घरेलू शेयर बाजार में आज कारोबारी हफ्ते की शुरुआत खासी हलचल भरी रहने के आसार नजर आ रहे हैं। सुबह के वक्त गिफ्ट निफ्टी 183 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। निफ्टी फ्यूचर्स 0.79 प्रतिशत अथवा 183 अंक चढ़कर 23,269 के स्तर पर बना हुआ है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि बाजार में गैप अप शुरुआत हो सकती है। पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को सेंसेक्स 308.49 अंक उछलकर 74,459.53 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 116.35 अंकों की बढ़त लेकर 23,053.10 के स्तर पर टिका था। आज दलाल स्ट्रीट की सबसे बड़ी कहानी दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजों पर निवेशकों की प्रतिक्रिया रहने वाली है, क्योंकि शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद कई दिग्गज कंपनियों के वित्तीय आंकड़े सामने आए हैं।
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान
घरेलू बाजार में उत्साह के विपरीत विदेशी बाजारों का मूड काफी मिला-जुला नजर आ रहा है। ऑस्ट्रेलियाई बाजार की चर्चाओं से संकेत मिलता है कि वॉल स्ट्रीट पर शुक्रवार को तकनीकी शेयरों में भारी बिकवाली का माहौल रहा। दिग्गज चिप निर्माता इंटेल के शेयरों में लगभग 30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज हुई, जबकि सोने के भाव में नरमी का रुख देखने को मिला है। ऐसे मिले-जुले वैश्विक माहौल के बीच भारतीय बाजारों में आज नतीजों वाले शेयरों पर सबसे ज्यादा ध्यान रहेगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स के नतीजों पर नजर
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को अपने बेहद मजबूत तिमाही आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 41 प्रतिशत बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो बीते वर्ष इसी तिमाही में 18,165 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस दौरान कंपनी का एबिटा 24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,409 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के लिए सबसे बड़ा सहारा उसका तेल से रसायन (O2C) कारोबार साबित हुआ, जिसका एबिटा सालाना आधार पर 68 प्रतिशत उछलकर 25,203 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि रिलायंस रिटेल का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा, जिसका शुद्ध लाभ 24.3 प्रतिशत घटकर 2,611 करोड़ रुपये रह गया। इसके अलावा बोर्ड ने गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्रों यानी एनसीडी के जरिए 15,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना को भी मंजूरी दी है।
लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने पहले तिमाही वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। आज के कारोबार में निवेशकों की मुख्य नजर इस बात पर होगी कि क्या तेल कारोबार के शानदार आंकड़े और डिजिटल कारोबार की बढ़ोतरी, रिटेल खंड में आई गिरावट के असर को पूरी तरह बेअसर कर पाते हैं या नहीं।
सन फार्मा पर दबाव और इंडियन ऑयल का रिकॉर्ड मुनाफा
सन फार्मास्यूटिकल्स के शेयरों में आज बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 36.2 प्रतिशत घटकर 1,988.53 करोड़ रुपये पर आ गया। मुनाफे में इस बड़ी गिरावट की प्रमुख वजह 1,269 करोड़ रुपये का एकमुश्त नुकसान रहा। हालांकि कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 11.88 प्रतिशत बढ़कर 16,198.71 करोड़ रुपये दर्ज हुआ है।
दूसरी ओर सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल के शेयरों में आज निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी दिख सकती है। कंपनी ने अब तक का अपना सबसे बेहतरीन तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया है। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का शुद्ध लाभ 21,630.03 करोड़ रुपये रहा, जो इतिहास में इसका सर्वाधिक तिमाही मुनाफा है। रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल मार्जिन में जोरदार विस्तार के चलते कंपनी को यह रिकॉर्ड सफलता हासिल हुई है।
रक्षा पीएसयू बीईएल के प्रदर्शन और अन्य नतीजों की कतार
रक्षा क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी बीईएल पर भी आज कारोबारियों का गहरा ध्यान रहेगा। कंपनी ने 1,541 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो सालाना आधार पर 19.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। इस दौरान कंपनी का राजस्व 26.5 प्रतिशत बढ़कर 7,291 करोड़ रुपये रहा। बीईएल की कुल ऑर्डर बुक इस समय 68,717 करोड़ रुपये के मजबूत स्तर पर मौजूद है। हालांकि राजस्व वृद्धि के मुकाबले मुनाफे की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है, जिसे विश्लेषक रेखांकित कर सकते हैं, लेकिन 6,487 करोड़ रुपये से 6,720 करोड़ रुपये के पूर्व अनुमानों के मुकाबले राजस्व का कहीं बेहतर रहना स्टॉक के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।
नतीजों के इस व्यस्त सत्र में आज भी कई प्रमुख कंपनियां अपने आंकड़े पेश करने जा रही हैं। इनमें आईटीसी, मैरिको, नाल्को, एनएलसी इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन शामिल हैं, जिनकी वित्तीय घोषणाओं पर पूरे दिन बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।



















