मानसून की पहली बारिश गिरते ही पहाड़ों की रंगत पूरी तरह बदल जाती है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाके इस मौसम में हरी-भरी वादियों, तैरते बादलों और ठंडी हवाओं से सराबोर हो उठते हैं। अगर आप शहर के शोर-शराबे से दूर प्रकृति की गोद में कुछ हसीन पल बिताना चाहते हैं, तो देहरादून के पास कई ऐसी जगहें मौजूद हैं जो बरसात के दिनों में किसी जादुई दुनिया जैसी प्रतीत होती हैं। यहाँ हम ऐसे 5 चुनिंदा स्थानों के बारे में बता रहे हैं जहाँ मानसून का नजारा बेहद दिलकश हो जाता है।
मसूरी में बादलों के बीच टहलने का अनोखा अहसास
पहाड़ों की रानी के नाम से मशहूर मसूरी देहरादून से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मानसून की शुरुआत होते ही यहाँ की ढलानें घने कोहरे और बादलों की चादर से ढक जाती हैं। इस मौसम में मसूरी के प्रसिद्ध माल रोड और गन हिल पर चलते समय ऐसा महसूस होता है मानो आप सीधे बादलों के बीच से गुजर रहे हों। इसके अलावा कैम्प्टी फॉल में तेज गर्जना के साथ गिरता पानी और चारों तरफ फैली घनी हरियाली इस हिल स्टेशन की प्राकृतिक सुंदरता में कई गुना बढ़ोतरी कर देती है।
धनौल्टी के देवदार और चीड़ के शांत जंगल
अगर आपको एकांत वातावरण और देवदार के विशाल वृक्षों की छांव पसंद है, तो धनौल्टी आपके लिए एक बेहतरीन गंतव्य है। मसूरी से थोड़ा आगे बढ़ते ही धनौल्टी का शांत और सुरम्य माहौल पर्यटकों का स्वागत करता है। ऊँचे-ऊँचे देवदार और चीड़ के घने जंगलों से घिरा यह क्षेत्र बारिश की बूंदों के बीच बेहद खूबसूरत नजर आता है। यहाँ स्थित इको पार्क में भीगी मिट्टी की सोंधी सुगंध और पहाड़ों पर तैरती धुंध के बीच पैदल चलना मन को असीम शांति प्रदान करता है।
सोडा सरोली में नदी किनारे पिकनिक और पहाड़ी संस्कृति
देहरादून के नजदीक मालदेवता मार्ग पर स्थित सोडा सरोली प्रकृति प्रेमियों के लिए एक छुपा हुआ खजाना माना जाता है। मानसून के दौरान यहाँ से होकर बहने वाली नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और आसपास की विशाल चट्टानें घनी हरियाली से आच्छादित हो जाती हैं। सुरक्षा के लिहाज से नदी के किनारे जाने के बजाय थोड़ा दूर बैठकर दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए यह स्थान बिल्कुल उपयुक्त है। सोडा सरोली के आसपास बसे गांवों में उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी जनजीवन की सुंदर झलक देखने को मिलती है। यहाँ बने कई गार्डन कैफे और ओपन-रूफ रेस्टोरेंट बरसात के मौसम में पर्यटकों को शानदार अनुभव देते हैं।
लैंसडाउन का ऐतिहासिक छावनी शहर और औपनिवेशिक धरोहर
गढ़वाल राइफल्स का ऐतिहासिक छावनी शहर लैंसडाउन बरसात के दिनों में बेहद शांत, स्वच्छ और जादुई नजर आता है। बाक़ी भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों के मुकाबले ओक और चीड़ के घने जंगलों के बीच बसा लैंसडाउन एकदम शांत माहौल पेश करता है। मानसून के समय यहाँ स्थित टिप-इन-टॉप पॉइंट से धुंधली घाटियों का नजारा देखने लायक होता है। इसके साथ ही भुल्ला ताल झील का शांत वातावरण और ब्रिटिश काल के पुराने औपनिवेशिक दौर के चर्च इस मौसम में किसी कैनवास पर बनी खूबसूरत पेंटिंग जैसे लगते हैं।
दुधली गांव की अछूती प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण जीवन
देहरादून के बाहरी हिस्से में बसा दुधली गांव अपने ठेठ पहाड़ी माहौल और अछूती प्राकृतिक आभा के लिए पहचाना जाता है। मानसून के आगमन के साथ ही यहाँ के हरे-भरे खेत, छोटे-छोटे जलस्रोत और घुमावदार ग्रामीण रास्ते पूरी तरह जीवंत हो उठते हैं। यदि आप मानसून के समय किसी शांत, एकांत और भीड़ से दूर प्राकृतिक वातावरण में अपना समय बिताना चाहते हैं, तो दुधली गांव का सुहाना मौसम आपको एक यादगार अनुभव देगा।


















