चेन्नई के तटीय क्षेत्र में आयोजित होने वाली दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं उच्च स्तरीय बैठक से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुधवार रात तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री के साथ सी. जोसेफ विजय की यह पहली आधिकारिक मुलाकात थी। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक को शिष्टाचार भेंट बताया गया है। मुलाकात के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री विजय के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की।
कोवलम में 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बृहस्पतिवार को चेन्नई के बाहरी इलाके में स्थित कोवलम समुद्र तट के समीप एक रिसॉर्ट में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद के 31वें सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख नेताओं की सूची इस प्रकार है
- आंध्र प्रदेश: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू
- तेलंगाना: उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क
- केरलम: मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार
- कर्नाटक: मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन
बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय परिषद का सत्र समाप्त होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मामल्लापुरम में स्थित प्रसिद्ध और प्राचीन तट मंदिर परिसर का दौरा करेंगे।
क्षेत्रीय परिषद का ढांचा और प्राथमिक उद्देश्य
दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद एक महत्वपूर्ण संस्थागत मंच है जिसमें पांच प्रमुख राज्य शामिल हैं: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु और तेलंगाना। इसके अलावा इसमें तीन केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं, जिनमें पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप सम्मिलित हैं। केंद्र सरकार के अनुसार यह परिषद केंद्र और सदस्य राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने, अंतरराज्यीय विवादों को सुलझाने और विकासात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करती है।
जल विवाद और राष्ट्रीय महत्व के विषय
दक्षिणी राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे नदी जल बंटवारे के विवाद इस बैठक की चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है। क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में जिन प्रमुख जल विवादों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, उनमें शामिल हैं
- कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच नदी जल का बंटवारा
- तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच जल संसाधनों का बंटवारा
- तमिलनाडु और केरलम के मध्य जारी जल संबंधी विषय
केंद्र सरकार द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, क्षेत्रीय परिषद केवल अंतरराज्यीय जल विवादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व के व्यापक और रणनीतिक मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श किया जाता है।



















