झारखंड राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और कल-कल बहते झरनों के लिए जाना जाता है। मानसून के दस्तक देते ही इस क्षेत्र की छटा और अधिक निखर जाती है। चारों तरफ फैली हरी-भरी वनस्पतियां और पहाड़ों के सीने से निकलती पानी की तेज धाराएं मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती हैं। ऐसा ही एक अद्भुत और रमणीय नजारा इन दिनों हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड में देखने को मिल रहा है। यहां की डाढ़ा पंचायत अंतर्गत बभनी गांव के बांका मोहल्ले में स्थित सिकरी झरना बारिश का मौसम आते ही पूरी तरह जीवंत हो चुका है। पहाड़ियों के बीच से करीब 65 से 70 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरती जलधारा सैलानियों को अपनी ओर खींच रही है।
65 से 70 फीट की ऊंचाई से गिरती जलधारा बनी आकर्षण का केंद्र
सिकरी झरने का प्राकृतिक परिवेश बेहद शांत और मनभावन है। हरी-भरी पहाड़ियों के बीच से जब 65 से 70 फीट की ऊंचाई से पानी नीचे चट्टानों पर गिरता है, तो वह दृश्य किसी सुंदर पेंटिंग जैसा प्रतीत होता है। झरने से लगातार आती कल-कल की ध्वनि और आसपास बहती ठंडी हवा यहां पहुंचने वाले लोगों को एक अनोखा सुकून प्रदान करती है। यही वजह है कि इन दिनों इस खूबसूरत जगह पर पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। लोग अपने परिवारजनों और मित्रों के साथ यहां पिकनिक मनाने आ रहे हैं। कई युवा और बच्चे झरने की शीतल धारा के नीचे स्नान का आनंद ले रहे हैं, जबकि अन्य लोग इस यादगार पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने और वीडियो बनाने में व्यस्त नजर आते हैं।
हजारीबाग जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर की दूरी और रास्ते की चुनौती
सिकरी झरना हजारीबाग जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हालांकि इस प्राकृतिक स्थल तक पहुंचने का मार्ग थोड़ा दुर्गम और चुनौतीपूर्ण है। वर्तमान में यहां तक जाने वाली सड़क की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और इसमें सुधार की अत्यंत आवश्यकता है। इसके बावजूद, प्राकृतिक सौंदर्य के शौकीन लोग रास्ते की तमाम मुश्किलों को दरकिनार कर यहां पहुंचते हैं। जैसे ही सैलानी झरने के मुख्य स्थल पर कदम रखते हैं, वहां का विहंगम दृश्य और ठंडी बौछारें उनकी पूरी राह की थकान मिनटों में दूर कर देती हैं।
पर्यटन विकास और स्थानीय रोजगार की उम्मीदें
क्षेत्रीय निवासियों का मानना है कि सिकरी झरने में एक उत्कृष्ट पर्यटन केंद्र बनने की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने मांग जताई है कि यदि जिला प्रशासन इस दिशा में ध्यान दे और यहां पक्की सड़क, पर्यटकों के बैठने के शेड तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करे, तो सिकरी झरना हजारीबाग के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। बुनियादी ढांचे का विकास होने से न केवल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा, बल्कि आसपास के ग्रामीणों के लिए खान-पान, परिवहन और गाइड जैसे विभिन्न माध्यमों से स्वरोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। मानसून के इस मौसम में पहाड़ों से गिरता पानी और चारों तरफ बिखरी हरियाली प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी अनमोल तोहफे से कम नहीं है।



















