मानसून के दस्तक देते ही अरावली की पहाड़ियों का रूप पूरी तरह बदल जाता है। यदि आप शहर की आपाधापी से दूर प्रकृति की गोद में कुछ शांत पल बिताना चाहते हैं, तो उदयपुर के निकट स्थित पीपलिया जी एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरता है। झीलों की नगरी उदयपुर से महज 30 से 35 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह खूबसूरत क्षेत्र बारिश के मौसम में किसी मिनी हिल स्टेशन जैसा नजारा पेश करता है। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ों को छूते घने बादल, बहते प्राकृतिक झरने और ठंडी हवाएं यहां आने वाले हर सैलानी का मन मोह लेती हैं।
उदयपुर से पीपलिया जी का मनमोहक सफर
पीपलिया जी तक पहुंचने का मार्ग खुद में एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। जैसे ही पर्यटक उदयपुर शहर की सीमाओं को लांघकर इस रास्ते पर आगे बढ़ते हैं, कंक्रीट की इमारतें पीछे छूट जाती हैं और प्राकृतिक सुंदरता सामने आने लगती है। मानसून के दौरान सड़क के दोनों किनारों पर बिछी हरी घास और घने वृक्ष आंखों को सुकून पहुंचाते हैं। बारिश के बाद पहाड़ियों से गिरते छोटे-छोटे जलप्रपात और बहते पानी की धाराएं इस रास्ते की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। बाइक सवारों के लिए यह रूट विशेष रूप से रोमांचक साबित होता है, जहां हर मोड़ पर खूबसूरत दृश्यों को निहारने और कैमरे में कैद करने का भरपूर अवसर मिलता है।
मार्ग में उभेश्वर जी महादेव का प्रमुख पड़ाव
इस यात्रा के दौरान रास्ते में प्रसिद्ध उभेश्वर जी महादेव मंदिर स्थित है। यह स्थान श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख विश्राम स्थल का काम करता है। मानसून के दिनों में उभेश्वर जी के आसपास की पहाड़ियां भी पूरी तरह हरी-भरी हो जाती हैं। यहां रुककर लोग शिव जी के दर्शन करने के साथ-साथ आसपास के विहंगम दृश्यों का आनंद लेते हैं। उभेश्वर जी से आगे बढ़ने पर पीपलिया जी की ओर जाने वाली चढ़ाई और अधिक घुमावदार तथा रोमांचक होती जाती है।
बादलों के बीच बाइक राइड का अनूठा अनुभव
जैसे-जैसे पीपलिया जी की ओर ऊंचाई बढ़ती है, मौसम का मिजाज और भी खूबसूरत हो जाता है। घने सफेद बादल पहाड़ियों के इतने करीब आ जाते हैं मानो वे जमीन को स्पर्श कर रहे हों। कई बार बादलों की धुंध पूरी सड़क और आसपास की चोटियों को अपने आगोश में ले लेती है, जिससे ऐसा अहसास होता है जैसे आप किसी ऊंचे पर्वतीय स्थल की सैर कर रहे हों। यही वजह है कि मानसून के दौरान यहां का तापमान काफी सुहावना हो जाता है और ठंडी हवाओं के झोंके यात्रियों की थकान मिटा देते हैं।
फोटोग्राफी और रील बनाने वालों के लिए पसंदीदा जगह
पीपलिया जी पहुंचने पर दूर-दूर तक फैले ग्रामीण दृश्य और अरावली की पर्वत शृंखलाएं साफ दिखाई देती हैं। बारिश के बाद आसमान साफ होने पर यहां से घाटी का बेहद आकर्षक नजारा देखने को मिलता है। आजकल सोशल मीडिया के दौर में यह स्थान युवाओं के बीच फोटो और शॉर्ट वीडियो या रील बनाने के लिए बेहद लोकप्रिय हो चुका है। बाइक के साथ पहाड़ों और बादलों की पृष्ठभूमि में ली गई तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब पसंद की जाती हैं।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की जरूरत
प्रकृति की इस अनमोल सुंदरता का आनंद लेते समय पर्यटकों की भी कुछ जिम्मेदारियां बनती हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण प्रेमियों का आग्रह रहता है कि यहां आने वाले लोग प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन और बचा हुआ खाना खुले में न फेंकें। इस खूबसूरत प्राकृतिक धरोहर को साफ-सुथरा बनाए रखना हर यात्री का कर्तव्य है ताकि आने वाले समय में भी इस जगह की सुंदरता बनी रहे।



















