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बिना किसी ब्रेक के लगातार खेलने से बढ़ रहा टेनिस खिलाड़ियों पर संकट, विंबलडन में चोटों के कारण बाहर हो रहे बड़े स्टार्सटेनिस
4 घंटे पहले· 3

बिना किसी ब्रेक के लगातार खेलने से बढ़ रहा टेनिस खिलाड़ियों पर संकट, विंबलडन में चोटों के कारण बाहर हो रहे बड़े स्टार्स

लगातार बढ़ते मुकाबलों, बेहद छोटे ब्रेक और लंबे मैचों के चलते टेनिस खिलाड़ियों के शरीर टूट रहे हैं, जिससे कई बड़े स्टार्स को इस साल विंबलडन से हटना पड़ा है।

Sandeep YadavSandeep YadavSports Correspondent 9 मिनट पढ़ें AI के लिए
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विंबलडन के शुरुआती दौर के मुकाबले के दौरान कनाडा के टेनिस खिलाड़ी डेनिस शापोवालोव का अचानक मैच से हट जाना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि आधुनिक समय में पेशेवर टेनिस खिलाड़ियों के शरीर पर कितना भारी दबाव पड़ रहा है। डेनिस शापोवालोव, जिन्होंने साल 2021 में विंबलडन के सेमीफाइनल तक का शानदार सफर तय किया था, सोमवार को कंधे की चोट के कारण अपने पहले दौर के मैच के बीच से ही हटने के लिए मजबूर हो गए। यह निराशाजनक घटना ठीक उसी समय सामने आई जब ब्रिटिश खिलाड़ी जैक ड्रैपर ने खेल के शीर्ष खिलाड़ियों को लगातार लगने वाली चोटों पर गंभीर चिंताएं जाहिर कीं। जैक ड्रैपर द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे को उठाए जाने का समय या तो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था या फिर यह एक बेहद सोची-समझी चेतावनी थी जो टेनिस के उस सिस्टम की पोल खोलती है जिसके बारे में कई लोगों का मानना है कि यह खिलाड़ियों को उनकी शारीरिक सीमाओं से कहीं आगे धकेल रहा है।

आधुनिक टेनिस टूर पर सफलता की भारी शारीरिक कीमत

पूर्व वर्ल्ड नंबर फोर जैक ड्रैपर लंबे समय से खेल के शीर्ष सितारों पर थोपे जाने वाले अत्यधिक शारीरिक और मानसिक दबाव के खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं। उनका मानना है कि बिना किसी बड़े ब्रेक के लगभग 11 महीने तक चलने वाला थकाऊ सीजन, बहुत कम समय का ऑफ-सीजन, लंबे समय तक चलने वाले मैच और कोर्ट पर होने वाली अत्यधिक शारीरिक जंग सीधे तौर पर खिलाड़ियों के शरीर को नष्ट कर रही है। इस थका देने वाले कैलेंडर का असर टेनिस जगत के सबसे बड़े नामों पर भी साफ देखा जा सकता है। सात बार के मेजर चैंपियन कार्लोस अल्काराज़ कलाई की चोट के कारण इस साल विंबलडन में नहीं खेल पा रहे हैं। इसके अलावा, कई अन्य ATP खिलाड़ियों ने खुद को सुरक्षित रखने और फिट रखने के लिए क्वींस और ईस्टबोर्न जैसे महत्वपूर्ण ग्रास-कोर्ट टूर्नामेंटों से अपने नाम वापस ले लिए थे ताकि वे खुद को बड़े आयोजनों के लिए बचा सकें।

जैक ड्रैपर ने स्पष्ट किया कि जब भी वे टूर्नामेंट के ड्रॉ को देखते हैं, तो उन्हें हर जगह केवल कंधे, हाथ और कलाई की चोटों का बोलबाला दिखाई देता है। उनका मानना है कि टेनिस संघों को इस बात पर बहुत गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है कि वे टूर पर खिलाड़ियों से किस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें कितना शारीरिक श्रम करना पड़ रहा है।

ब्रिटिश टेनिस को लगा दोहरा झटका और बढ़ता संकट

जैक ड्रैपर का टूर्नामेंट से हटना ब्रिटिश टेनिस के लिए एक बड़ा झटका तो था ही, लेकिन इसके साथ ही उनकी हमवतन और बेहतरीन खिलाड़ी एम्मा रादुकानू भी पैर के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण विंबलडन से बाहर हो गईं। इन दोनों स्टार घरेलू खिलाड़ियों की अनुपस्थिति निसंदेह इस बड़े टूर्नामेंट के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि यह घटना खेल में बढ़ते हुए एक बेहद चिंताजनक और खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा करती है।

