वीकेंड पर घूमने के लिए हमेशा दूर की जगह ढूंढ़ने की जरूरत नहीं होती, पाली शहर के भीतर ही कुछ ऐसी जगहें मौजूद हैं जो सैर-सपाटे के शौकीनों को पूरा दिन व्यस्त रख सकती हैं। शहर के बीचोंबीच बने बगीचों से लेकर ऐतिहासिक संग्रहालय और शांत मंदिर तक, यहां हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ खास है।
लाखोटिया गार्डन में हरियाली के बीच सुकून
शहर के बीचोंबीच बना लाखोटिया गार्डन उन जगहों में शुमार है जहां लोग रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर कुछ पल चैन से बिताने आते हैं। शाम ढलते ही यहां का तालाब और हरा-भरा माहौल स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले सैलानियों को भी खींच लाता है। बगीचे के भीतर एक पुराना शिव मंदिर भी है, जिसे इलाके के लोग लखोटिया महादेव के नाम से जानते और पूजते हैं। बच्चों के लिए झूले, टहलने के लिए एक साफ ट्रैक और आराम से बैठने की जगह इसे परिवार के साथ जाने लायक बनाती है। यह गार्डन रोज सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है।
बांगड़ संग्रहालय में पाली के अतीत की झलक
पुराने बस स्टैंड के करीब बना बांगड़ संग्रहालय शहर के इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए एक जरूरी पड़ाव है। यहां रखे पुराने सिक्के, प्राचीन शिलालेख, मूर्तियां और परंपरागत हथियार क्षेत्र के बीते दौर की कहानी बयां करते हैं। इसके अलावा राजस्थान की पारंपरिक कलाकृतियां, पहनावा और हस्तशिल्प भी यहां प्रदर्शित किए गए हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत को करीब से दिखाते हैं। शहर के मुख्य मार्ग पर होने के चलते यहां पहुंचना भी आसान है, इसलिए कम समय में घूमने वालों के लिए भी यह अच्छा विकल्प है।
तीर्थ पाली का शांत और भव्य माहौल
नवलखा रोड पर बना तीर्थ पाली शहर के सबसे आकर्षक धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। सफेद संगमरमर से तैयार यह जैन मंदिर अपनी भव्य बनावट और गहरी शांति के लिए जाना जाता है, और यहां की सफाई व ठहराव मन को सुकून देते हैं। संगमरमर पर की गई बारीक नक्काशी जैन स्थापत्य कला की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के पास ही नवलखा धर्मशाला भी बनाई गई है। यह स्थल हर दिन सुबह 5:15 बजे से रात 10 बजे तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खुला रहता है।
नेहरू पार्क, टहलने और परिवार संग वक्त बिताने की जगह
महावीर नगर इलाके में बना नेहरू पार्क भी पाली के लोकप्रिय पर्यटन ठिकानों में शामिल है। सुबह-शाम टहलने वाले स्थानीय लोगों के साथ-साथ शहर घूमने आए सैलानी भी यहां आराम के पल बिताने पहुंचते हैं। हरी-भरी घास, छायादार पेड़ और रंग-बिरंगे फूल इस पार्क की खूबसूरती बढ़ाते हैं और प्रकृति प्रेमियों को खासा भाते हैं। बच्चों के खेलने के लिए यहां सुरक्षित जगह और झूले भी बनाए गए हैं, जिससे यह परिवार के साथ पिकनिक मनाने वालों के लिए मुफीद जगह बन जाती है। पार्क सुबह 5:30 बजे से रात 10 बजे तक सैर के लिए खुला रहता है।
इन चारों जगहों की खास बात यह है कि ये सभी शहर के भीतर ही स्थित हैं, यानी वीकेंड पर घूमने के लिए न तो लंबी ड्राइव करनी पड़ती है और न ही ज्यादा समय खर्च होता है। परिवार, दोस्तों या अकेले घूमने वालों के लिए पाली के ये ठिकाने कम खर्च में अच्छा अनुभव देने का दम रखते हैं।



















