दूरदर्शन केंद्र हैदराबाद के 50 से अधिक वर्षों का सफर, जानिए 1974 से रामंतापुर स्टूडियो बनने की ऐतिहासिक कहानीमानसून की बौछारों से चमका डीग का जल महल, सावन और भादों में शाही वास्तुकला देखने उमड़े सैलानीNEET UG 2026 टॉपर रणनीति: ऑल इंडिया रैंक 2 पाने वाले पांशुल बंसल और AIR-1 आर्यन गुप्ता के 6 सबसे अहम टिप्सडार्विन टेस्ट: हसन महमूद के 6 विकेट से ऑस्ट्रेलिया 198 पर ढेर, स्टीव स्मिथ के नॉट आउट रहने पर स्निको विवादवृषभ राशिफल 13 अगस्त 2026: मन की उलझनें होंगी समाप्त, धन के मामले में जल्दबाजी से बचेंजय वीरू से ऊंचाई तक महानायक अमिताभ बच्चन की चार फिल्में जिन्होंने बड़े पर्दे पर निभाई गहरी यारीखेलों में सट्टा लगाने वाले मंच नोविग ने 21 साल से कम उम्र के युवाओं पर लगाया प्रतिबंध, अमेरिकी राज्यों में शुरू हुई कानूनी जंग80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन, जानिए गार्ड ऑफ ऑनर से लेकर हेलीकॉप्टर शावर तक का पूरा शेड्यूलअसम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आया चाय उद्योग, मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 81.36 लाख रुपयेअसम में तीन अत्याधुनिक वन्यजीव पुनर्वास केंद्र बनाएगा अनंत अंबानी का वंतारा फाउंडेशन, खुद उठाएगा पूरा खर्च
दूरदर्शन केंद्र हैदराबाद के 50 से अधिक वर्षों का सफर, जानिए 1974 से रामंतापुर स्टूडियो बनने की ऐतिहासिक कहानीतेलंगाना
13 अग॰ 2026, 8:02 pm (1 घंटे पहले)· 3

दूरदर्शन केंद्र हैदराबाद के 50 से अधिक वर्षों का सफर, जानिए 1974 से रामंतापुर स्टूडियो बनने की ऐतिहासिक कहानी

हैदराबाद में टीवी प्रसारण की शुरुआत 1974 में एक बेस प्रोडक्शन सेंटर के रूप में हुई थी, जिसका 1977 में राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने आधिकारिक उद्घाटन किया था।

आज के दौर में भले ही हर हाथ में स्मार्टफोन पहुंच चुका है और ओटीटी ऐप्स का बोलबाला है, लेकिन टेलीविजन के शुरुआती दिनों से जुड़ी यादें आज भी लोगों के दिलों में एक खास जगह रखती हैं। भारत में जब टेलीविजन क्रांति का आगाज़ हो रहा था, तब हैदराबाद ने भी देश के प्रसारण मानचित्र पर अपनी एक विशिष्ट और मजबूत पहचान बनाई थी। हैदराबाद में दूरदर्शन की यह ऐतिहासिक यात्रा पांच दशकों से भी अधिक पुरानी और अत्यंत प्रेरणादायक रही है।

1974 में पड़ी थी प्रसारण की नींव

हैदराबाद शहर में टीवी ब्रॉडकास्ट की नींव वर्ष 1974 में रखी गई थी। शुरुआती दौर में इसे मुख्य रूप से एक टेलीविजन बेस प्रोडक्शन सेंटर के रूप में स्थापित किया गया था। उस समय इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर विविध कार्यक्रमों का निर्माण करना और आवश्यक तकनीकी संसाधनों को एकजुट करना था।

ये भी पढ़ें

इसके कुछ वर्षों बाद, 23 अक्टूबर 1977 को दूरदर्शन केंद्र हैदराबाद का औपचारिक और आधिकारिक उद्घाटन संपन्न हुआ। भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने इस केंद्र का शुभारंभ किया था। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही हैदराबाद देश के प्रमुख और अग्रणि प्रसारण केंद्रों की श्रेणी में शामिल हो गया था।