इस गंभीर विषय पर पूर्व वर्ल्ड नंबर वन ट्रेसी ऑस्टिन ने बताया कि वर्तमान समय में इतने सारे बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं कि हर कोई खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने के लिए उस अतिरिक्त 1% बढ़त को हासिल करने की कोशिश में लगा हुआ है। इस बढ़त को पाने के लिए खिलाड़ी कोर्ट पर और जिम में पहले से कहीं अधिक समय बिता रहे हैं। कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता से कहीं अधिक टूर्नामेंट खेल रहे हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो रहा है। यह खेल अब हर पहलू से बेहद थकाऊ और मांग वाला बन चुका है।

लंबे मैच और तेज रैलियां: क्या कहते हैं खेल के आंकड़े

अक्सर यह तर्क दिया जाता है कि चोटें किसी भी उच्च-स्तरीय खेल का एक सामान्य हिस्सा होती हैं। कुछ समीक्षकों का तो यह भी मानना है कि जो खिलाड़ी इस खेल की कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं, वे केवल बहाने ढूंढ रहे हैं। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों और खेल वैज्ञानिकों का डेटा इस बात का पूरा समर्थन करता है कि टेनिस दिन-ब-दिन और अधिक दुरूह तथा थकाऊ होता जा रहा है।

आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि अब मैच और रैलियां पहले की तुलना में कहीं अधिक लंबी हो रही हैं। खिलाड़ी अब कोर्ट पर पहले से कहीं अधिक तेजी से दौड़ रहे हैं और बॉल को हिट करने की उनकी ताकत भी अविश्वसनीय रूप से बढ़ी है। यह सब कुछ एक ऐसे सीजन के दौरान हो रहा है जो लगभग 11 महीनों तक लगातार चलता है, जिससे खिलाड़ियों को उबरने का बिल्कुल समय नहीं मिलता।

दुनिया के नौवें नंबर के खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। दानिल मेदवेदेव ने कहा कि वे हमेशा से यह मानते रहे हैं कि यदि किसी तरह से इस टेनिस सीजन को थोड़ा छोटा किया जाए और खिलाड़ियों को एक लंबा ऑफ-सीजन मिले, तो इससे खिलाड़ियों को गंभीर चोटों से बचाने में बहुत मदद मिल सकती है।

मिनी स्लैम और रैंकिंग पॉइंट्स की अंधी दौड़

जैक ड्रैपर ने कई ATP और WTA अनिवार्य टूर्नामेंटों की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन टूर्नामेंटों की अवधि को बढ़ाकर दो सप्ताह का कर दिया गया है ताकि उन्हें 'मिनी स्लैम' का रूप दिया जा सके, जिससे खिलाड़ियों के काम का बोझ अत्यधिक बढ़ गया है। शीर्ष स्तर पर अपने करियर को बनाए रखने के लिए लगातार रैंकिंग पॉइंट्स हासिल करने और पुरस्कार राशि जीतने का दबाव इतना अधिक होता है कि कई खिलाड़ी शत-प्रतिशत फिट न होने पर भी कोर्ट पर उतरने के लिए मजबूर महसूस करते हैं।

इस मुद्दे पर ग्रीस के दो बार के मेजर फाइनलिस्ट स्टेफानोस सितसिपास ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब आप इतना अधिक प्रशिक्षण लेते हैं, खुद को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं और बिना किसी ब्रेक के टूर पर हर हफ्ते मैच खेलते हैं, तो यह बहुत सामान्य बात है कि आपके शरीर में खिंचाव आएगा या किसी मोड़ पर अत्यधिक उपयोग के कारण आप चोटिल हो जाएंगे।

टीम खेल बनाम व्यक्तिगत खेल: बिना विकल्प की चुनौती

चोटों से उबरकर वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए कोर्ट पर बिताए जाने वाले समय और दोबारा चोटिल होने के जोखिम के बीच संतुलन बनाना बेहद नाजुक और चुनौतीपूर्ण काम है। पूर्व ब्रिटिश खिलाड़ी नाओमी ब्रॉडी ने इस स्थिति की तुलना करते हुए बताया कि एक व्यक्तिगत खेल खेलना कितना कठिन होता है। फुटबॉल या अन्य टीम खेलों की तरह यहां आपकी जगह किसी दूसरे खिलाड़ी को सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में नहीं उतारा जा सकता। आपको तुरंत ही गहरे पानी में कूदना पड़ता है।

