ओपनएआई के गणितीय दावों और जल्दबाजी पर भड़के विशेषज्ञ, अकादमिक मानकों की अनदेखी का आरोपहर महीने 10,000 रुपये बचाकर बन सकते हैं करोड़पति, समझें 12 प्रतिशत रिटर्न पर समय का पूरा गणितमहानगरों को पछाड़ते 11 उभरते शहर, आवासीय संपत्तियों के दाम 63 प्रतिशत उछलेब्रेट एडकॉक के स्टार्टअप हार्क ने लॉन्च किया एआई असिस्टेंट 'हार्क प्रो', कंप्यूटर टास्क और प्राइवेसी पर रहेगा जोरझारखंड के रामगढ़ में साड़ी और नंगे पांव 1600 मीटर दौड़कर होमगार्ड भर्ती में शामिल हुईं कविता कुमारी महतोक्यूबेक चुनाव और अल्बर्टा जनमत संग्रह के साए में कनाडाई डॉलर सुस्त, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से वैश्विक मुद्राओं पर दबावसिंगापुर डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में ठहराव, एमएएस के आगामी फैसले पर टिकी निगाहेंचीनी युआन में सीमित दायरे के बीच बढ़त के आसार, डॉलर और वैश्विक मुद्राओं में हलचलअमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारी श्मिट ने महंगाई पर चेताया, साख बचाने के लिए लंबी लड़ाई जरूरीफिल्म 'काला हिरण' विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान से मांगा जवाब, निर्माता अमित जानी ने लगाई रोक की गुहार
सस्ते इंटरसेप्टर मिसाइल बनाने के लिए फ्यूरिएंटिस को मिला बेंचमार्क से 2.5 करोड़ डॉलर का फंडस्टार्टअप्स
7 अक्तू॰ 2026, 1:32 am (59 मिनट पहले)· 0

सस्ते इंटरसेप्टर मिसाइल बनाने के लिए फ्यूरिएंटिस को मिला बेंचमार्क से 2.5 करोड़ डॉलर का फंड

सिलिकॉन वैली की दिग्गज वेंचर कैपिटल फर्म बेंचमार्क ने किफायती मिसाइल इंटरसेप्टर तैयार करने वाले स्टार्टअप फ्यूरिएंटिस में 2.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया है।

अमेरिकी रक्षा उद्योग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां पारंपरिक तौर पर हिचकिचाने वाले वेंचर निवेशक अब हथियार बनाने वाले स्टार्टअप्स पर खुलकर पूंजी लगा रहे हैं। सिलिकॉन वैली की जानी-मानी निवेश फर्म बेंचमार्क ने इसी कड़ी में एक साल पुराने रक्षा स्टार्टअप फ्यूरिएंटिस की अगुवाई में 2.5 करोड़ डॉलर का सीड फंडिंग राउंड पूरा किया है। लैटिन भाषा में क्रोध से जुड़े अर्थ वाला यह स्टार्टअप अमेरिकी सेना के घटते मिसाइल भंडारों को फिर से भरने के लिए किफायती और बड़े पैमाने पर बनने वाले इंटरसेप्टर तैयार कर रहा है। हालिया सौदे के बाद फ्यूरिएंटिस का मूल्यांकन करीब 12.5 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है।

रक्षा तकनीक में निवेशकों की बदलती दिलचस्पी

कुछ साल पहले तक जोखिम उठाने वाले वेंचर कैपिटलिस्ट रक्षा क्षेत्र की कंपनियों से पूरी तरह दूरी बनाए रखते थे। इस सेक्टर में निवेश को लेकर नैतिक सवाल उठते थे और रक्षा मंत्रालय से सरकारी अनुबंध हासिल करने की प्रक्रिया इतनी जटिल और लंबी होती थी कि निवेशकों को रिटर्न की उम्मीद कम दिखती थी। लेकिन यूक्रेन और ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के बाद अमेरिकी सेना के मिसाइल स्टॉक में आई भारी गिरावट ने इस पूरे समीकरण को बदल दिया है। पेंटागन अब उन नई कंपनियों को तेजी से ठेके सौंप रहा है जो कम समय और सीमित लागत में हथियार तैयार करने की क्षमता साबित कर सकती हैं।

ये भी पढ़ें

फ्यूरिएंटिस ने इस फंड से पहले मई के दौरान 50 लाख डॉलर का प्री-सीड राउंड जुटाया था। कंपनी ने इतनी कम पूंजी के बावजूद प्रोटोटाइप हथियार बनाकर करीब एक दर्जन सफल परीक्षण पूरे कर लिए थे। इसी रफ्तार और वित्तीय दक्षता को देखते हुए बेंचमार्क ने शुद्ध रक्षा उपकरण बनाने वाले स्टार्टअप में अपनी पहली बड़ी बाजी लगाई है।

पारंपरिक मॉडल और उत्पादन का अंतर

वर्तमान समय में रेथियॉन और लॉकहीड मार्टिन जैसी पारंपरिक रक्षा दिग्गज कंपनियां बेहद लंबे डिजाइन चक्र और महंगे विनिर्माण तरीकों पर काम करती हैं। इस व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक मिसाइलों की लागत लगभग 30 लाख डॉलर प्रति यूनिट तक पहुंच जाती है। सस्ते ड्रोन और विरोधी मिसाइलों को गिराने के लिए इतनी महंगी तकनीक का इस्तेमाल अमेरिकी सेना के लिए आर्थिक रूप से भारी साबित हो रहा है।

फ्यूरिएंटिस की स्थापना ब्रोडी फ्रैंजन और एरिस सिम्सारियन ने की है। दोनों संस्थापकों के पास एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का गहरा अनुभव है। फ्रैंजन वर्जिन गैलेक्टिक में डिप्टी चीफ इंजीनियर रह चुके हैं और इसके बाद हाइपरसोनिक तकनीक बनाने वाली कंपनी कैस्टेलियन से जुड़े थे। वहीं सिम्सारियन ने वर्जिन ऑर्बिट में रॉकेट इंजन परीक्षण टीम का नेतृत्व किया था। फ्रैंजन के अनुसार अमेरिकी नौसेना को साल भर में केवल 300 से 500 इंटरसेप्टर मिसाइलें मिल पाती हैं, जबकि दूसरी ओर चीन हर महीने 3,000 एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें बनाने की बात कहता है। उत्पादन के इस भारी अंतर को पाटने के लिए ही दोनों ने इस कंपनी की नींव रखी।

तेज गति और उपलब्ध कलपुर्जों पर आधारित रणनीति

फ्यूरिएंटिस का मकसद दुनिया का सबसे जटिल या सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला इंटरसेप्टर बनाना नहीं है। इसके बजाय कंपनी ऐसे मिसाइल सिस्टम डिजाइन कर रही है जिन्हें बाजार में आसानी से मिलने वाले सामान्य कलपुर्जों की मदद से बहुत तेजी से असेंबल किया जा सके। इस रणनीति की बदौलत प्रत्येक हथियार की लागत पारंपरिक विकल्पों की तुलना में बेहद कम बैठती है, जो सीमित बजट में तुरंत स्टॉक बढ़ाने की कोशिश कर रहे पेंटागन के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बन गया है। कंपनी को मध्यम दूरी के इंटरसेप्टर बनाने के लिए अमेरिकी रक्षा विभाग से पहले ही वित्तपोषित अनुबंध मिल चुका है।

लॉस एंजिल्स स्थित अपने संयंत्र से काम करते हुए यह स्टार्टअप हर दो हफ्ते में न्यू मैक्सिको के व्हाइट सैंड्स में प्रोटोटाइप हथियारों के फील्ड टेस्ट करता है। कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य अपने प्रत्येक कारखाने से सालाना 1,000 इंटरसेप्टर तैयार करने का है। रक्षा बाजार में बढ़ती मांग के बीच एंडुरिल, शील्ड एआई और कैस्टेलियन जैसे अन्य प्रमुख स्टार्टअप भी बड़े पैमाने पर हथियार उत्पादन की होड़ में शामिल हैं। इसके बावजूद निवेशकों का मानना है कि इस पूरे क्षेत्र में नए खिलाड़ियों के लिए विकास के पर्याप्त अवसर मौजूद हैं।

सवाल-जवाब

फ्यूरिएंटिस क्या काम करता है?
फ्यूरिएंटिस एक साल पुराना रक्षा स्टार्टअप है जो कम लागत वाले मिसाइल इंटरसेप्टर बड़े पैमाने पर तैयार करता है।
कंपनी को हाल ही में कितना फंड मिला है?
कंपनी ने बेंचमार्क की अगुवाई में 2.5 करोड़ डॉलर का सीड फंडिंग राउंड जुटाया है।
फ्यूरिएंटिस का मौजूदा मूल्यांकन कितना आंका गया है?
हालिया निवेश राउंड के बाद कंपनी का मूल्यांकन करीब 12.5 करोड़ डॉलर लगाया गया है।
कंपनी के संस्थापक कौन हैं?
इसकी स्थापना एयरोस्पेस इंजीनियर ब्रोडी फ्रैंजन और एरिस सिम्सारियन ने की है।
पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइल की लागत कितनी होती है?
पारंपरिक रक्षा ठेकेदारों द्वारा बनाई जाने वाली उत्कृष्ट मिसाइल की लागत लगभग 30 लाख डॉलर प्रति यूनिट होती है।
फ्यूरिएंटिस अपने हथियारों का परीक्षण कहां करता है?
कंपनी लॉस एंजिल्स स्थित केंद्र से काम करते हुए न्यू मैक्सिको के व्हाइट सैंड्स में हर दो हफ्ते में परीक्षण करती है।
कंपनी का दीर्घकालिक विनिर्माण लक्ष्य क्या है?
फ्यूरिएंटिस का लक्ष्य अपने प्रत्येक कारखाने में सालाना 1,000 मिसाइल इंटरसेप्टर सिस्टम तैयार करने का है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp