नया मोबाइल फोन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। घरेलू स्मार्टफोन निर्माता कंपनी लावा ने अपने पूरे स्मार्टफोन लाइनअप की कीमतों में बढ़ोतरी करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। 15 नवंबर 2026 की तारीख से कंपनी के सभी हैंडसेट बाजार में मौजूदा दरों से अधिक कीमत पर बेचे जाएंगे। इस फैसले के तहत कुछ चुनिंदा मॉडल्स के दाम में अधिकतम 3,000 रुपये तक की सीधी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में जो उपभोक्ता लावा का नया डिवाइस लेने की तैयारी में हैं, उनके लिए 15 नवंबर से पहले उपलब्ध मौजूदा ऑफर्स और रियायती दरों पर खरीदारी करना अधिक किफायती साबित होगा।
15 नवंबर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों बाजारों में लागू होंगी नई दरें
कंपनी के अनुसार, मूल्य संशोधन की यह प्रक्रिया 15 नवंबर से प्रभावी हो जाएगी। इस तारीख के बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ रिटेल दुकानों पर भी नए प्राइस टैग के साथ हैंडसेट उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि लावा ने अभी तक मॉडल-वार कीमतों की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी फोन पर मूल्य वृद्धि का यह आंकड़ा अधिकतम 3,000 रुपये तक सीमित रहेगा।
इसका सीधा अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक हैंडसेट पर पूरे 3,000 रुपये ही बढ़ाए जाएंगे। कीमतों में बदलाव अलग-अलग मॉडल, उनके स्पेसिफिकेशन्स और स्टोरेज वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग तय किया जाएगा। कुछ शुरुआती या बजट मॉडल्स की दरों में अपेक्षाकृत कम इजाफा हो सकता है, जबकि प्रीमियम या हाई-एंड वेरिएंट्स पर यह बढ़ोतरी अधिकतम सीमा के करीब पहुंच सकती है।
हार्डवेयर कलपुर्जों की बढ़ती लागत बनी मूल्य वृद्धि की मुख्य वजह
कंपनी ने अचानक लिए गए इस फैसले के पीछे आंतरिक हार्डवेयर कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों को प्राथमिक कारण बताया है। लावा का कहना है कि वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन निर्माण से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला में अड़चनें आ रही हैं, जिसके चलते RAM और इंटरनल स्टोरेज चिप्स की खरीद लागत में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
किसी भी आधुनिक फोन के संचालन में ये दोनों घटक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। RAM डिवाइस में मल्टीटास्किंग, एप्लिकेशन लोडिंग और बैकग्राउंड प्रोसेस को सुचारू रूप से चलाने का काम करती है, जबकि स्टोरेज चिप में ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ-साथ उपभोक्ताओं के निजी फोटो, वीडियो, दस्तावेज और अन्य फाइल्स सुरक्षित रहती हैं। इन आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक चिप्स की कीमतें आसमान छूने से हैंडसेट के उत्पादन का कुल खर्च बढ़ गया है।
बिना किसी हार्डवेयर बदलाव के केवल निर्माण लागत का भार
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कीमतों में किया जा रहा यह संशोधन किसी नए तकनीकी फीचर, डिजाइन बदलाव या अतिरिक्त हार्डवेयर अपग्रेड के कारण नहीं है। यह पूरी तरह से उत्पादन लागत में हुए इजाफे का परिणाम है, जिसे कंपनी अब खुद वहन करने के बजाय बाजार पर स्थानांतरित कर रही है। लावा के किस मॉडल पर कितने रुपये बढ़ेंगे, इसकी अंतिम और आधिकारिक सूची 15 नवंबर के आसपास ही जारी होने की संभावना है।



















