रजनीकांत की 'धर्मन' में हुई नयनतारा की एंट्री, पांच साल बाद दोनों कलाकार आएंगे साथ नजरपाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव, फॉर्म से जूझ रहे सैम अयूब बाहर और साहिबजादा फरहान की एंट्रीबॉलीवुड दिवाली पार्टी शेड्यूल: अक्षय से मनीष मल्होत्रा तक के घर सजेगी महफिल, सुरक्षा और पैपराजी पर सख्त नियमरणबीर कपूर की 'रामायण' रिव्यू (2026): कास्ट, बजट, रनटाइम और रिलीज से जुड़ी पूरी जानकारीशिल्पा राव का असली नाम क्या था? जानिए इस मशहूर गायिका के शुरुआती संघर्ष से लेकर ग्रैमी और नेशनल अवॉर्ड तक का सफरकौन होणार करोड़पति में सचिन पिलगांवकर ने सुनाया किस्सा, साड़ी में देखकर सास भी खा गई थीं गच्चाअसिन और राहुल शर्मा की बेटी अरिन सात साल की उम्र में बोलती हैं 12 भाषाएं, घर में टीवी और मोबाइल का उपयोग वर्जितसाई पल्लवी का जलवा, धनुष के साथ 'ओम' में खाकी वर्दी में दिखेंगी एक्ट्रेसजेलर 2 रिव्यू (2026): रजनीकांत की फिल्म ने हिलाया बॉक्स ऑफिस, हनुमान अंश और दृश्यम 3 को तगड़ा झटकाआईपीएल 2027 की मिनी नीलामी की तारीख आई सामने, जानिए कब और कहां सजेगा खिलाड़ियों का बाजार
अनीशा दुबे की अनोखी कला: जमुई की इस कलाकार ने मधुबनी पेंटिंग से सजाए बिहार और भारत के मैपसक्सेस स्टोरी
8 जुल॰ 2026, 12:04 am (114 दिन पहले)· 4

अनीशा दुबे की अनोखी कला: जमुई की इस कलाकार ने मधुबनी पेंटिंग से सजाए बिहार और भारत के मैप

जमुई जिले की रहने वाली अनीशा दुबे ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए बिहार और भारत के मानचित्रों को मधुबनी और मंडला कलाकृतियों से अद्भुत तरीके से सजाया है। इन नक्शों में उन्होंने 35 से अधिक विशिष्ट पैटर्न्स का उपयोग किया है।

बिहार के जमुई जिले की एक प्रतिभावान युवा कलाकार अनीशा दुबे ने कला की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने पारंपरिक मधुबनी और मंडला कला का उपयोग करके भारत और बिहार के भौगोलिक नक्शों को एक नया रूप दिया है। उनकी इस बारीक कारीगरी को देखकर हर कोई उनकी प्रशंसा करने पर मजबूर हो जाता है। अनीशा द्वारा बनाई गई इन पेंटिंग्स में न केवल स्थानीय कला की झलक दिखती है, बल्कि उनकी मेहनत और धैर्य भी साफ तौर पर झलकता है।

नक्शों को दिया कलात्मक रूप

सामान्यतः मधुबनी पेंटिंग को अलग से किसी कागज या कैनवास पर बनाया जाता है, लेकिन अनीशा ने इसे एक अनूठा मोड़ देते हुए भारत और बिहार के मानचित्रों पर उकेरा है। उन्होंने बिहार के मैप को मधुबनी और मंडला आर्ट के अद्भुत संगम से सुसज्जित किया है। इसे तैयार करने में अनीशा ने काफी लंबा समय और एकाग्रता लगाई है। उनके अनुसार, केवल बिहार के नक्शे को पूरा करने में उन्हें चार दिनों से भी अधिक का समय लगा।

ये भी पढ़ें

बारीकी और 35 पैटर्न्स का मेल

अनीशा दुबे की इस कृति की सबसे बड़ी विशेषता इसमें इस्तेमाल की गई विविधता है। इस नक्शे को सजाने के लिए उन्होंने 35 से भी अधिक अलग-अलग प्रकार के पैटर्न्स का प्रयोग किया है। खास बात यह है कि पूरे मानचित्र में किसी भी पैटर्न को दोबारा दोहराया नहीं गया है, जिससे प्रत्येक कोना अपने आप में अनूठा और आकर्षक दिखता है। रोजाना तीन से चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद यह कलाकृति पूर्णता के साथ बनकर तैयार हुई।

कला के प्रति जुनून और सफर

अनीशा को बचपन से ही पेंटिंग और ड्राइंग करने का गहरा शौक रहा है। जैसे-जैसे वह बड़ी होती गईं, उन्होंने अपनी इस रुचि को एक गंभीर कला का रूप दे दिया। घर में खाली समय मिलते ही वह अपनी पेंटिंग सामग्री लेकर बैठ जाती थीं। मधुबनी और मंडला कला के प्रति उनका जुड़ाव मोबाइल पर इंटरनेट के जरिए और बढ़ गया। शुरुआत में उन्हें इन शैलियों के नाम तक नहीं पता थे, लेकिन सीखने की लगन ने उन्हें माहिर बना दिया। अब तक वह दर्जनों पेंटिंग्स बना चुकी हैं, जिनकी हर ओर सराहना हो रही है।

सवाल-जवाब

अनीशा दुबे ने किन कलाओं का उपयोग किया है?
अनीशा ने अपने नक्शों को मधुबनी आर्ट और मंडला आर्ट के संयोजन से सजाया है।
बिहार का नक्शा बनाने में कितना समय लगा?
अनीशा के अनुसार, बिहार के नक्शे को तैयार करने में उन्हें चार दिन से भी अधिक का समय लगा।
इस नक्शे में कितने पैटर्न का उपयोग किया गया है?
इस नक्शे में 35 से भी अधिक अलग-अलग पैटर्न्स का उपयोग किया गया है, और किसी भी पैटर्न को दोबारा नहीं दोहराया गया है।
अनीशा दुबे कहाँ की रहने वाली हैं?
अनीशा दुबे बिहार के जमुई जिले के जिला मुख्यालय की रहने वाली हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp