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कस्टम एआई बाल पुस्तकों पर दाओझी शू की चेतावनी और अभिभावकों का बढ़ता विरोधतकनीक
29 जुल॰ 2026, 3:21 pm (8 घंटे पहले)· 1

कस्टम एआई बाल पुस्तकों पर दाओझी शू की चेतावनी और अभिभावकों का बढ़ता विरोध

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की मदद से बच्चों के नाम और फोटो जोड़कर एआई किताबें बनाने का चलन बुजुर्गों में बढ़ रहा है, लेकिन माता-पिता इसे बच्चों के विकास और प्राइवेसी के लिए नुकसानदेह मान रहे हैं। शोधकर्ताओं और परिजनों का कहना है कि कृत्रिम कहानियों में बच्चों की दिलचस्पी बहुत जल्द खत्म हो जाती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बच्चों की कहानियों वाली किताबें तैयार करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही परिवारों में एक नया विवाद भी शुरू हो गया है। दादा-दादी और रिश्तेदार जहां इंटरनेट पर मिलने वाले विज्ञापनों से प्रभावित होकर बच्चों के नाम, फोटो और आदतों पर आधारित किताबें तैयार करवा रहे हैं, वहीं माता-पिता इन किताबों को बच्चों की पढ़ाई और मानसिक विकास के लिए सही नहीं मान रहे हैं। कहानियों की कमजोर गुणवत्ता और बच्चों की तस्वीरों की प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं के कारण कई अभिभावकों ने इन मशीनी किताबों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है।

पर्सनलाइज्ड एआई किताबों का बढ़ता बाज़ार

हाल के महीनों में बच्चों के लिए कस्टमाइज्ड कहानियां बनाने वाली एआई सेवाओं में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। इमेजिटाइम, स्टोरीवंडरबुक और चाइल्डबुक.एआई जैसी कंपनियां सोशल मीडिया पर रिश्तेदार बुजुर्गों को ध्यान में रखकर विज्ञापन चलाती हैं। इन विज्ञापनों में यह दावा किया जाता है कि वे बच्चे की चेहरे की फोटो, उसके नाम और पारिवारिक अनुभवों को एक सचित्र किताब का रूप दे सकते हैं। उपहार देने वालों के लिए किसी बच्चे को उसकी अपनी ही कहानी का मुख्य पात्र बनाना पहली नज़र में काफी आकर्षक लगता है।

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लेकिन इस ट्रेंड ने कई परिवारों के भीतर असंतोष पैदा कर दिया है। तीन महीने पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े एक ऑनलाइन मंच पर एक अभिभावक ने अपनी मां के साथ हुए विवाद को साझा किया था। इस अभिभावक ने स्पष्ट मना किया था कि किसी भी एआई टूल में बच्चे की फोटो या निजी जानकारी अपलोड न की जाए। इसके बावजूद उनकी मां ने पारिवारिक अनुभवों और बच्चे की आदतों के आधार पर कहानी बनवाई ताकि बच्चा किताब में अपने परिवार को देख सके। यह घटना दर्शाती है कि आसानी से उपलब्ध डिजिटल साधन किस तरह परिजनों को माता-पिता की सहमति के बिना काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

बच्चों की नीरस प्रतिक्रिया और पारिवारिक मतभेद

घरेलू अनुभवों से पता चलता है कि कहानी में बच्चे का नाम जोड़ देने से उसका पढ़ने में मन नहीं लग जाता। मिडवेस्ट के रहने वाले 41 वर्षीय एक पिता, जिनके दो बच्चे 7 और 3 साल के हैं, ने बताया कि उनके बच्चों को रिश्तेदारों से एआई से बनी किताबें उपहार में मिली थीं। शुरुआत में उत्सुकता दिखने के बाद भी बच्चों का ध्यान किताबों में ज्यादा देर नहीं टिका।

"ये किताबें इतनी लंबी और बोझिल हैं कि एक बार पढ़ने के बाद मेरे बच्चों ने कहा कि रहने दो और एलिस शेर्टल की 'लिटिल ब्लू ट्रक' पढ़ने की जिद करने लगे," पिता ने बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि आधुनिक तकनीकों से बनी इन कहानियों में बच्चों की रुचि तुरंत खत्म हो गई और उन्होंने अपनी पसंदीदा पुरानी किताबों को ही प्राथमिकता दी।

