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देश के बड़े शहरों में मकानों की बिक्री घटी, खरीदारों ने दिखाया सतर्क रुखव्यापार
22 अग॰ 2026, 5:04 pm (57 मिनट पहले)· 2

देश के बड़े शहरों में मकानों की बिक्री घटी, खरीदारों ने दिखाया सतर्क रुख

देश के आठ प्रमुख शहरों में चालू कैलेंडर वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान मकानों की कुल बिक्री में 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

भारतीय रियल एस्टेट बाजार में इस समय एक दिलचस्प विरोधाभास देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहाँ प्रॉपर्टी और घरों की कीमतें लगातार ऊपर चढ़ रही हैं, वहीं देश के प्रमुख महानगरों में मकानों की खरीद-फरोख्त के आंकड़ों में सुस्ती साफ तौर पर महसूस की जा रही है। दुनिया भर के बाजारों में बने अनिश्चितता के माहौल और वैश्विक जोखिमों के बीच आम खरीदारों ने बेहद फूंक-फूंक कर कदम रखने की नीति अपनाई है। इसी सावधानी भरे रवैये का नतीजा है कि भारत के आठ बड़े शहरों में आवासीय संपत्तियों की मांग प्रभावित हुई है और अप्रैल से जून के बीच की तिमाही में कुल बिक्री का आंकड़ा नीचे आ गया है।

अप्रैल-जून तिमाही में आई गिरावट

समीक्षाधीन तीन महीनों की अवधि में देश के आठ प्रमुख शहरी बाजारों में कुल मिलाकर 91,729 यूनिट मकान बिके। अगर इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से की जाए, तो यह आंकड़ा 6 प्रतिशत अधिक था, जब कुल 97,674 मकान बिके थे। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म प्रॉपटाइगर ने अपनी ताजा बाजार रिपोर्ट 'रियल इनसाइट' में इन आंकड़ों को सामने रखा है। यह रिपोर्ट ऑरम प्रॉपटेक लिमिटेड की आवासीय संपत्ति इकाई द्वारा तैयार की गई है, जिसमें देश के आठ सबसे बड़े शहरी आवासीय बाजारों की गतिविधियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।

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किन शहरों में घटी और कहाँ बढ़ी बिक्री

रिपोर्ट के मुताबिक, देश के अधिकतर बड़े शहरी केंद्रों में मकानों की बिक्री में कमी दर्ज की गई है। जिन प्रमुख महानगरों में गिरावट आई है उनमें मुंबई महानगर क्षेत्र, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, पुणे, कोलकाता और अहमदाबाद के नाम शामिल हैं। इसके विपरीत, दक्षिण भारत के दो बड़े शहरों यानी चेन्नई और हैदराबाद में आवासीय संपत्तियों की बिक्री में सकारात्मक बढ़त दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि इस उठापटक के पीछे कई बाहरी और तकनीकी कारण काम कर रहे हैं।

बिक्री घटने के मुख्य कारण

परामर्श फर्म ने इस बात पर रोशनी डाली है कि आखिर खरीदार क्यों बाजार में थोड़ा संकोच कर रहे हैं। पश्चिम एशिया क्षेत्र में लंबे समय से चल रहा भू-राजनीतिक तनाव और दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से भविष्य में नौकरियों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर खरीदार खासे सतर्क हैं। इसी मानसिक स्थिति के कारण लोग अभी बड़ा वित्तीय जोखिम लेने से बच रहे हैं और अपनी गाढ़ी कमाई को प्रॉपर्टी में लगाने से पहले कई बार सोच रहे हैं।

शहरवार आंकड़ों पर नजर डालें तो एमएमआर में अप्रैल-जून के दौरान मकानों की बिक्री 7 फीसदी घटकर 24,112 यूनिट पर सिमट गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 25,939 यूनिट का था। इसी तरह दिल्ली-एनसीआर में भी 7 प्रतिशत की गिरावट आई और बिक्री 10,051 यूनिट से घटकर 9,352 यूनिट रह गई। सबसे बड़ी गिरावट पुणे और अहमदाबाद में देखने को मिली। पुणे में बिक्री 21 प्रतिशत लुढ़ककर 12,642 यूनिट पर आ गई, जो पिछले साल 15,962 यूनिट थी। अहमदाबाद में भी 20 फीसदी की तेज गिरावट के साथ बिक्री 7,541 यूनिट पर पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह 9,451 यूनिट थी। बेंगलुरु में 9 प्रतिशत की कमी के साथ बिक्री 14,186 यूनिट रही और कोलकाता में भी 9 फीसदी की गिरावट दर्ज करते हुए आंकड़ा 3,517 यूनिट पर बंद हुआ।

बाजार परिपक्व हो रहा है

इस पूरी स्थिति पर बात करते हुए प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रकाश तेजवानी का कहना है कि चालू वर्ष की दूसरी तिमाही के ये आंकड़े किसी कमजोरी की तरफ इशारा नहीं करते, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि भारतीय आवासीय बाजार अब अधिक परिपक्वता की ओर बढ़ रहा है। अब बाजार में कृत्रिम रूप से मांग पैदा करने के दिन लद चुके हैं और खरीदार पूरी तरह सोच-समझकर अपने निवेश के फैसले ले रहे हैं। इसके अलावा, बड़े शहरों के ग्राहक अब छोटे घरों के बजाय अधिक बड़े और लग्जरी मकानों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसकी वजह से बिकने वाली यूनिट्स की संख्या भले ही कम दिख रही हो, लेकिन कुल वित्तीय मूल्य के मामले में बाजार में जोरदार उछाल बना हुआ है।

सवाल-जवाब

अप्रैल-जून तिमाही में देश के आठ प्रमुख शहरों में मकानों की कुल बिक्री कितनी रही?
इस तिमाही के दौरान कुल 91,729 यूनिट मकान बिके, जो पिछले साल की समान अवधि से 6 प्रतिशत कम हैं।
किन दो प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई?
चेन्नई और हैदराबाद ऐसे दो बड़े शहर रहे जहाँ आवासीय संपत्तियों की बिक्री में बढ़त दर्ज की गई।
मकानों की बिक्री में गिरावट के पीछे क्या मुख्य कारण बताए गए हैं?
पश्चिम एशिया में संघर्ष और रोजगार पर एआई के संभावित प्रभाव को लेकर खरीदारों का सतर्क रुख इसके मुख्य कारण हैं।
किस शहर में आवासीय संपत्तियों की बिक्री में सबसे अधिक प्रतिशत गिरावट आई?
पुणे में मकानों की बिक्री में सबसे अधिक 21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
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