केरल में एक चर्चित और लंबी कानूनी जंग जीतने के बाद तीन ननों के सामने अपनी आजीविका चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। जालंधर के पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल मामले से जुड़े होने के बाद जब कॉन्वेंट की ओर से मिलने वाला आर्थिक सहयोग और सामाजिक सहायता पूरी तरह बंद हो गई, तब उन्होंने परिस्थितियों से हार नहीं मानी। अपनी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए इन ननों ने अपने सिलाई के हुनर को हथियार बनाया और 'स्टैंड बाय मी' नाम से एक नया क्लॉथिंग ब्रांड शुरू कर दिया। आज यह ब्रांड न केवल उनकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है, बल्कि समाज के सामने एक नई मिसाल भी पेश कर रहा है।
मुश्किल दौर और रोजगार के बंद दरवाजे
साल 2023 इन ननों के जीवन का सबसे कठिन समय साबित हुआ। कॉन्वेंट का सहारा छिन जाने के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि भोजन, वस्त्र और आवश्यक दवाइयों जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के लिए भी पैसों की भारी किल्लत हो गई थी। समूह की दो ननों के पास सोशल वर्क में स्नातकोत्तर यानी MSW की उच्च डिग्री थी, लेकिन कानूनी विवाद में शामिल रहने के कारण उन्हें किसी भी संस्थान में नौकरी या इंटर्नशिप देने से साफ इनकार कर दिया गया। जब रोजगार के सभी रास्ते बंद दिखे, तब उन्होंने यह महसूस किया कि उन्हें एक ऐसा काम शुरू करना होगा जो पूरी तरह उनका अपना हो और जिस पर किसी दूसरे का नियंत्रण न रहे।
सिलाई मशीन से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
इस विचार के साथ ननों ने सिलाई के अपने पुराने हुनर को दोबारा निखारना शुरू किया। संकट के समय में आगे आए कुछ शुभचिंतकों और मददगारों के सहयोग से सिलाई मशीनें खरीदी गईं। इसके बाद केरल के कुराविलंगाडु स्थित कॉन्वेंट परिसर से ही सिलाई का काम विधिवत रूप से आरंभ किया गया। शुरुआती दिनों में काम बेहद सीमित था और केवल नजदीकी परिचितों तथा वेल-विशर्स से ही सिलाई के छोटे-छोटे ऑर्डर प्राप्त होते थे। हालांकि, उनके काम की गुणवत्ता और समर्पण के कारण धीरे-धीरे ऑर्डर्स की संख्या बढ़ती चली गई। समय के साथ कारोबार का दायरा इतना बढ़ गया कि उन्होंने दो अन्य व्यक्तियों को भी अपने साथ काम पर रखा और उन्हें रोजगार प्रदान किया।
उत्पादों की श्रृंखला और ऑनलाइन मार्केट में कदम
वर्तमान में 'स्टैंड बाय मी' ब्रांड के तहत महिलाओं के परिधानों और घरेलू उपयोग के सामान का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से नाइटी, चूड़ीदार टॉप, ट्रेंडिंग को-ऑर्ड सेट, विभिन्न प्रकार के बैग्स, टेबल मैट और टेबल रनर शामिल हैं। ननों के अनुसार, अपने इस उद्यम का नाम 'स्टैंड बाय मी' उन्होंने उन सभी समर्थकों को समर्पित करते हुए रखा है जो उनके सबसे कठिन और संघर्षपूर्ण दिनों में एक मजबूत ढाल की तरह उनके साथ खड़े रहे। सफलता की राह पर आगे बढ़ते हुए अब यह ब्रांड अपने नए चरण में प्रवेश कर रहा है। अगले एक महीने के भीतर इन सभी प्रोडक्ट्स को विभिन्न ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे पूरे देश के ग्राहक सीधे इनके उत्पाद खरीद सकेंगे।



















