भारतीय रेलवे ने उत्तर भारत से दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और आम मुसाफिरों को एक बड़ी सौगात दी है। हरियाणा के हिसार से आंध्र प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल तिरुपति के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन को अब रेलवे बोर्ड ने स्थायी रूप से चलाने का फैसला किया है। 25 जुलाई, 2026 से यह ट्रेन एक नियमित एक्सप्रेस के रूप में पटरियों पर दौड़ेगी। इससे राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के लाखों श्रद्धालुओं के लिए भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करना और भी सुगम हो जाएगा। अब तक यह ट्रेन केवल विशेष अवसरों या सीमित अवधि के लिए चलाई जा रही थी, लेकिन यात्रियों की भारी मांग और दक्षिण भारत की बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत को देखते हुए इसे रेलवे की नियमित समय सारिणी का हिस्सा बना लिया गया है।
नई ट्रेन संख्या और संचालन का पूरा शेड्यूल
इस अहम बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि वर्तमान में हिसार-तिरुपति स्पेशल ट्रेन 04717 और 04718 नंबरों के साथ संचालित हो रही है। नियमित होने के बाद, यह ट्रेन नई गाड़ी संख्या 14723 और 14724 हिसार-तिरुपति एक्सप्रेस के रूप में जानी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत, गाड़ी संख्या 14723 हिसार-तिरुपति एक्सप्रेस 25 जुलाई, 2026 से अपनी नियमित सेवाएं शुरू करेगी और यह हर हफ्ते शनिवार को हिसार से रवाना होगी। वापसी की दिशा में, गाड़ी संख्या 14724 तिरुपति-हिसार एक्सप्रेस 27 जुलाई, 2026 से हर सोमवार को तिरुपति रेलवे स्टेशन से अपनी यात्रा आरंभ करेगी। एक निश्चित साप्ताहिक कार्यक्रम तय हो जाने से यात्री अब कई महीने पहले अपनी टिकट बुक करा सकेंगे और उन्हें छुट्टियों के दौरान अचानक यात्रा की योजना बनाने में परेशानी नहीं होगी।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में अहम पड़ाव
यह महत्वपूर्ण रेल सेवा उत्तर भारत से शुरू होकर कई प्रमुख राज्यों को एक सूत्र में पिरोती है। अपनी लंबी यात्रा के दौरान यह ट्रेन राजस्थान के शेखावाटी अंचल से लेकर हाड़ौती क्षेत्र तक के मुसाफिरों को सेवा देगी। हरियाणा से निकलने के बाद यह ट्रेन सादुलपुर, लोहारू, सूरजगढ़, चिड़ावा, झुंझुनू, नवलगढ़, सीकर, रींगस और दहर का बालाजी होते हुए जयपुर और दुर्गापुरा स्टेशनों पर रुकेगी। इसके बाद यह कोटा मंडल के सवाई माधोपुर, कोटा और रामगंज मंडी जैसे अहम स्टेशनों पर अपना ठहराव करेगी। मध्य प्रदेश में प्रवेश करने पर, यह एक्सप्रेस नागदा, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, भोपाल और इटारसी जंक्शन पर रुकेगी। इन सभी स्टेशनों के जुड़ने से मालवा और मध्य भारत के यात्रियों को भी दक्षिण भारत का सीधा और सुविधाजनक विकल्प मिल गया है।
दक्षिण भारत का सफर और रेलवे की अपील
मध्य प्रदेश पार करने के बाद यह एक्सप्रेस ट्रेन महाराष्ट्र के नागपुर में प्रवेश करेगी और फिर बालाघाट होते हुए तेलंगाना के सिरपुर काघजनगर, वारंगल और खम्मम स्टेशनों पर रुकेगी। आंध्र प्रदेश में यह विजयवाड़ा, ओंगोल, नेल्लोर और गुदूर जंक्शन पर ठहरते हुए अंततः तिरुपति पहुंचेगी। इतने बड़े मार्ग को कवर करने वाली यह ट्रेन न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि व्यापारिक और अन्य उद्देश्यों से यात्रा करने वालों के लिए भी एक जीवनरेखा साबित होगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की समय सारणी, ठहराव और वर्तमान स्थिति की सटीक जानकारी प्राप्त कर लें। इसके लिए यात्री भारतीय रेलवे के आधिकारिक राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस) ऐप या रेलवे की अधिकृत वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं।



