रामंतापुर में अत्याधुनिक स्टूडियो का निर्माण

जैसे-जैसे दर्शकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई और दूरदर्शन के नेटवर्क का दायरा बढ़ा, एक बड़े और आधुनिक स्टूडियो की आवश्यकता महसूस की जाने लगी। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए शहर के रामंतापुर इलाके में एक विशाल और स्थायी टीवी स्टूडियो कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया। इस केंद्र ने वर्ष 1988 से पूर्ण रूप से अपना कामकाज शुरू कर दिया था।

रामंतापुर स्थित यह टीवी कॉम्प्लेक्स तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सांस्कृतिक तथा सामाजिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण गवाह रहा है। इस केंद्र से दशकों तक तेलुगु, उर्दू और हिंदी भाषा में अनगिनत लोकप्रिय धारावाहिक, समाचार बुलेटिन, ज्ञानवर्धक डॉक्यूमेंट्री और लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का निर्माण किया गया।

स्थानीय प्रतिभाओं को मिला बड़ा मंच

इस केंद्र ने न केवल क्षेत्रीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा दिया, बल्कि स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और पत्रकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक विशाल मंच भी प्रदान किया। इसने क्षेत्र में जनसंचार के विकास में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

डिजिटल क्रांति के इस वर्तमान दौर में भी रामंतापुर का यह केंद्र प्रसार भारती के अंतर्गत दूरदर्शन हैदराबाद के एक प्रमुख और ऐतिहासिक प्रोडक्शन सेंटर के रूप में लगातार कार्यरत है। समय के साथ प्रसारण की तकनीक भले ही पूरी तरह बदल गई हो, लेकिन हैदराबाद में दूरदर्शन द्वारा रखी गई जनसंचार और सूचना क्रांति की नींव का महत्व आज भी उतना ही प्रासंगिक बना हुआ है।

सवाल-जवाब

हैदराबाद में दूरदर्शन केंद्र की शुरुआत कब हुई थी?
हैदराबाद में 1974 में टेलीविजन बेस प्रोडक्शन सेंटर के रूप में नींव रखी गई थी, जिसके बाद 23 अक्टूबर 1977 को इसका आधिकारिक उद्घाटन हुआ।
दूरदर्शन केंद्र हैदराबाद का उद्घाटन किसने किया था?
इसका औपचारिक उद्घाटन भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने 23 अक्टूबर 1977 को किया था।
रामंतापुर का स्टूडियो कॉम्प्लेक्स कब बनकर तैयार हुआ?
रामंतापुर में निर्मित विशाल और स्थायी टीवी स्टूडियो कॉम्प्लेक्स ने 1988 में पूर्ण रूप से काम करना शुरू किया था।
हैदराबाद केंद्र से किन-किन भाषाओं में प्रसारण होता था?
रामंतापुर केंद्र से तेलुगु, उर्दू और हिंदी भाषाओं में समाचार, धारावाहिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रसारित किए जाते थे।
वर्तमान में दूरदर्शन हैदराबाद का संचालन किस संस्था के तहत होता है?
वर्तमान में रामंतापुर का यह ऐतिहासिक केंद्र प्रसार भारती के अंतर्गत एक प्रमुख प्रोडक्शन सेंटर के रूप में कार्यरत है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·43 मिनट पहले

यह ऐतिहासिक विवरण जनसंचार के विकास को रेखांकित करता है। यद्यपि यह सीधे तौर पर अपराध या कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटना नहीं है, फिर भी सार्वजनिक प्रसारक की यह लंबी यात्रा और इसके रामंतापुर स्टूडियो का यह सफर राज्य के सामाजिक इतिहास और सूचना के अधिकार के बुनियादी ढांचे को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भविष्य के अभिलेखों के लिहाज से ऐसे संस्थानों का संरक्षण जरूरी है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·42 मिनट पहले

सार्वजनिक प्रसारक की यह पांच दशकों से अधिक लंबी यात्रा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अस्मिता और सुशासन के सूचना तंत्र का आधार स्तंभ रही है। डिजिटल युग में भी सरकारी नीतियों, सांस्कृतिक संरक्षण और जनहित की सूचनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सार्वजनिक प्रसारकों की भूमिका लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करती है। ऐसे संस्थानों के आधुनिकीकरण और ऐतिहासिक अभिलेखों का संरक्षण समय की मांग है, ताकि भावी पीढ़ियां जनसंचार के इस ऐतिहासिक विकास से परिचित हो सकें।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR