मलेशिया जाने वाले ज्यादातर भारतीय सैलानी आमतौर पर राजधानी कुआलालंपुर के पेट्रोनास टावर्स और लंगकावी के लोकप्रिय समुद्री तटों तक ही सीमित रह जाते हैं। हालांकि, इस खूबसूरत देश में प्राकृतिक सुंदरता और अनूठी स्थानीय संस्कृति से भरे कई ऐसे ठिकाने भी मौजूद हैं, जो आम पर्यटन की चकाचौंध और भारी भीड़भाड़ से काफी दूर हैं। भारतीय यात्रियों के लिए एक बेहद राहत की बात यह है कि बिना वीजा यात्रा करने की 30 दिनों की छूट को 31 दिसंबर, 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। ऐसे में यदि आप एक यादगार और बजट-फ्रेंडली ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो मलेशिया के इन शांत और अनूठे स्थानों को अपनी सूची में शामिल कर सकते हैं।
इपोह और ताइपिंग में ऐतिहासिक कस्बे और कुदरती नज़ारे
कुआलालंपुर की व्यस्त जीवनशैली और ऊंची इमारतों की तुलना में इपोह एक बेहद शांत और ऐतिहासिक शहर है। यह जगह अपनी पुरानी वास्तुकला, चूना पत्थर की सुंदर पहाड़ियों और लजीज स्थानीय खान-पान के लिए जानी जाती है। यहां आने वाले यात्री शांत सड़कों पर टहलते हुए पुराने दौर के आकर्षण का अनुभव कर सकते हैं। प्राकृतिक खूबसूरती से लगाव रखने वालों के लिए ताइपिंग एक और बेहतरीन विकल्प साबित होता है। हरियाली से घिरी शांत झीलें और प्रदूषण रहित माहौल ताइपिंग को छुट्टियों में सुकून पाने के लिए एक उम्दा जगह बनाते हैं।
पुलाऊ कपस की शांति और बोर्नियो की विशाल गुफाएं
यदि आप किसी ऐसे बीच पर समय बिताना चाहते हैं जहां भीड़ का शोरगुल न हो, तो पुलाऊ कपस एक शानदार जगह है। इस द्वीप का पारदर्शी और साफ पानी, सफेद रेत के तट तथा स्नॉर्कलिंग जैसी जल गतिविधियां इसे हर किसी के लिए खास बनाती हैं। दूसरी तरफ, बोर्नियो द्वीप पर स्थित क्षेत्र एडवेंचर पसंद करने वालों को अपनी ओर खींचते हैं। यह इलाका अपने पुराने विशाल वर्षावनों और गहरी प्राकृतिक गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है, जहां जाकर पर्यटक एक अलग ही दुनिया का अनुभव कर सकते हैं।
कुचिंग का सांस्कृतिक जीवन और डैनम वैली का जंगल
मलेशिया की पारंपरिक जीवन शैली और जनजातीय संस्कृति को समझने के लिए कुचिंग और सारावाक के नदी किनारे बसे इलाकों का रुख किया जा सकता है। सारावाक में नदियों के किनारे बने पारंपरिक 'लॉन्गहाउस' में रहने का अनुभव साधारण होटलों के मुकाबले काफी अलग और समृद्ध होता है। जो लोग वन्यजीवों और घने जंगलों को करीब से देखना चाहते हैं, उनके लिए डैनम वैली सबसे मुफीद जगह है। इको-टूरिज्म और जंगल सफारी के शौकीनों के लिए यह वर्षावन किसी सौगात से कम नहीं है।
पेनांग का फ्रॉग हिल और यात्रा का अनुमानित बजट
पेनांग के आम टूरिस्ट आकर्षणों से दूर स्थित फ्रॉग हिल फोटोग्राफी के प्रेमियों के बीच काफी मशहूर हो रहा है। पुरानी खदानों के बीच बनी रंग-बिरंगी झीलें और ऊपर से दिखने वाला मनोरम दृश्य इसे अनोखा बनाते हैं। जहां तक भारत से 7 दिनों की इस ट्रिप के कुल खर्च की बात है, तो यह आपकी उड़ानों और रहने के विकल्पों पर निर्भर करता है। एक बजट ट्रैवलर के लिए एयर टिकट, ठहरने का स्थान, भोजन, स्थानीय परिवहन और दर्शनीय स्थलों की सैर मिलाकर प्रति व्यक्ति लगभग ₹35,000 से ₹60,000 तक का खर्च आता है। वहीं लग्जरी होटल, घरेलू उड़ानें और प्रीमियम एडवेंचर गतिविधियों का चयन करने पर यह बजट ₹80,000 या उससे अधिक भी हो सकता है।



















