घूमने का शौक रखने वालों के मन में अक्सर विदेश जाने का सपना होता है, लेकिन सच यह है कि उसी तरह का नजारा और एहसास देने वाली कई जगहें अपने ही देश में मौजूद हैं। न मोटा खर्च, न पासपोर्ट-वीजा का झंझट और न लंबी हवाई यात्रा। भारत के अलग-अलग कोनों में फैली कुछ ऐसी जगहें हैं, जिन्हें देखकर लगता ही नहीं कि आप अब भी अपने ही देश में खड़े हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही 7 खूबसूरत जगहों के बारे में, जो किसी दूसरे मुल्क का हिस्सा लगती हैं।
लोकटक झील: पानी पर तैरती हुई एक अलग दुनिया
मणिपुर की लोकटक झील अपने आप में किसी अजूबे से कम नहीं है। इस झील की सबसे खास बात है इसमें तैरते हुए वनस्पति के टुकड़े और छोटे-छोटे द्वीप, जिन्हें स्थानीय भाषा में फुमडी कहा जाता है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है मानो किसी साइंस फिक्शन फिल्म का सीन सामने हो। पानी के ऊपर बने तैरते घर और यहां की कुदरती बनावट इसे दुनिया की सबसे अनोखी झीलों में शामिल कर देती है।
नुब्रा घाटी: हिमालय में बसा मध्य एशिया का नजारा
लद्दाख की नुब्रा घाटी अपनी पहचान विशाल रेत के टीलों और दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंटों से बनाती है। समुद्र तल से हजारों फीट ऊपर बसी यह घाटी हिमालयी इलाके से ज्यादा मध्य एशिया के किसी रेगिस्तान जैसी दिखती है। यहां का ठंडा रेगिस्तान और दूर तक फैले पहाड़ पर्यटकों को एक बिल्कुल अलग अनुभव देते हैं।
रण ऑफ कच्छ: चांदनी रात में चमकता सफेद रेगिस्तान
गुजरात का ग्रेट रण ऑफ कच्छ अपने विशाल सफेद नमक के रेगिस्तान के लिए दुनिया भर के सैलानियों को खींचता है। दूर-दूर तक फैली सफेद चादर इसे बोलीविया के मशहूर साल्ट फ्लैट्स जैसा रूप दे देती है। पूर्णिमा की रात में जब चांदनी इस सफेद सतह पर बिखरती है, तो यहां का नजारा सबसे ज्यादा मनमोहक हो उठता है।
फूलों की घाटी: भारत में छिपा अपना स्विट्जरलैंड
फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान में मानसून आते ही सैकड़ों प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल खिल उठते हैं। बर्फ से ढकी चोटियों के बीच फैले ये रंगीन घास के मैदान देखने में किसी यूरोपीय देश की तस्वीर जैसे लगते हैं। ट्रेकिंग का शौक रखने वालों के लिए तो यह जगह किसी सपने से कम नहीं है।
युमथांग घाटी: पूर्वोत्तर का अपना न्यूजीलैंड
युमथांग घाटी को पूर्व का फूलों का मैदान भी कहा जाता है। यहां की हरी-भरी ढलानें, चरते हुए याक और हर तरफ बिखरे रंग-बिरंगे फूल इसे किसी न्यूजीलैंड के पोस्टकार्ड जैसा बना देते हैं। अप्रैल से जून के बीच इस घाटी की खूबसूरती अपने पूरे शबाब पर होती है।
मावलिननॉन्ग: एशिया का सबसे साफ-सुथरा गांव
मेघालय का मावलिननॉन्ग गांव अपनी साफ-सफाई और हरियाली की वजह से एशिया के सबसे स्वच्छ गांव के तौर पर जाना जाता है। बांस से बने स्काईवॉक, करीने से बने रास्ते और फूलों से सजे घर इसे किसी यूरोपीय गांव सा रूप देते हैं। यहां के लोग मिलकर सफाई बनाए रखते हैं, जो आने वाले पर्यटकों के लिए एक मिसाल बन जाती है।
अथिरापल्ली जलप्रपात: केरल के जंगलों के बीच छिपा चमत्कार
घने जंगलों के बीच बहता अथिरापल्ली जलप्रपात अक्सर दक्षिण भारत का नियाग्रा फॉल्स कहलाता है। घने वर्षावनों से घिरा यह विशाल झरना देखने वालों को दक्षिण-पूर्व एशिया के उष्णकटिबंधीय इलाकों की याद दिला देता है। मानसून के मौसम में जब पानी का बहाव तेज होता है, तब इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।
देश के भीतर ही छिपा है विदेश का एहसास
भारत सिर्फ ऐतिहासिक इमारतों और भीड़भाड़ वाले शहरों तक सीमित नहीं है। यहां ऐसी अनगिनत जगहें हैं, जो बिना देश छोड़े आपको विदेशी यात्रा का एहसास करा देती हैं। अगर अगली छुट्टियों में आप कुछ नया और हटकर देखना चाहते हैं, तो इन जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल कीजिए।