इसी तरह लॉस एंजिल्स के एक 40 वर्षीय पिता ने बताया कि उनकी सास ने उनके 1 और 3 साल के बच्चों को एआई से बनी कुल चार पुस्तकें दी थीं। इनमें से मदर्स डे पर आधारित दो किताबें पूरी तरह एक जैसी थीं और उनमें केवल बच्चों के नाम बदले गए थे। घर में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उन्होंने इस बात का विरोध नहीं किया, लेकिन बच्चों की तस्वीरों को ऑटोमेटेड टूल में डालने को उन्होंने "नैतिक रूप से पूरी तरह गलत" बताया।

शिकागो में रहने वाले कलाकार ब्रैंडन किर्कमैन के साथ भी ऐसा ही अनुभव हुआ, जब उनके माता-पिता ने उनकी 4 साल की बेटी के लिए एक एआई किताब तैयार करवाई। इस किताब में दादा-दादी द्वारा पोतियों के साथ बिताए गए समय का वर्णन था। उन्होंने कहा कि परिजनों की नीयत अच्छी थी, लेकिन कहानी में बच्चों की दिलचस्पी सामान्य किताबों की तुलना में बहुत कम रही।

कहानी की गुणवत्ता और बाल मनोविज्ञान पर विशेषज्ञ की राय

साहित्यिक शोधकर्ताओं का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता बच्चों के साहित्य की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। मैकक्वेरी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज में शोधकर्ता दाओझी शू, जिन्होंने एआई बाल साहित्य के विस्तार पर अध्ययन प्रकाशित किया है, का कहना है कि केवल नाम और चित्र जोड़ देने से किसी कहानी की गुणवत्ता बेहतर नहीं हो जाती। उनके शोध के अनुसार, बच्चे किसी किताब से तब जुड़ते हैं जब उसमें कल्पनाशील दुनिया, दिलचस्प पात्र और कहानी में उतार-चढ़ाव होता है।

"मानव लेखकों की किताबों की तुलना में एआई से बनी पुस्तकों में हास्य, याद रहने वाले पात्रों और नाटकीय तनाव की कमी होती है," दाओझी शू ने समझाया। उन्होंने बताया कि इन किताबों में वर्तनी की गलतियां, असंबद्ध कथानक और शब्दों व चित्रों में अंतर जैसी तकनीकी कमियां होती हैं। नतीजतन, ये किताबें न तो शैक्षणिक रूप से उपयोगी होती हैं और न ही मनोरंजक। इसके अलावा, बुजुर्ग उपहार चुनते समय बच्चे की उम्र के अनुसार भाषा और वाक्य संरचना का ध्यान नहीं रख पाते, जो बच्चों के मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है।

साक्षरता संकट और घर पर पढ़ने की बदलती आदतें

एआई से बनी घटिया किताबों की यह बाढ़ ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में प्राथमिक स्तर पर पढ़ने की क्षमता में गिरावट देखी जा रही है। जनवरी 2025 में जारी नेशनल असेसमेंट ऑफ एजुकेशनल प्रोग्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में चौथी कक्षा के लगभग 40 प्रतिशत बच्चे बुनियादी मानक से भी नीचे पढ़ रहे हैं। वहीं, घरों में बच्चों को बोलकर किताबें सुनाने की प्रवृत्ति भी कम हो रही है।

हार्परकॉलिन और शोध फर्म नील्सन द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि बच्चों को बोलकर पढ़ाने वाले माता-पिता की संख्या अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। 13 साल तक के बच्चों वाले माता-पिता में से आधे से भी कम ने माना कि बच्चों को पढ़कर सुनाना उनके लिए आनंददायक है। विशेष रूप से जेन जी माता-पिता पढ़ने को एक आनंददायक गतिविधि के बजाय काम या बोझ के रूप में देखते हैं। साक्षरता के इस संकट के बीच, खराब गुणवत्ता वाली एआई पुस्तकें स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं।

प्राइवेसी का जोखिम और ऐतिहासिक बदलाव

कहानी की बनावट के अलावा, बच्चों की तस्वीरों और डेटा की सुरक्षा को लेकर माता-पिता में गहरी चिंता है। दाओझी शू के अनुसार, अभिभावकों का यह सोचना बिल्कुल जायज है कि एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाने वाली बच्चों की तस्वीरों को कैसे सुरक्षित रखा जा रहा है और क्या उन्हें किसी तीसरे पक्ष को बेचा जा रहा है या मॉडल को प्रशिक्षित करने में इस्तेमाल किया जा रहा है।