नाओमी ब्रॉडी ने कहा कि आप कोर्ट पर जाकर केवल 20 या 30 मिनट खेलकर धीरे-धीरे अपनी क्षमता का निर्माण नहीं कर सकते। आपको एक सप्ताह तक लगातार हर दिन पूरा मैच खेलना पड़ता है। इससे शरीर पर अचानक बहुत अधिक भार पड़ता है। यदि आपकी पुरानी चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, तो शरीर के किसी दूसरे हिस्से में नई चोट उभरने का खतरा हमेशा बना रहता है।

ड्रैपर और रादुकानू की वापसी और चोट का दोबारा उभरना

जैक ड्रैपर और एम्मा रादुकानू दोनों को ही जल्दबाजी में वापसी करने की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। 24 वर्षीय जैक ड्रैपर ने पिछले सप्ताह ईस्टबोर्न में चार मैच खेलने से पहले दो महीने से अधिक समय तक कोई प्रतिस्पर्धी टेनिस नहीं खेला था। जब वे विंबलडन में खेलने की तैयारी कर रहे थे, जो कि इस सीजन का उनका पहला ग्रैंड स्लैम होने वाला था, तभी उनके सर्विंग आर्म यानी सर्विस करने वाले हाथ की हड्डी की पुरानी चोट दोबारा उभर आई और उन्हें टूर्नामेंट से हटने का कठिन फैसला लेना पड़ा।

वहीं दूसरी ओर, 23 वर्षीय एम्मा रादुकानू का मानना है कि दो सप्ताह पहले क्वींस में लगातार मैच खेलने के कारण उनके दाहिने पैर के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ। साल 2021 की इस यूएस ओपन चैंपियन खिलाड़ी ने पिछले चार महीनों से बाहर रहने के बाद वापसी करते हुए केवल छह दिनों में पांच मैच खेले थे। बारिश के कारण मैचों में हुई देरी की वजह से उन्हें क्वार्टर-फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले मात्र 30 घंटे से भी कम समय के भीतर खेलने पड़े, जिसने उनके पैर पर अत्यधिक दबाव डाला।

नाओमी ब्रॉडी ने इस पर दुख जताते हुए कहा कि जब आप चोट के बाद वापसी करते हैं, तो चोट को पूरी तरह ठीक होने देना और धीरे-धीरे शरीर पर भार बढ़ाना बेहद मुश्किल काम होता है। जब खिलाड़ी बहुत जल्दी कोर्ट पर लौट आते हैं, तो पुरानी चोटें दोबारा गंभीर रूप ले लेती हैं। यही वजह है कि टेनिस को दुनिया के सबसे अथक और थका देने वाले खेलों में गिना जाता है।

समाधान की तलाश: कैसे सुरक्षित रहें खिलाड़ी

टेनिस सीजन को छोटा करने के अलावा खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट आयोजकों से अधिक व्यावहारिक और समझदारी भरे शेड्यूल की मांग की है, जिसमें देर रात तक चलने वाले मैचों को समाप्त करना या कम करना शामिल है। अलग-अलग टूर्नामेंटों में अलग-अलग तरह की गेंदों के इस्तेमाल को भी शरीर के ऊपरी हिस्से में लगने वाली चोटों का एक बड़ा कारण माना गया है। अलग-अलग गेंदों के वजन और गति में अंतर के कारण खिलाड़ियों के हाथों और कंधों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। हालांकि, अब पुरुष और महिला टेनिस टूर इस प्रणाली को अधिक केंद्रीकृत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। स्टेफानोस सितसिपास ने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक रैकेट तकनीक ने खिलाड़ियों को कुछ हद तक मदद जरूर पहुंचाई है, लेकिन शारीरिक दबाव अभी भी बहुत अधिक है।

