महिला पेशेवर टेनिस के सत्र के अंतिम मुकाबले यानी डब्ल्यूटीए फाइनल्स को एक नया स्थाई ठिकाना मिल गया है। उत्तरी कैरोलिना का अमेरिकी शहर शार्लेट वर्ष 2027 से इस बहुचर्चित चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। महिला टेनिस संघ इस तीन साल के समझौते के माध्यम से टूर्नामेंट में निरंतरता और स्थिरता लाना चाहता है, क्योंकि पिछले सात वर्षों के दौरान यह प्रतियोगिता छह अलग-अलग शहरों में आयोजित की जा चुकी है। इसके अलावा संस्था ने अपने खेल को महिलाओं के खेलों का सुपर बोल जैसा भव्य और लोकप्रिय मंच बनाने का लक्ष्य तय किया है।
टूर्नामेंट के संचालन की कमान अब सीधे संगठन के हाथों में
डब्ल्यूटीए की प्रमुख वैलेरी कैमिलो ने इस नए कदम के रणनीतिक महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा, “डब्ल्यूटीए फाइनल्स का मालिकाना हक हमेशा से हमारे पास रहा है, लेकिन अब हम इसका सीधा संचालन भी करेंगे।” उनका मानना है कि खुद आयोजन संभालने से संस्था को वित्तीय निर्णय लेने, कमाई बढ़ाने और खर्चों को नियंत्रित करने की पूरी छूट मिलेगी, जिससे टूर्नामेंट का भविष्य दूसरों के भरोसे रहने के बजाय खुद संस्था के नियंत्रण में रहेगा। हालांकि संगठन सभी जमीनी काम अकेले नहीं करेगा, लेकिन आयोजन के मुख्य वित्तीय और परिचालन तंत्र पर उसकी सीधी पकड़ रहेगी।
साल 2026 के डब्ल्यूटीए फाइनल्स का आयोजन कैलिफोर्निया के इंडियन वेल्स में किया जाएगा, जिसके बाद 2027 से यह प्रतियोगिता शार्लेट स्थानांतरित हो जाएगी। वर्ष 2026 के लिए पुरस्कार राशि दस मिलियन डॉलर यानी 7.4 मिलियन पाउंड तय की गई है। यह इनामी राशि सऊदी अरब द्वारा पिछले वर्ष दी गई कुल राशि से 5.5 मिलियन डॉलर (4.1 मिलियन पाउंड) कम है। साल 2025 में सऊदी अरब में आयोजित टूर्नामेंट में एलेना रायबाकिना ने खिताबी जीत दर्ज की थी।
रियाद से समय पूर्व विदाई और वित्तीय संतुलन की योजना
रियाद को नवंबर में तीसरी बार इस टूर्नामेंट की मेजबानी करनी थी, लेकिन निर्धारित समझौते को तय समय से एक साल पहले ही खत्म कर दिया गया। इस बदलाव की एक बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच उपजे तनाव और अस्थिरता का माहौल था। इसके साथ ही सऊदी अरब के सॉवरेन वेल्थ फंड यानी पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (पीआईएफ) की खेल प्रायोजनों में घटती रुचि भी इस अलगाव का कारण बनी। सऊदी अरब के इस कोष ने हाल ही में एलआईवी गोल्फ को वित्तीय मदद देना बंद किया है, जबकि इससे पहले इसी वर्ष सऊदी अरब स्नूकर मास्टर्स पर भी इसी तरह असर पड़ा था।
लगातार मेजबान बदलने के कारण टूर्नामेंट को दर्शकों की कमी का भी सामना करना पड़ा है। इससे पहले शेनझेन में तय किया गया दस साल का अनुबंध केवल एक ही साल में समाप्त हो गया था। उसके बाद के वर्षों में गुआडालाहारा, फोर्ट वर्थ, कैनकन और रियाद को बारी-बारी से मेजबानी सौंपी गई थी। वर्ष 2026 को बदलाव का दौर बताते हुए वैलेरी कैमिलो ने स्पष्ट किया कि इंडियन वेल्स में अचानक टूर्नामेंट ले जाने के अप्रत्याशित खर्चों को संतुलित करने के लिए संगठन व्यावसायिक स्तर पर सामान्य बजट कटौती कर रहा है, ताकि 2027 और उसके बाद के वर्षों में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और दर्शकों की संख्या में टिकाऊ बढ़ोतरी दर्ज की जा सके।
स्पेक्ट्रम सेंटर में बदला हुआ प्रारूप और मुख्यालय का स्थानांतरण
शार्लेट में यह मुकाबला स्पेक्ट्रम सेंटर में खेला जाएगा, जो बास्केटबॉल टीम शार्लेट हॉर्केट्स का घरेलू एनबीए कोर्ट है। नवंबर के महीने में बास्केटबॉल सत्र अपने चरम पर होता है और टीम के लगातार घरेलू मैचों के कारण टूर्नामेंट की अवधि आठ दिनों से घटाकर पांच दिन की जाएगी। टूर्नामेंट के दिन कम होने से टिकट और प्रसारण से मिलने वाले राजस्व पर असर पड़ सकता है। इस व्यवस्था को देखते हुए डब्ल्यूटीए ने खिलाड़ियों के साथ नए मैच प्रारूपों पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। यदि राउंड-रॉबिन प्रारूप को बरकरार रखा जाता है, तो फाइनल तक पहुंचने वाली महिला खिलाड़ियों को हर दिन कोर्ट पर उतरना पड़ सकता है। इस समझौते के तहत डब्ल्यूटीए अपना वैश्विक मुख्यालय भी फ्लोरिडा के सेंट पीटर्सबर्ग से शार्लेट स्थानांतरित करेगा।



