यह डर अतीत में मिलने वाली कस्टमाइज्ड किताबों की तुलना में कहीं अधिक है। 1970 और 1980 के दशक में टेलीविजन पर "मी बुक्स" का विज्ञापन आता था। उस समय मैड लिब्स की शैली में पहले से लिखी कहानियों में बच्चे का नाम भर दिया जाता था, लेकिन उसमें किसी तरह की डिजिटल फोटो अपलोड करने या प्राइवेसी खोने का खतरा नहीं था।

डेटा सुरक्षा के सवाल पर प्लेटफॉर्म्स की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं। स्टोरीवंडरबुक और चाइल्डबुक.एआई ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया। दूसरी ओर, इमेजिटाइम ने एक बयान में कहा कि वह उपयोगकर्ताओं के डेटा की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाता है। कंपनी ने दावा किया कि ग्राहकों की जानकारी "अनधिकृत तीसरे पक्षों के साथ साझा नहीं की जाती" और न ही इसका इस्तेमाल विज्ञापनों या मॉडल ट्रेनिंग के लिए होता है। इमेजिटाइम ने यह भी कहा कि उसकी किताबें केवल एआई से नहीं बनतीं, बल्कि उनकी टीम के लेखक और चित्रकार भी संपादन में मदद करते हैं।

बाज़ार का दबाव और लेखकों पर असर

एआई किताबों के इस कारोबार का असर पारंपरिक बाल साहित्य के बाज़ार पर भी पड़ रहा है। अमेज़न पर किताबें खरीदने वाले कई माता-पिता ने शिकायत की है कि बिना किसी स्पष्ट लेबल के एआई किताबें बेची जा रही हैं, जिनमें पहेलियां और चित्र गलतियों से भरे होते हैं।

कीमतों की बात करें तो इमेजिटाइम की हार्डकवर किताब की कीमत $54.99 है। वहीं स्टोरीवंडरबुक $14.99 प्रति माह के शुल्क पर 20 कहानियां, ऑडियो नरेशन और डिजिटल गैलरी की सुविधा देता है। चाइल्डबुक.एआई $24 प्रति माह के शुल्क पर 50 डिजिटल किताबें और एक प्रिंटेड किताब घर भेजने का विकल्प देता है।

इंसानी लेखकों और चित्रकारों की कड़ी मेहनत की तुलना में ये प्लेटफॉर्म बहुत कम समय और लागत में वर्चुअल असेंबली लाइन की तरह किताबें तैयार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग इसे आसानी से अतिरिक्त कमाई करने का जरिया बताकर बढ़ावा दे रहे हैं। यह पूरा मॉडल इस गलत धारणा पर आधारित है कि छोटे बच्चे एक अच्छी किताब और बिना सिर-पैर के मशीनी शब्दों के बीच का अंतर नहीं समझ पाएंगे। हालांकि, वास्तविक प्रतिक्रियाएं दिखाती हैं कि बच्चे इस अंतर को तुरंत पहचान लेते हैं और माता-पिता भी ऐसी किताबों को खारिज कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

एआई से बनी बच्चों की किताबें क्या होती हैं?
ये वे डिजिटल पुस्तकें हैं जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए बनाया जाता है, जिनमें बच्चे की फोटो, नाम और अनुभवों को जोड़कर कस्टमाइज्ड कहानियां तैयार की जाती हैं।
माता-पिता इन एआई किताबों का विरोध क्यों कर रहे हैं?
अभिभावक इन किताबों की कमजोर कहानी, नीरस भाषा, वर्तनी की गलतियों और बच्चों की तस्वीरों से जुड़े प्राइवेसी जोखिमों को लेकर विरोध कर रहे हैं।
क्या एआई किताबें बच्चों के पढ़ने के विकास में मदद करती हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, एआई किताबों में हास्य, नाटकीय तनाव और अच्छे पात्रों की कमी होती है, जिससे बच्चों का पढ़ने में मन नहीं लगता और उनका भाषाई विकास प्रभावित होता है।
क्या कस्टमाइज्ड एआई प्लेटफॉर्म्स बच्चों का डेटा सुरक्षित रखते हैं?
इमेजिटाइम जैसे कुछ प्लेटफॉर्म सुरक्षा का दावा करते हैं, लेकिन कई अन्य प्लेटफॉर्म्स पर प्राइवेसी नीतियों और फोटो के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता की कमी है।
एआई बाल पुस्तकें खरीदने में कितना खर्च आता है?
इमेजिटाइम की हार्डकवर किताब $54.99 की है, जबकि स्टोरीवंडरबुक और चाइल्डबुक.एआई $14.99 और $24 प्रति माह के सब्सक्रिप्शन प्लान की पेशकश करते हैं।
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