न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में 24,000 दर्शकों के जबरदस्त शोर के बीच जर्मन टेनिस स्टार अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने इतिहास रच दिया। घरेलू दावेदार बेन शेल्टन के खिलाफ फाइनल मुकाबले में ज्वेरेव ने अपनी जबरदस्त सर्विस और मानसिक दृढ़ता के दम पर यूएस ओपन पुरुष एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। ओपन एरा में बोरिस बेकर के बाद यूएस ओपन जीतने वाले वह जर्मनी के सिर्फ दूसरे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। मैच प्वॉइंट पर जब ज्वेरेव ने एक अजेय सर्विस दागी, तब वह खेल में इतने खोए हुए थे कि अगला प्वॉइंट खेलने के लिए फिर से बेसलाइन की तरफ बढ़ गए। उनकी टीम ने जब कोर्ट से चिल्लाकर बताया कि मैच खत्म हो चुका है और वह चैंपियन बन गए हैं, तब 29 वर्षीय खिलाड़ी के चेहरे पर एक सुखद हैरानी भरी मुस्कान तैर गई और उन्होंने दोनों हाथ हवा में उठा दिए।
मैच प्वॉइंट पर खेल के प्रति अजब एकाग्रता
फाइनल के अंतिम क्षणों के अपने अनुभव को साझा करते हुए ज्वेरेव ने बताया कि वह उस समय पूरी तरह से खेल के जोन में डूबे हुए थे और उन्हें कोर्ट का शोर बिल्कुल सुनाई नहीं दे रहा था। उन्होंने कहा, "At that moment I forgot about the score and it helped me." टेनिस प्रशिक्षक हमेशा खिलाड़ियों को स्कोर भूलकर सिर्फ अगले प्वॉइंट पर ध्यान केंद्रित करने की सीख देते हैं और ज्वेरेव के लिए यही फॉर्मूला निर्णायक साबित हुआ। यह दृश्य 2020 के यूएस ओपन फाइनल की यादों के बिल्कुल विपरीत था, जब डोमिनिक थीम के खिलाफ दिल तोड़ने वाली हार के बाद वह ट्रॉफी समारोह में रो पड़े थे और कहा था कि वह एक दिन इस ट्रॉफी को घर ले जाना चाहते हैं। अब जून में फ्रेंच ओपन जीतने के बाद यूएस ओपन पर कब्जा जमाकर वह दोहरे ग्रैंड स्लैम चैंपियन बन चुके हैं।
30 साल का सूखा खत्म और पारिवारिक संघर्ष की कहानी
इस खिताबी जीत के बाद ज्वेरेव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके देश ने 30 साल तक कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था, लेकिन पिछले तीन महीनों में ही उन्होंने दो ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 उन सभी बीते वर्षों के संघर्ष और मेहनत का फल है। 2020 के फाइनल में उनके माता-पिता मौजूद नहीं थे, लेकिन इस बार उनके पिता और कोच अलेक्जेंडर सीनियर लगातार कोर्ट साइड पर मौजूद रहकर उनका हौसला बढ़ा रहे थे। जीत के बाद ज्वेरेव ने विशेष तौर पर अपनी मां के साहस और त्याग को याद किया। उन्होंने कहा कि जब डॉक्टरों ने बचपन में कहा था कि उनके लिए सामान्य जीवन और खेल बहुत सीमित रहेगा, तब उनकी मां ने अटूट विश्वास के साथ कहा था कि उनका बेटा वही बनेगा जो वह बनना चाहेगा। ज्वेरेव ने अपनी मां को अपनी जिंदगी की सबसे मजबूत और अहम शख्सियत बताया।
टूर पर करियर का सबसे सफल साल और जबर्दस्त फिटनेस
विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी ज्वेरेव के लिए यह सत्र करियर का सबसे बेहतरीन दौर साबित हो रहा है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया और विंबलडन के फाइनल में भी जगह बनाई, जिसके बाद फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन की खिताबी जीत उनके खाते में आई। पिछले दो सत्रों में प्रमुख खिताब जीतने वाले यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज की चोटों का भी उन्हें लाभ मिला, लेकिन ज्वेरेव की बेहतर मानसिक मजबूती और फिटनेस उनके प्रदर्शन का सबसे बड़ा आधार रही। पूर्व विंबलडन चैंपियन मैरियन बार्टोली ने रेडियो प्रसारण पर उनकी शारीरिक क्षमता की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि अल्काराज, सिनर, नोवाक जोकोविच या राफेल नडाल के चरम दौर की चाहे जितनी बात की जाए, लेकिन मौजूदा समय में ज्वेरेव खेल के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों में शामिल हैं और उनके जितनी फिटनेस किसी के पास नहीं है।
मुश्किल शुरुआती दौर से खिताबी मुकाबले तक का सफर
ज्वेरेव का इस टूर्नामेंट का सफर आसान नहीं रहा था। पहले दोनों मुकाबलों में उन्हें पांच सेट तक पसीना बहाना पड़ा था और वे मैच न्यूयॉर्क की सुबह के शुरुआती घंटों तक खिंचे थे। टूर्नामेंट के पहले दौर में वह हार से महज दो प्वॉइंट दूर खड़े थे। हालांकि, वहां से उन्होंने जबरदस्त वापसी की, अपनी लय हासिल की और तीसरे दौर के बाद से फाइनल तक एक भी सेट नहीं गंवाया। फाइनल में शेल्टन के पक्ष में नारे लगा रही घरेलू भीड़ के सामने भी उनका संयम नहीं डिगा। पूर्व ब्रिटिश नंबर एक खिलाड़ी एनाबेल क्रॉफ्ट ने ज्वेरेव की मानसिक शक्ति की सराहना करते हुए कहा कि वह पूरे मुकाबले के दौरान ध्यान की समाधि जैसी अवस्था में थे और जीत का अहसास तक न होना बेहद असाधारण और दुर्लभ था।
शानदार सर्विस बनी जीत की कुंजी और रैंकिंग की जंग
बेन शेल्टन के खिलाफ मुकाबले में ज्वेरेव की सबसे बड़ी ताकत उनकी सर्विस रही, जिसे एटीपी टूर की सर्वश्रेष्ठ सर्विस में गिना जाता है। शुरुआती दो सेटों में उन्होंने अपनी पहली सर्विस पर 42 में से 39 प्वॉइंट जीते और तीसरे सेट के मध्य तक एक भी ब्रेक प्वॉइंट का सामना नहीं किया। हालांकि शेल्टन ने तीसरे सेट के अंत में उनकी सर्विस तोड़कर मैच को चौथे सेट में खींचा, लेकिन इसके बाद वह वापसी नहीं कर पाए और चौथे सेट में रिसीविंग के 20 में से सिर्फ 4 प्वॉइंट ही जीत सके। इस खिताबी जीत के बाद ज्वेरेव की नजरें अब विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने पर हैं। रैंकिंग में वह फिलहाल यानिक सिनर से 1,810 अंक पीछे हैं और सत्र में अभी दो मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट और साल का अंतिम एटीपी टूर फाइनल्स खेला जाना बाकी है।
मैदान के बाहर जुड़े विवाद
टेनिस कोर्ट पर शानदार सफलता के बावजूद ज्वेरेव का नाम कई विवादों से भी घिरा रहा है। अक्टूबर 2023 में अपनी पूर्व साथी, जिनके साथ उनका एक बच्चा भी है, को शारीरिक नुकसान पहुंचाने के मामले में उन पर 4,50,000 यूरो यानी 3,92,000 पाउंड का जुर्माना और पेनल्टी ऑर्डर लगाया गया था। उस समय अदालत की ओर से यह स्पष्ट किया गया था कि यह निर्णय कोई अंतिम फैसला नहीं है और न ही यह किसी दोष या निर्दोष होने का निर्धारण करता है। इन तमाम विवादों के बीच ज्वेरेव ने खेल के शीर्ष स्तर पर अपनी जगह मजबूती से कायम रखी है।



