खेल वैज्ञानिकों का सुझाव है कि टेनिस जगत को खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और कल्याण की निगरानी के लिए डेटा साझाकरण का एक अधिक समन्वित और वैज्ञानिक तरीका अपनाना चाहिए। उनका यह भी मानना है कि युवा खिलाड़ियों को शुरुआती दौर में ही लगने वाली चोटों से बचाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता है। हालांकि, वर्तमान में ATP और WTA ने इस बात पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं कि किशोर खिलाड़ी एक सीजन में कितने सीनियर टूर्नामेंट खेल सकते हैं।

ब्रिटेन की बिली जीन किंग कप कप्तान ऐनी केओथावोंग ने इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालते हुए कहा कि बहुत से खिलाड़ी पेशेवर टूर पर आने से पहले ही बचपन से बहुत अधिक टेनिस खेल चुके होते हैं। इस वजह से उनका शरीर पहले से ही थका हुआ होता है। युवावस्था से ही कोर्ट पर बिताए गए हजारों घंटे अंततः पेशेवर करियर में गंभीर चोटों का रूप ले लेते हैं। यदि टेनिस संघ खिलाड़ियों को संतुष्ट करने वाले और उनके शरीर को आराम देने वाले व्यावहारिक समाधान खोजने में विफल रहे, तो खेल में चोटों का यह सिलसिला और इसके ऊपर जारी रहने वाली यह बहस कभी समाप्त नहीं होगी।

इसका आप पर असर

खेल प्रेमियों और प्रशंसकों के लिए: टेनिस शेड्यूल के अत्यधिक व्यस्त होने और बड़े खिलाड़ियों के चोटिल होने से फैंस को विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में अपने पसंदीदा सितारों को खेलते देखने का मौका नहीं मिल पा रहा है, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच कम हो रहा है।

सवाल-जवाब

डेनिस शापोवालोव विंबलडन मैच से क्यों बाहर हो गए?
कनाडा के डेनिस शापोवालोव को कंधे की गंभीर चोट के कारण अपने पहले दौर के विंबलडन मैच के बीच से ही हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जैक ड्रैपर ने टेनिस कैलेंडर को लेकर क्या चिंताएं व्यक्त की हैं?
पूर्व वर्ल्ड नंबर फोर जैक ड्रैपर ने कहा कि बिना किसी ब्रेक के 11 महीने तक लगातार चलने वाला शेड्यूल, छोटा ऑफ-सीजन और टूर्नामेंटों की बढ़ाई गई अवधि खिलाड़ियों के शरीर को चोटिल कर रही है।
क्या कार्लोस अल्काराज़ इस साल विंबलडन खेल रहे हैं?
नहीं, सात बार के मेजर चैंपियन कार्लोस अल्काराज़ कलाई की चोट के कारण इस साल विंबलडन से बाहर हैं।
एम्मा रादुकानू को स्ट्रेस फ्रैक्चर कैसे हुआ?
लंबे समय तक बाहर रहने के बाद वापसी करते हुए एम्मा रादुकानू ने क्वींस में छह दिनों में पांच मैच खेले, जिसमें बारिश के कारण उन्हें 30 घंटे से कम समय में तीन नॉकआउट मैच खेलने पड़े, जिससे उनके पैर में स्ट्रेस फ्रैक्चर हो गया।
चोटों से बचने के लिए खिलाड़ियों ने क्या समाधान सुझाए हैं?
खिलाड़ियों ने टेनिस सीजन को छोटा करने, एक बड़ा ऑफ-सीजन देने, देर रात तक चलने वाले मैचों को बंद करने और अलग-अलग टूर्नामेंटों में एक जैसी गेंदों का उपयोग करने का सुझाव दिया है।
Sandeep Yadav
लेखक के बारे मेंSandeep YadavSports Correspondent New Delhi
विशेषज्ञताSports News, Cricket, Football, Tennis, Athletics, Live Match Coverage, Player Analysis, Tournaments, Rankings, International Sports, Game Reports

Sandeep Yadav is a Sports Correspondent covering live matches, tournaments, player updates, and sports news from around the world. He delivers fast and engaging coverage of major sporting events.

Sandeep Yadav is a Sports Correspondent specializing in coverage of national and international sports, including cricket, football, tennis, athletics, and major sporting events. He reports on live matches, player performances, team updates, tournaments, rankings, and breaking sports news. With a focus on speed, accuracy, and analysis, Sandeep delivers engaging sports stories that capture key moments and developments across the global sports landscape. His reporting includes match reports, pre- and post-game analysis, athlete profiles, and coverage of major championships and leagues.

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