जगदलपुर के रहने वाले डोमेंद्र प्रसाद पांडे ने कृषि-संबद्ध क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है। महज एक गाय से डेयरी व्यवसाय की शुरुआत करने वाले डोमेंद्र के पास आज 12 गायों का समूह है। दूध की लगातार बढ़ती मांग और मवेशियों की वैज्ञानिक देखभाल के बल पर वे तमाम खर्चे निकालने के बाद हर महीने 50,000 से 60,000 रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। उनका यह सफर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डेयरी क्षेत्र की असीम संभावनाओं को रेखांकित करता है।
पशुपालक का गणित: नस्ल, उत्पादन और दूध के दाम
डोमेंद्र प्रसाद पांडे के डेयरी फार्म में इस समय मुख्य रूप से जर्सी और गिर नस्ल की गायें शामिल हैं। बाजार में इन उच्च गुणवत्ता वाली गायों की कीमत 60,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये तक होती है। वर्तमान में उनके पास कुल 12 गायों में से 3 गायें दूध दे रही हैं। फार्म में एक गाय प्रतिदिन औसतन लगभग 14 लीटर दूध देती है। स्थानीय बाजार में दूध की वर्तमान दर 60 रुपये प्रति लीटर है। उत्पादन और बिक्री का यह संतुलन उन्हें रोजाना एक बेहतर आय दिलाता है, जिससे चारा और रखरखाव का खर्च निकालने के बावजूद मासिक स्तर पर 50 से 60 हजार रुपये की बचत हो जाती है।
पोषण और स्वास्थ्य: नेपियर घास से लेकर तापमान निगरानी तक
डेयरी व्यवसाय की सफलता का मुख्य आधार गायों के खान-पान और उनकी सेहत पर टिका होता है। डोमेंद्र अपनी गायों को पौष्टिक और संतुलित आहार देते हैं, जिसमें चोकर, कैल्शियम, पैरा और विशेष रूप से नेपियर घास शामिल है। उनका मानना है कि नेपियर घास गायों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ उनकी प्रजनन क्षमता बढ़ाने में भी बेहद मददगार साबित होती है। इसके अलावा, गायों में खुरपका-मुंहपका और अचानक बुखार जैसी बीमारियां काफी आम होती हैं। इन बीमारियों से मवेशियों को बचाने के लिए वे नियमित रूप से उनके शारीरिक तापमान की निगरानी करते हैं और समय रहते आवश्यक देखभाल प्रदान करते हैं।
नवोदित डेयरी उद्यमियों के लिए अनुभवजन्य सलाह
डोमेंद्र प्रसाद पांडे नए पशुपालकों और डेयरी व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों को विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार, केवल मवेशियों की संख्या बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, पोषण और दैनिक प्रबंधन पर बारीकी से काम करना बेहद जरूरी है। सही देखभाल, बीमारी से बचाव के उपाय और उचित आहार प्रबंधन अपनाकर कोई भी व्यक्ति डेयरी उद्योग को एक अत्यंत लाभदायक और टिकाऊ व्यवसाय में बदल सकता है।


















