वाराणसी इन दिनों वैश्विक पर्यटन के नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस प्राचीन शहर का रुख करते हैं। वैसे तो काशी अपने शानदार दर्शन और बेहद किफायती व स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन यहां ठहरने के लिए एक सही और सस्ता ठिकाना खोजना कई बार एक बड़ी चुनौती बन जाता है। खास तौर पर पीक टूरिस्ट सीजन और सावन जैसे पवित्र मौकों पर बड़े होटलों और होमस्टे के किराये आसमान छूने लगते हैं, जिससे आम यात्रियों का बजट बिगड़ जाता है। हालांकि, आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। इस धर्मनगरी में आज भी कई ऐसे खास इलाके मौजूद हैं, जहां आप अपनी जेब पर ज्यादा बोझ डाले बिना शानदार और आरामदायक कमरे सस्ते रेट पर बुक कर सकते हैं।
लंका, नगवां और सुंदरपुर की शांति
अगर आप अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं और शहर की भारी भीड़-भाड़ से दूर एक शांत माहौल की तलाश में हैं, तो लंका, नगवां और सुंदरपुर के इलाके आपके लिए एकदम सही विकल्प साबित हो सकते हैं। मुख्य रेलवे स्टेशन, प्रमुख ऐतिहासिक मंदिरों और गंगा घाटों से इन जगहों की दूरी बमुश्किल दो से तीन किलोमीटर के बीच है। इन खास इलाकों में पर्यटकों को बहुत ही किफायती कीमतों पर परिवार के अनुकूल कमरे आसानी से मिल जाते हैं। यहां के होटलों और होमस्टे में ठहरने का रोजाना का खर्च आमतौर पर 500 रुपये से लेकर 3000 रुपये के बीच आता है। दिन भर काशी की सड़कों पर घूमने के बाद यह शांत इलाका सुकून भरी नींद के लिए बेहतरीन है।
कम दाम में शानदार सुविधाएं
सबसे अच्छी बात यह है कि इन इलाकों में सस्ते बजट का मतलब सुविधाओं से समझौता करना बिल्कुल नहीं है। मात्र 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक के बेहद मामूली खर्च में आपको ऐसे बेहतरीन कमरे मिल जाएंगे जिनमें अटैच बाथरूम और एसी की पूरी सुविधा मौजूद होती है। सिर्फ इतना ही नहीं, मेहमानों की सुविधा के लिए ये होटल और होमस्टे मुफ्त वाई-फाई और शानदार रूम सर्विस जैसी वे तमाम व्यवस्थाएं भी मुहैया कराते हैं जो अक्सर बड़े और महंगे लग्जरी होटलों में देखने को मिलती हैं। अगर आप बनारस की संस्कृति को गहराई से समझना चाहते हैं, तो इन होटलों के प्रबंधन से बात करके आप बहुत आसानी से एक अनुभवी टूरिस्ट गाइड भी हायर कर सकते हैं।
सोनारपुरा की प्राचीन गलियों का अनुभव
जो पर्यटक बनारस की प्राचीनता को करीब से महसूस करना चाहते हैं, उनके लिए सोनारपुरा और उसके आस-पास का इलाका एक बेहतरीन विकल्प है। वर्तमान समय में यह पूरा क्षेत्र होटलों और होमस्टे के एक नए केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। यहां की चौड़ी सड़कों से लेकर तंग गलियों तक में अनगिनत ठहरने के विकल्प मौजूद हैं। इस इलाके में आप 500 से लेकर 2500 रुपये प्रतिदिन के बजट में एक अच्छा रूम हासिल कर सकते हैं। सोनारपुरा में रुकने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां से गंगा घाट की दूरी महज 100 से 300 मीटर तक ही है, जिससे आप कभी भी पैदल चलकर घाटों का नजारा ले सकते हैं और बनारस की ऐतिहासिक गलियों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।
शिवाला, भदैनी और अस्सी घाट के करीब
अगर आपकी पहली प्राथमिकता गंगा घाट के बिल्कुल करीब ठहरने की है, तो शिवाला, भदैनी और अस्सी का इलाका आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर होना चाहिए। हालांकि यह क्षेत्र कई बड़े और महंगे लग्जरी होटलों के लिए भी जाना जाता है, लेकिन थोड़ी सी खोजबीन करने पर यहां सस्ते होटल भी बहुत आसानी से मिल जाते हैं। इस इलाके की सबसे बड़ी खासियत यहां मौजूद अनगिनत आश्रम हैं। इन आश्रमों में आप मात्र 500 से 800 रुपये खर्च करके एक साफ-सुथरा कमरा बुक करा सकते हैं। हालांकि, लोकेशन शानदार होने और कीमतें कम होने की वजह से इन आश्रमों में कमरों की बुकिंग के लिए पर्यटकों को एक लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए एडवांस बुकिंग करना समझदारी है।
कैंट स्टेशन के पास रुकने की सुविधा
अगर आप सफर की थकान से बचना चाहते हैं और स्टेशन के करीब ही रुकना पसंद करते हैं, तो शहर के कैंट इलाके में आपके बजट के अनुकूल ढेरों विकल्प मौजूद हैं। कैंट स्टेशन से पवित्र गंगा घाट और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की दूरी लगभग 4 किलोमीटर है। इस पूरे क्षेत्र में होटलों और होमस्टे की कोई कमी नहीं है, जहां आप 500 से लेकर 5000 रुपये तक के बजट में अपनी पसंद का कमरा आसानी से चुन सकते हैं। इसके अलावा, अकेले यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए यहां के कई होटलों में डॉरमेट्री की बेहतरीन सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके लिए आपको एक रात के लिए केवल 200 से 400 रुपये तक ही खर्च करने होंगे।
पांडेय हवेली के पारंपरिक आश्रम
बनारस में सस्ते और सुकून भरे स्टे के लिए पांडेय हवेली का क्षेत्र भी काफी मशहूर है। इस इलाके में कई पुरानी धर्मशालाएं और पारंपरिक आश्रम मौजूद हैं, जो यात्रियों को बेहतरीन सेवाएं देते हैं। अगर आप भीषण गर्मी से बचना चाहते हैं, तो इन आश्रमों में आपको बहुत ही किफायती कीमतों पर एसी कमरा मिल जाएगा। यहां ठहरने की शुरुआत महज 400 रुपये से हो जाती है, जबकि एक अच्छे एसी कमरे के लिए आपको 1000 से 1200 रुपये तक का खर्च उठाना होगा। हालांकि, यहां ठहरने वाले यात्रियों को एक बात का खास ध्यान रखना होगा कि तंग गलियों में स्थित होने के कारण इन आश्रमों में आपको कार पार्किंग की सुविधा बिल्कुल नहीं मिलेगी।
सावन के महीने में दर्शन की बेहतरीन योजना
अंततः, सावन के इस बेहद पवित्र महीने में अगर आप काशी की यात्रा पर आ रहे हैं, तो रहने की जगह का सही चुनाव आपकी पूरी ट्रिप को आसान बना सकता है। इन बताए गए इलाकों में अपने बजट के हिसाब से एक सस्ता और अच्छा कमरा बुक करके आप बिना किसी आर्थिक तनाव के अपनी यात्रा का आनंद ले सकते हैं। इस तरह की शानदार प्लानिंग से आप न केवल श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सुकून से दर्शन और पूजा-पाठ कर पाएंगे, बल्कि बनारस के अन्य धार्मिक स्थलों की भी बहुत आसानी से यात्रा कर सकेंगे।




















