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झारखंड के रांची में किसान घनश्याम की ऑर्गेनिक शिमला मिर्च से महीनों में लाखों की कमाईसक्सेस स्टोरी
18 जुल॰ 2026, 9:10 pm (12 दिन पहले)· 0

झारखंड के रांची में किसान घनश्याम की ऑर्गेनिक शिमला मिर्च से महीनों में लाखों की कमाई

रांची के किसान घनश्याम सिर्फ 50 डिसमिल जमीन पर ऑर्गेनिक शिमला मिर्च उगाकर हर तीन महीने में करीब एक लाख रुपये कमा रहे हैं।

झारखंड के रांची में रहने वाले किसान घनश्याम सिर्फ 50 डिसमिल जमीन पर शिमला मिर्च उगाकर हर तीन महीने में करीब एक लाख रुपये कमा रहे हैं। खास बात यह है कि उनकी पूरी फसल शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक तरीके से तैयार होती है, इसलिए यह रांची के अलावा दूसरे राज्यों में भी भेजी जाती है और वहां इसकी अच्छी कीमत मिलती है।

गोबर खाद से लेकर सरसों की खली तक, घर पर बनती है खास खाद

घनश्याम बताते हैं कि वे बाजार की रासायनिक खाद पर निर्भर नहीं रहते। इसके बजाय गोबर खाद, केंचुआ खाद, जामुन का सिरका, नीम का सिरका, रसोई से निकलने वाला वेस्ट और सरसों की खली को मिलाकर खुद अपनी खाद तैयार करते हैं। इस मिश्रण को वे ब्रह्मास्त्र खाद कहते हैं और यही उनकी शिमला मिर्च को पूरी तरह ऑर्गेनिक बनाए रखने का सबसे बड़ा राज है।

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पॉलीहाउस और लंबी स्टिक से मिलती है फसल को सुरक्षा

शिमला मिर्च की खेती के लिए घनश्याम पॉलीहाउस का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि इसमें पौधों को न तो तेज धूप का सामना करना पड़ता है और न ही ज्यादा बारिश का असर झेलना पड़ता है। पौधे पॉलीहाउस के अंदर पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा वे लतर के सहारे पौधों को ऊपर की तरफ चढ़ाते हैं, जिसके लिए खेत में बड़ी और लंबी स्टिक गाड़ी जाती हैं। इससे पौधा आसानी से ऊपर बढ़ पाता है और सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि फसल जमीन को छूती नहीं, जिससे उस पर दाग नहीं पड़ते और कीड़े लगने का खतरा भी काफी कम हो जाता है।

गेंदे के फूलों की महक से भागते हैं कीड़े

फसल को कीड़े-मकोड़ों से बचाने के लिए घनश्याम ने खेत के चारों तरफ गेंदे के फूल लगा रखे हैं। इसका दोहरा फायदा मिलता है, एक तो गेंदे के फूल खुद बाजार में बिककर अतिरिक्त कमाई देते हैं, दूसरा इन फूलों की महक इतनी तेज होती है कि कीड़े खेत के आसपास भटकते ही नहीं।

मेट्रो शहरों तक पहुंचती है ऑर्गेनिक शिमला मिर्च, व्यापारी सीधे उठाते हैं माल

घनश्याम के मुताबिक दूसरे राज्यों में, खासकर मेट्रो शहरों में ऑर्गेनिक सब्जियों की मांग काफी ज्यादा रहती है। यही वजह है कि व्यापारी सीधे उनके खेत से शिमला मिर्च खरीदकर ले जाते हैं और एक बार में एक टन तक माल आसानी से उठा लेते हैं। इसी वजह से घनश्याम को हर तीन महीने में करीब एक लाख रुपये की कमाई हो जाती है और कई बार यह आंकड़ा इससे भी ऊपर निकल जाता है। महज एक फसल पर ध्यान लगाकर स्मार्ट खेती के जरिए रांची के घनश्याम आज बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं, और उनके खेत की शिमला मिर्च साफ-सुथरी, बेदाग और बेहतरीन क्वालिटी की नजर आती है।

सवाल-जवाब

घनश्याम कहां के रहने वाले हैं?
वे झारखंड के रांची के रहने वाले किसान हैं।
वे कितनी जमीन पर शिमला मिर्च उगाते हैं?
वे सिर्फ 50 डिसमिल जमीन पर शिमला मिर्च की खेती करते हैं।
उन्हें इससे कितनी कमाई होती है?
हर तीन महीने में करीब एक लाख रुपये की कमाई होती है, कभी-कभार इससे भी ज्यादा हो जाती है।
वे ऑर्गेनिक खाद कैसे तैयार करते हैं?
गोबर खाद, केंचुआ खाद, जामुन का सिरका, नीम का सिरका, किचन वेस्ट और सरसों की खली मिलाकर, जिसे वे ब्रह्मास्त्र खाद कहते हैं।
फसल को कीड़ों से कैसे बचाया जाता है?
खेत के चारों तरफ गेंदे के फूल लगाकर, क्योंकि उनकी तेज महक से कीड़े पास नहीं आते।
शिमला मिर्च को ऊपर चढ़ाने के लिए क्या तरीका अपनाया जाता है?
लतर के सहारे पौधों को ऊपर चढ़ाने के लिए खेत में बड़ी और लंबी स्टिक गाड़ी जाती हैं।
उनकी शिमला मिर्च कहां बिकती है?
रांची के अलावा दूसरे राज्यों में भी, खासकर मेट्रो शहरों में, जहां व्यापारी सीधे खेत से एक बार में एक टन तक माल खरीद ले जाते हैं।
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