कमर की चोट से उबरने के बाद टेनिस कोर्ट पर लौटीं ब्रिटेन की सोमाय कार्तल ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखा है। उन्होंने वुहान ओपन के पहले दौर में दुनिया की 48वें नंबर की खिलाड़ी अनहेलिना कालिनिना को सीधे सेटों में पराजित करके दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। दुनिया की 170वें नंबर की खिलाड़ी कार्तल ने यूक्रेन की इस अनुभवी प्रतिद्वंद्वी को 1 घंटे 31 मिनट तक चले मुकाबले में 7-5, 6-3 से मात दी। इस प्रभावशाली जीत के साथ उन्होंने अंतिम 32 के चरण में अपनी जगह पक्की कर ली है।
शुरुआती सेट में कड़ा संघर्ष और सर्विस का दबदबा
मुकाबले की शुरुआत बेहद प्रतिस्पर्धी रही जहां दोनों खिलाड़ियों ने बेसलाइन से आक्रामक खेल दिखाया। पहले सेट में दोनों के बीच अंकों के लिए लंबी रैलियां देखने को मिलीं, लेकिन ब्रिटिश नंबर पांच कार्तल ने अहम मौकों पर संयम बनाए रखते हुए 7-5 से बढ़त बना ली। दूसरे सेट में भी कार्तल का दबदबा कायम रहा। पूरे मैच के दौरान उनकी पहली सर्विस बेहद घातक साबित हुई, जहां उन्होंने चार ऐस लगाए। कार्तल ने पहली सर्विस लैंड करने पर 30 में से 23 अंक अपनी झोली में डाले, जिसने मैच का रुख उनके पक्ष में मोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।
तीसरे मैच पॉइंट पर पक्की की जीत
यूक्रेन की कालिनिना ने मुकाबले में आसानी से घुटने नहीं टेके और मैच के अंतिम क्षणों में जोरदार वापसी का प्रयास किया। जब कार्तल मैच अपने नाम करने के करीब थीं, तब कालिनिना ने शानदार बचाव करते हुए दो मैच पॉइंट बचाए। हालांकि कार्तल ने अपना मानसिक संतुलन नहीं खोया और तीसरे मैच पॉइंट को भुनाते हुए जीत की औपचारिकता पूरी की। इस जीत के साथ 24 वर्षीय कार्तल ने शीर्ष 50 में शामिल खिलाड़ी के खिलाफ एक और यादगार प्रदर्शन अपने नाम दर्ज किया।
चोट के बाद वापसी और बीजिंग ओपन का सफर
कार्तल के लिए यह वापसी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि वह पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर की वजह से छह महीने तक पेशेवर टेनिस से दूर रही थीं। चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने से उनकी विश्व रैंकिंग खिसककर 170 पर आ गई थी। उन्होंने पिछले महीने ग्रेट ब्रिटेन के लिए बिली जीन किंग कप टीम इवेंट के जरिए प्रतिस्पर्धी टेनिस में कदम रखा था। वहां उन्हें चेक गणराज्य की मैरी बोजकोवा के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था, जो उस समय विश्व रैंकिंग में 26वें पायदान पर थीं।
इसके बाद कार्तल ने बीजिंग ओपन में अपना पहला डब्ल्यूटीए टूर्नामेंट खेला। बीजिंग में उन्होंने शानदार फॉर्म दिखाते हुए स्पेन की एंड्रिया लाजारो गार्सिया और चीन की वांग जिन्यू को मात देकर तीसरे दौर तक का सफर तय किया। हालांकि वहां उन्हें आर्मेनिया की अलीना चराएवा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। बीजिंग की इस लय को कार्तल ने वुहान में भी पूरी मजबूती से बरकरार रखा है।
अगले दौर में बेलिंडा बेनसिक से चुनौती
वुहान ओपन के अगले दौर में कार्तल का मुकाबला स्विट्जरलैंड की नौवीं वरीयता प्राप्त बेलिंडा बेनसिक से होगा। शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ कार्तल की यह परीक्षा बताएगी कि चोट से उबरने के बाद उनका खेल किस स्तर पर पहुंच चुका है। लगातार मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ है और वह टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए तैयार नजर आ रही हैं।
झेंग किनवेन टूर्नामेंट से बाहर
इस बीच चीन ओपन की चैंपियन झेंग किनवेन इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले रही हैं। झेंग ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि लगातार कई कड़े मुकाबले खेलने के बाद उनका शरीर बहुत अधिक थकावट महसूस कर रहा है, जिसके चलते उन्होंने प्रतियोगिता से हटने का निर्णय लिया। झेंग की पिछले साल कोहनी की सर्जरी हुई थी और वह पिछले 12 महीनों से अपनी फॉर्म व फिटनेस को लेकर संघर्ष कर रही थीं। हालांकि हाल ही में उनकी फॉर्म में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला, जब उन्होंने मीरा एंड्रीवा को हराकर बीजिंग में चीन ओपन का खिताब अपने नाम किया था।



















