहे हैं शेट्टी
यह जीत अचानक नहीं आई है. आयुष शेट्टी इस साल शानदार लय में हैं. उन्होंने कुछ महीने पहले यूएस ओपन सुपर 300 का खिताब अपने नाम किया था और अप्रैल में हुई एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था. इस दौरान उन्होंने जोनाथन क्रिस्टी, कुनलावुत वितिदसर्न और ली शी फेंग जैसे स्टार खिलाड़ियों को मात दी थी. उसी टूर्नामेंट में वह वर्ष 1965 के बाद पुरुष एकल के फाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बने थे, जो बताता है कि पिछले कुछ महीनों में उनकी रैंकिंग और भरोसा दोनों किस तेजी से बढ़े हैं.
मैच में उतार-चढ़ाव का सिलसिला
घरेलू दर्शकों के सामने खेल रहे शेट्टी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पहले गेम में 11-5 की बढ़त बना ली. इस दौरान चीनी खिलाड़ी की ओर से कई गलतियां हुईं, कभी शटल नेट में अटक गया तो कभी शॉट कोर्ट के बाहर चला गया. इन गलतियों का फायदा उठाते हुए शेट्टी ने पहला गेम 21-14 से जीत लिया. इसके बाद शी यू की ने अपने अनुभव का सहारा लिया और लंबी रैलियां खेलकर भारतीय खिलाड़ी को थकाने की कोशिश की. इस रणनीति का असर साफ दिखा, शेट्टी से लगातार गलतियां होने लगीं और चीनी खिलाड़ी ने दूसरा गेम 21-13 से अपने नाम किया, जिससे मैच अब निर्णायक गेम में पहुंच गया था.
तीसरे और आखिरी गेम में शेट्टी ने अपना खेल बदला. उन्होंने बड़े जोखिम वाले स्ट्रोक खेलने से परहेज किया और शटल को लगातार कोर्ट के अंदर गिराने पर फोकस रखा, जिससे प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बना रहे और वह खुद गलतियां करे. यह तरकीब कारगर रही और शेट्टी 11-5 से आगे निकल गए, फिर बढ़त को 15-5 तक ले गए. ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अब आसानी से भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में जाएगा, लेकिन शी यू की ने जोरदार वापसी की. उन्होंने अंतर घटाकर 20-15 किया और फिर लगातार चार अंक जीतकर स्कोर 20-19 कर दिया. मुकाबला बेहद कड़े मोड़ पर पहुंच गया था, लेकिन शेट्टी ने धैर्य नहीं खोया और अगला अंक जीतकर मैच अपने नाम कर लिया.
सिंधू ने सिर्फ 29 मिनट में निपटाया मुकाबला
दूसरी ओर, दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने भी महिला एकल के पहले दौर में सीधे गेमों में जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह पक्की की. उन्होंने आयरलैंड की सोफिया नोबल को 21-7, 21-11 से हराया. नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधू अपने करियर के छठे विश्व चैंपियनशिप पदक की तलाश में हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी. पांच बार विश्व चैंपियनशिप में पदक जीत चुकीं सिंधू ने यह मुकाबला महज 29 मिनट में समाप्त कर दिया और शुरू से आखिर तक खेल पर अपनी पकड़ बनाए रखी.
पहले गेम में सिंधू ने शुरुआत से ही अपना नियंत्रण बनाए रखा और ब्रेक तक स्कोर 11-2 कर दिया था, इसके बाद गेम जीतना उनके लिए महज औपचारिकता जैसा रहा. दूसरे गेम में नोबल ने थोड़ा बेहतर खेल दिखाया और कुछ देर के लिए सिंधू को टक्कर देती नजर आईं, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपने अनुभव के दम पर ब्रेक तक 11-8 की बढ़त बना ली. इसके बाद नोबल के लिए वापसी का रास्ता लगभग बंद हो गया. सिंधू ने ड्रॉप शॉट और दमदार स्मैश से खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और नेट के पास एक खूबसूरत बैकहैंड ड्रॉप शॉट से मैच समाप्त किया. वह अब अगले दौर में कनाडा की वेन यू झांग से भिड़ेंगी.
दिन के अंत में भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए यह दोहरी खुशी का मौका रहा, क्योंकि पुरुष और महिला दोनों वर्गों में देश के खिलाड़ी अगले दौर में पहुंचने में सफल रहे.


















