मानसून के सुहावने मौसम में झीलों के शहर नैनीताल की वादियां पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही हैं। बारिश के दौरान यहां की हरियाली और बादलों से ढके पहाड़ एक अद्भुत नजारा पेश करते हैं, लेकिन शहर में प्रवेश करते ही पर्यटकों को एक बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है और वह है भारी भरकम पार्किंग शुल्क। अगर आप भी अपने परिवार या दोस्तों के साथ नैनीताल की ट्रिप प्लान कर रहे हैं और 500 रुपये जैसी महंगी पार्किंग फीस से बचना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहद काम की जानकारी है। नैनीताल में एक ऐसी सुरक्षित जगह भी है जहां आपको अपनी गाड़ी खड़ी करने के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली नहीं करनी पड़ेगी।
नगर पालिका ने बढ़ाया शुल्क और पर्यटक परेशान
हाल ही में नैनीताल नगर पालिका ने बाहरी वाहनों के लिए प्रवेश और पार्किंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। शहर में एंट्री करने वाले वाहनों का शुल्क 110 रुपये से बढ़ाकर सीधे 300 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, नैनीताल के कई प्रमुख पार्किंग स्थलों पर गाड़ियों को खड़ी करने का किराया भी आसमान छूने लगा है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर अब पार्किंग के लिए 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इस अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण बाहर से आने वाले पर्यटकों का बजट बिगड़ रहा है और उनकी ट्रिप पहले की तुलना में काफी महंगी साबित हो रही है। वीकेंड पर जब भीड़ बढ़ती है, तो जगह मिलना भी एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
सूखाताल पार्किंग बनी सबसे बड़ा सहारा
महंगी पार्किंग की इस समस्या के बीच कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा संचालित मल्टीस्टोरी पार्किंग पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। यह पार्किंग शहर के सूखाताल इलाके में स्थित है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां चार पहिया वाहनों को पूरे 12 घंटे तक खड़ी करने के लिए सिर्फ 120 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। इतनी कम कीमत में सुरक्षित जगह मिलने के कारण इन दिनों यह पार्किंग पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है और यहां वाहनों की कतार लगातार बढ़ती जा रही है।
दोपहिया वाहनों और मासिक पास की सुविधा
सूखाताल की यह पार्किंग सिर्फ पर्यटकों ही नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जो लंबी अवधि के लिए अपनी गाड़ी सुरक्षित रखना चाहते हैं। अगर कोई व्यक्ति एक महीने के लिए कार पार्क करना चाहता है, तो उसके लिए मात्र 2500 रुपये का मासिक शुल्क तय किया गया है। वहीं, बाइक या स्कूटी से नैनीताल पहुंचने वाले दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह जगह काफी किफायती है। दोपहिया वाहनों को 12 घंटे तक पार्क करने के लिए सिर्फ 40 रुपये देने होते हैं। शहर के अन्य प्राइवेट और सरकारी पार्किंग स्थलों की तुलना में यह दरें बेहद कम हैं, जिससे लोगों को काफी आर्थिक फायदा हो रहा है।
मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में सुरक्षा और बेहतरीन लोकेशन
इस पार्किंग की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह इसकी सुरक्षा व्यवस्था और मुख्य सड़क से इसकी कनेक्टिविटी है। मल्टीस्टोरी ढांचा होने की वजह से यहां गाड़ियां मौसम की मार से भी सुरक्षित रहती हैं। एक बार गाड़ी खड़ी करने के बाद पर्यटक आसानी से शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का रुख कर सकते हैं। पार्किंग से नैनी झील, मॉल रोड और तल्लीताल जैसी जगहें काफी करीब हैं, जहां जाने के लिए पर्यटक चाहें तो टैक्सी ले सकते हैं या फिर पैदल भी जा सकते हैं। वर्तमान में इस पूरी इमारत के अंदर 120 से 150 गाड़ियां आसानी से खड़ी करने की क्षमता है।
स्थानीय लोगों को भी मिली बड़ी राहत
नैनीताल एक छोटा पहाड़ी शहर है जहां जगह की भारी कमी के कारण पार्किंग का संकट हमेशा से रहा है। पर्यटन सीजन के दौरान यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। स्थानीय निवासी दिनेश के मुताबिक, शहर में ज्यादातर लोगों को अपनी निजी गाड़ियां भी पेड पार्किंग में ही खड़ी करनी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा फीस बढ़ाकर 500 रुपये किए जाने के बाद से लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई थी। दिनेश खुद अपनी गाड़ी सूखाताल की इसी मल्टीस्टोरी पार्किंग में खड़ी करते हैं। उनके अनुसार, यह पूरी नैनीताल में सबसे सस्ता और भरोसेमंद विकल्प है। इसलिए, अगर आप भी इस मानसून नैनीताल का रुख कर रहे हैं, तो बिना किसी चिंता के सूखाताल पार्किंग का इस्तेमाल कर अपनी यात्रा को सस्ता और सुविधाजनक बना सकते हैं।




















