तेलंगाना की सियासत में एक ताजा वीडियो सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इब्राहिमपटनम विधानसभा क्षेत्र से 70 साल के कांग्रेस विधायक मलरेड्डी रंगा रेड्डी राज्य सरकार की मुफ्त बस योजना के तहत चल रही एक सार्वजनिक बस में सफर कर रहे थे। इस यात्रा के दौरान वह बस में मौजूद कुछ छात्राओं से बातचीत कर रहे थे। बातचीत के बीच अचानक विधायक द्वारा एक छात्रा का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचने का दृश्य कैमरे में दर्ज हो गया, जिसके बाद छात्रा तुरंत पीछे हट गई। यह फुटेज सामने आते ही विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ दल और विधायक के आचरण को लेकर तीखा हमला बोल दिया है।
महालक्ष्मी योजना के फीडबैक के दौरान सामने आया घटनाक्रम
यह पूरा मामला उस समय का है जब विधायक मलरेड्डी रंगा रेड्डी कांग्रेस सरकार की महालक्ष्मी मुफ्त बस यात्रा योजना की समीक्षा के सिलसिले में सरकारी बस में सवार हुए थे। बस के अंदर सफर कर रही छात्राओं ने बातचीत के दौरान बताया कि वे बीते करीब एक साल से इस सुविधा का लगातार लाभ उठा रही हैं। छात्राओं का कहना था कि इस योजना की मदद से उनकी हर साल लगभग 45,000 रुपये की बचत हो पा रही है। इसी संवाद के दौरान विधायक ने छात्रा का हाथ पकड़ लिया और उसे अपनी तरफ खींचा। छात्रा ने असहज होकर तत्काल अपना हाथ पीछे खींच लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से प्रसारित हो गया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
बीजेपी और बीआरएस ने उठाए गंभीर सवाल
वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह-संयोजक अरुण यादव ने इसे साझा करते हुए विधायक के व्यवहार को पूरी तरह अनुचित करार दिया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को घेरते हुए पार्टी नेता राहुल गांधी के उस पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने पुणे में पितृसत्ता को समाप्त करने की वकालत की थी। बीजेपी नेताओं ने सवाल किया कि जो दल देश भर में महिला सुरक्षा और सम्मान की बात करता है, वह अपने ही 70 वर्षीय जनप्रतिनिधि के इस आचरण पर चुप्पी क्यों साधे हुए है।
दूसरी ओर, भारत राष्ट्र समिति के नेता आर.एस. प्रवीण कुमार ने भी इस घटना पर तीखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि चलती बस में एक छात्रा का हाथ इस तरह पकड़ना महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के समान है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलंगाना महिला आयोग और पुलिस महानिदेशक से मांग की कि इस प्रकरण में बिना किसी देरी के सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
विधायक ने दी सफाई, संतुलन बिगड़ने की दलील पेश की
चारों तरफ से हो रही आलोचनाओं के बीच विधायक मलरेड्डी रंगा रेड्डी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका इरादा बिल्कुल नेक था और वह छात्राओं से पिता समान आत्मीयता और स्नेह के भाव से संवाद कर रहे थे। विधायक ने विस्तार से बताते हुए कहा कि वह 6 अक्टूबर को जिला कलेक्टर कार्यालय की बैठक समाप्त होने के बाद बोंगुलुरु से इस सरकारी बस में चढ़े थे।
विधायक के अनुसार, बस में काफी अधिक भीड़ थी और छात्राओं ने सफर के दौरान उनसे अतिरिक्त बसें शुरू करवाने की मांग रखी थी। उन्होंने दावा किया कि जब बस सड़क के एक मोड़ पर मुड़ रही थी, तब उनका शारीरिक संतुलन बिगड़ने लगा था और उसी संतुलन को बनाए रखने के प्रयास में यह स्थिति बनी। उन्होंने बीआरएस और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे इस सामान्य घटना को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
























