रजनीकांत की 'धर्मन' में हुई नयनतारा की एंट्री, पांच साल बाद दोनों कलाकार आएंगे साथ नजरपाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव, फॉर्म से जूझ रहे सैम अयूब बाहर और साहिबजादा फरहान की एंट्रीबॉलीवुड दिवाली पार्टी शेड्यूल: अक्षय से मनीष मल्होत्रा तक के घर सजेगी महफिल, सुरक्षा और पैपराजी पर सख्त नियमरणबीर कपूर की 'रामायण' रिव्यू (2026): कास्ट, बजट, रनटाइम और रिलीज से जुड़ी पूरी जानकारीकौन होणार करोड़पति में सचिन पिलगांवकर ने सुनाया किस्सा, साड़ी में देखकर सास भी खा गई थीं गच्चाअसिन और राहुल शर्मा की बेटी अरिन सात साल की उम्र में बोलती हैं 12 भाषाएं, घर में टीवी और मोबाइल का उपयोग वर्जितशिल्पा राव का असली नाम क्या था? जानिए इस मशहूर गायिका के शुरुआती संघर्ष से लेकर ग्रैमी और नेशनल अवॉर्ड तक का सफरसाई पल्लवी का जलवा, धनुष के साथ 'ओम' में खाकी वर्दी में दिखेंगी एक्ट्रेसजेलर 2 रिव्यू (2026): रजनीकांत की फिल्म ने हिलाया बॉक्स ऑफिस, हनुमान अंश और दृश्यम 3 को तगड़ा झटकाआईपीएल 2027 की मिनी नीलामी की तारीख आई सामने, जानिए कब और कहां सजेगा खिलाड़ियों का बाजार
आईटी की साठ हजार रुपये की नौकरी त्यागकर इंदौर की स्मृति पालीवाल ने गाय के गोबर से खड़ा किया अनोखा स्टार्टअपसक्सेस स्टोरी
24 अक्तू॰ 2026, 9:14 am (5 दिन पहले)· 4

आईटी की साठ हजार रुपये की नौकरी त्यागकर इंदौर की स्मृति पालीवाल ने गाय के गोबर से खड़ा किया अनोखा स्टार्टअप

सॉफ्टवेयर क्षेत्र का सुरक्षित करियर छोड़ इंदौर की स्मृति पालीवाल ने गाय के गोबर से दीपक और सजावटी उत्पाद बनाने की पहल शुरू की, जिससे महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है।

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की निवासी स्मृति पालीवाल ने पारंपरिक संसाधनों को आधुनिक व्यापार का रूप देकर पर्यावरण संरक्षण की एक नई मिसाल पेश की है। पेशे से आईटी इंजीनियर रहीं स्मृति पालीवाल ने कॉर्पोरेट जगत के तय ढर्रे से अलग हटकर गाय के गोबर से दैनिक उपयोग और घर की सजावट की वस्तुएं तैयार करने का काम शुरू किया है। उनका यह प्रयास न केवल प्रकृति के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय कारीगरों के लिए आजीविका का एक मजबूत साधन भी बन चुका है।

कॉर्पोरेट करियर छोड़कर चुनी पर्यावरण संरक्षण की राह

अपना नया व्यवसाय शुरू करने से पहले स्मृति पालीवाल आईटी क्षेत्र में बतौर इंजीनियर कार्यरत थीं, जहां उन्हें हर महीने साठ हजार रुपये का वेतन मिलता था। एक बंधी-बंधाई और सुरक्षित नौकरी के बावजूद उन्होंने प्रकृति से जुड़ाव और कुछ नया करने की इच्छा से प्रेरित होकर इस पद से इस्तीफा दे दिया। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने गाय के गोबर के व्यावहारिक उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया और उसे आकर्षक सजावटी सामान में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया।

ये भी पढ़ें

गोबर से तैयार हो रही हैं विविध सजावटी और उपयोगी वस्तुएं

स्मृति पालीवाल द्वारा संचालित इस पहल के तहत गाय के गोबर से विभिन्न प्रकार की कलात्मक और उपयोगी वस्तुएं बनाई जा रही हैं। इनमें मुख्य रूप से पूजा-पाठ में काम आने वाले पारंपरिक दीपक, प्राकृतिक धूपबत्ती, त्योहारों के लिए खूबसूरत तोरण और आकर्षक फोटो फ्रेम शामिल हैं। इन सभी वस्तुओं को तैयार करने में किसी भी हानिकारक रसायन का उपयोग नहीं किया जाता है। पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण यह सभी उत्पाद पर्यावरण के प्रति पूरी तरह सुरक्षित और टिकाऊ माने जाते हैं।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में बढ़ी मांग

शुरुआत के दिनों में लोगों को गाय के गोबर से बने उत्पादों के महत्व को समझाना काफी चुनौतीपूर्ण था। कई लोग गोबर से बनी वस्तुओं को घर में रखने को लेकर झिझक महसूस करते थे। हालांकि, समय के साथ जैसे-जैसे लोगों को इनकी उपयोगिता, प्राकृतिक शुद्धता और खूबसूरती का पता चला, समाज का नजरिया बदलने लगा। आज इन वस्तुओं की बिक्री ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मंचों पर सफलतापूर्वक हो रही है। स्थानीय बाजार में लोग इन हस्तनिर्मित ईको फ्रेंडली उत्पादों को काफी पसंद कर रहे हैं और इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।

महिला सशक्तिकरण और स्टार्टअप की ट्रेनिंग

यह पहल केवल स्मृति पालीवाल के अपने कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। वे विशेष रूप से महिला कारीगरों को अपने साथ जोड़कर इन उत्पादों का निर्माण करवा रही हैं, जिससे कई परिवारों को आर्थिक सहारा मिल रहा है। इसके साथ ही वे अन्य लोगों को भी इस तरह का स्टार्टअप शुरू करने के लिए बाकायदा प्रशिक्षण उपलब्ध कराती हैं। इन उत्पादों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि टूटने या खराब होने के बाद इन्हें आसानी से पौधों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे किसी प्रकार का कचरा उत्पन्न नहीं होता।

सवाल-जवाब

स्मृति पालीवाल कौन हैं और उन्होंने कौन सा नया काम शुरू किया है?
स्मृति पालीवाल इंदौर की रहने वाली पूर्व आईटी इंजीनियर हैं, जिन्होंने गाय के गोबर से विभिन्न प्रकार के पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद बनाने का स्टार्टअप शुरू किया है।
स्मृति पालीवाल अपनी पुरानी आईटी नौकरी में कितना वेतन पाती थीं?
वे पहले आईटी इंजीनियर के रूप में कार्यरत थीं और हर महीने साठ हजार रुपये का वेतन कमाती थीं।
गोबर से मुख्य रूप से कौन-सी चीजें तैयार की जा रही हैं?
उनके द्वारा गोबर से मुख्य रूप से दीपक, धूपबत्ती, तोरण और फोटो फ्रेम जैसी सजावटी व दैनिक उपयोग की चीजें बनाई जा रही हैं।
क्या इन उत्पादों में किसी प्रकार के केमिकल का उपयोग किया जाता है?
नहीं, ये सभी उत्पाद बिना किसी केमिकल के पूरी तरह ईको-फ्रेंडली और प्राकृतिक रूप से तैयार किए जाते हैं।
यदि ये उत्पाद टूट या खराब हो जाएं तो इनका क्या होता है?
टूटने या खराब होने के बाद ये सभी उत्पाद पौधों के लिए प्राकृतिक खाद के रूप में काम आते हैं।
क्या स्मृति पालीवाल दूसरों को भी इस काम की ट्रेनिंग देती हैं?
हां, वे अन्य लोगों को इस तरह का स्टार्टअप शुरू करने के लिए बाकायदा प्रशिक्षण भी प्रदान करती हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp