छह बार की ग्रैंड स्लैम विजेता पोलैंड की इगा स्वियातेक ने अपने मौजूदा टेनिस अभियान को समय से पहले समाप्त करने का बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने अपने करियर के इस दौर को सबसे चुनौतीपूर्ण सत्रों में से एक करार दिया है। जांघ की गंभीर चोट के चलते निंगबो ओपन से नाम वापस लेने के बाद पच्चीस वर्षीय खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि वह अब सीधे 2027 में कोर्ट पर वापसी करेंगी। इस कदम के बाद वह वर्ष 2019 के बाद पहली बार साल के अंत में आयोजित होने वाले डब्ल्यूटीए फाइनल्स में जगह बनाने से चूक गई हैं।
साल 2026 का पूरा सफर स्वियातेक के पिछले शानदार रिकॉर्ड की तुलना में काफी उतार-चढ़ाव भरा साबित हुआ। किसी भी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में वह क्वार्टर फाइनल से आगे का सफर तय नहीं कर सकीं। इसके अलावा वर्ष 2021 के बाद यह पहला ऐसा मौका है जब उनका पूरा साल बिना किसी ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी के समाप्त हुआ है। लंबे समय तक विश्व की नंबर एक खिलाड़ी रहने वाली पोलिश स्टार अब रैंकिंग तालिका में फिसलकर नौवें स्थान पर पहुंच गई हैं।
लंबे आराम और शारीरिक रिकवरी की जरूरत
लगातार दौरों और शारीरिक दबाव के बाद स्वियातेक ने स्पष्ट किया कि उन्हें खुद को पूरी तरह तरोताजा करने के लिए लंबे समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ महीने या कहें तो पिछले कुछ साल बेहद तनावपूर्ण और व्यस्त रहे हैं। मुझे लगता है कि मुझे अपने शरीर को पूरी तरह आराम देने और ठीक होने की जरूरत है, इसलिए इस बार मैं थोड़ा लंबा ब्रेक ले रही हूं।" विंबलडन में पिछले साल मिली उनकी सबसे हालिया ग्रैंड स्लैम खिताबी जीत के बाद से उन पर लगातार अपेक्षाओं का भारी बोझ देखा जा रहा था।
हालांकि सत्र की शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही, लेकिन अगस्त के महीने में उन्होंने कनाडाई ओपन जीतकर डब्ल्यूटीए 1000 का खिताब अपने नाम किया था। पूरे 2026 सत्र में उनका जीत-हार का कुल रिकॉर्ड 42-16 का रहा। टोरंटो में मिली यह खिताबी जीत उनके पूरे साल का सबसे चमकदार पल साबित हुई, जहां उन्होंने उस समय की शीर्ष रैंकिंग वाली खिलाड़ी एलेना रिबाकिना को पराजित किया था। उस जीत के बाद उनका भावुक होना यह दिखा रहा था कि वह कितने मानसिक दबाव से गुजर रही थीं।
वुहान ओपन में सेमीफाइनल मुकाबला और चोट
अपने अभियान को रोकने से पहले स्वियातेक ने वुहान ओपन के सेमीफाइनल में हिस्सा लिया था। शनिवार को खेले गए इस मुकाबले में उन्हें अपनी ही हमवतन और बचपन की दोस्त माया च्वालिंस्का के हाथों हार का सामना करना पड़ा। पिछले तेईस मैचों में यह उनकी केवल चौथी पराजय थी। मुकाबले के दौरान उन्हें अपनी जांघ के उपचार के लिए कोर्ट पर मेडिकल सहायता लेनी पड़ी थी, लेकिन दर्द के बावजूद उन्होंने खेलना जारी रखा।
मैच के बाद स्वियातेक ने अपने प्रदर्शन और आगामी योजनाओं पर सकारात्मक रुख जताया। उन्होंने कहा, "साल के दूसरे हिस्से में हमने जो कड़ी मेहनत की है और उससे जो सुधार आया है, उस पर मुझे विशेष गर्व है। यह मुझे आगे आने वाली चुनौतियों के लिए बहुत आत्मविश्वास देता है।" मैच के दौरान भावनाओं पर काबू न रख पाने और आंसुओं को पोंछने के बावजूद उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि डब्ल्यूटीए फाइनल्स में जगह न बना पाने से उन्हें एक लंबी छुट्टी बिताने का अवसर मिल जाएगा।
मानसिक दबाव और आगे की चुनौतियां
कोर्ट पर स्वियातेक का यह सत्र तकनीकी उतार-चढ़ाव से अधिक मानसिक संघर्ष का रहा है। उन्होंने मैचों के दौरान होने वाले तनाव, घबराहट और अनफोर्स्ड गलतियों के बारे में कई बार खुलकर चर्चा की है। निंगबो से हटने के बाद टोक्यो में खेलने या फिर इंडियन वेल्स में वैकल्पिक खिलाड़ी के रूप में जाने की मामूली संभावना थी, लेकिन उनके निर्णय ने यह साफ कर दिया कि लगातार खेलने से ज्यादा जरूरी उनके लिए मानसिक शांति है।
अब उनका पूरा ध्यान जनवरी में होने वाले ऑस्ट्रेलियन ओपन पर टिका होगा। अगर वह वहां पूरी फिटनेस के साथ उतरती हैं, तो उनके पास करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने का एक सुनहरा अवसर होगा। वर्तमान ब्रेक उनके शरीर को चोट से उबारने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को दोबारा हासिल करने का समय देगा।


















