बिली जीन किंग कप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चेक गणराज्य की मजबूत टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रेट ब्रिटेन का सफर खत्म कर दिया। इस बेस्ट ऑफ थ्री मुकाबले में ब्रिटेन की दोनों शीर्ष एकल खिलाड़ी अपने-अपने मैच हार गईं, जिससे चेक टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। चेक गणराज्य की टीम पहले से ही इस मुकाबले में जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी, क्योंकि उनकी टीम की सभी पांचों खिलाड़ी सिंगल्स रैंकिंग के मामले में ब्रिटिश टीम की किसी भी सदस्य से आगे थीं। ब्रिटेन की कप्तान ऐनी कियोथावोंग की टीम ने कड़ी टक्कर देने की पूरी कोशिश की, लेकिन रैंकिंग और अनुभव के अंतर को पाटना उनके लिए नामुमकिन साबित हुआ।
सोनाय कार्तल की तीन घंटे की मैराथन जंग
ब्रिटेन की ओर से सोनाय कार्तल ने कोर्ट पर वापसी करते हुए जुझारूपन का जबर्दस्त उदाहरण पेश किया। पीठ के निचले हिस्से में चोट लगने के कारण कार्तल पिछले छह महीने से पेशेवर टेनिस से बाहर चल रही थीं। इतने लंबे ब्रेक के बाद वापसी करते हुए उन्होंने चेक गणराज्य की मैरी बौजकोवा को कड़ी चुनौती दी। यह रोमांचक मुकाबला तीन घंटे तक खिंचा, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए लंबी रैलियां देखने को मिलीं। पहले सेट के टाईब्रेकर में बौजकोवा ने 7-6 (7-2) से बाजी मारी, लेकिन कार्तल ने हार नहीं मानी और दूसरे सेट को 6-4 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला खड़ा किया। निर्णायक तीसरे सेट में दोनों के बीच संघर्ष जारी रहा, जहां बौजकोवा ने अंततः 6-4 से सेट और मैच अपने नाम कर लिया। भले ही कार्तल को 7-6 (7-2), 4-6, 6-4 के अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी, लेकिन उनकी जुझारू पारी ने सबको प्रभावित किया।
केटी बोल्टर पर भारी पड़ीं लिंडा नोस्कोवा
पहले मैच में पिछड़ने के बाद ग्रेट ब्रिटेन की सारी उम्मीदें उनकी नंबर एक खिलाड़ी केटी बोल्टर पर टिकी थीं, जो विश्व रैंकिंग में 54वें पायदान पर मौजूद हैं। हालांकि, दूसरे एकल मैच में विंबलडन चैंपियन लिंडा नोस्कोवा ने शुरू से ही अपना दबदबा कायम कर लिया। नोस्कोवा के आक्रामक खेल के सामने बोल्टर कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सकीं और ब्रिटेन को मुकाबले में वापस लाने में नाकाम रहीं। नोस्कोवा ने पहला सेट आसानी से 6-2 से जीत लिया। दूसरे सेट में बोल्टर ने कुछ संघर्ष दिखाया और सेट को टाईब्रेकर तक खींचा, लेकिन नोस्कोवा ने दबाव के पलों में संयम बरतते हुए टाईब्रेकर को 7-3 से जीतकर सेट 7-6 से समाप्त कर दिया। नोस्कोवा ने यह मुकाबला 6-2, 7-6 (7-3) से जीतकर अपनी टीम को अजेय बढ़त दिला दी।
चेक खिलाड़ियों के खिलाफ बोल्टर का निराशाजनक क्रम
केटी बोल्टर के लिए चेक गणराज्य की खिलाड़ियों के खिलाफ यह लगातार दूसरी बड़ी हार थी। इससे पहले यूएस ओपन में भी उन्हें चेक खिलाड़ी कैरोलिना मुचोवा के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था, जहां मुचोवा ने महज 58 मिनट में उन्हें एकतरफा अंदाज में बाहर कर दिया था। उस हार के ठीक तीन हफ्ते बाद एक बार फिर बोल्टर चेक चुनौती के सामने टिकने में असफल रहीं, जिसने ब्रिटेन की वापसी की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
खिताब का इंतजार बढ़ा और चेक गणराज्य की नजरें अगले दौर पर
साल 2023 के बाद यह पहला मौका है जब ग्रेट ब्रिटेन की महिला टीम बिली जीन किंग कप के सेमीफाइनल में पहुंचने से चूक गई है। इस हार के साथ ही टूर्नामेंट में अपना पहला खिताब जीतने का ब्रिटेन का सपना अब कम से कम एक और साल के लिए टल गया है। दूसरी तरफ, 11 बार की चैंपियन चेक गणराज्य ने एक बार फिर टूर्नामेंट में अपना दबदबा साबित किया है। टूर्नामेंट के फाइनल्स में खेल रही चेक गणराज्य इकलौती ऐसी टीम है जिसके स्क्वॉड में शीर्ष 10 रैंकिंग की दो खिलाड़ी शामिल हैं। क्वार्टर फाइनल की इस शानदार जीत के बाद चेक गणराज्य का सामना शुक्रवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान या स्पेन में से किसी एक टीम से होगा।



















