ऋषिकेश घूमने जा रहे हैं और वहां से कोई यादगार चीज साथ लाना चाहते हैं, तो राम झूला के आसपास सजा बाजार आपके लिए सबसे सही ठिकाना है। गंगा किनारे बसा यह इलाका सिर्फ खरीदारी के लिए मशहूर नहीं है, बल्कि यहां की गलियों में उत्तराखंड की स्थानीय कला और हस्तशिल्प की झलक भी साफ दिखती है। छोटे सुवेनियर से लेकर हाथ से बनी डायरी, जूट के बैग, भगवान के वस्त्र, तुलसी और रुद्राक्ष की मालाएं, ड्रीम कैचर और जूट के कपड़े तक, यहां घूमते हुए हर कदम पर कुछ नया और खास मिल जाता है। अगर ऋषिकेश की शॉपिंग लिस्ट अभी अधूरी है, तो इस बाजार को उसमें जरूर जोड़ लें।
छोटे सुवेनियर जो जेब पर भारी नहीं पड़ते
राम झूला के बाजार में घूमते ही सबसे पहले नजर सुवेनियर की दुकानों पर जाती है। गंगा, भगवान शिव, योग और हिमालय की थीम पर बने की-चेन, फ्रिज मैग्नेट, छोटी मूर्तियां और सजावटी शोपीस यहां भरपूर मिलते हैं। इनकी खासियत यह है कि ये देखने में जितने आकर्षक लगते हैं, दाम उतने ही किफायती होते हैं। किसी दोस्त या रिश्तेदार के लिए हल्का-फुल्का मगर यादगार तोहफा चाहिए, तो यही सामान सबसे पहले पसंद आता है।
हाथ से बनी डायरी, लिखने के शौकीनों के लिए खास
अगर लिखने का शौक है या किसी को कुछ अलग गिफ्ट करना है, तो यहां मिलने वाली हैंडमेड डायरी जरूर देखनी चाहिए। हाथ से तैयार कागज और बारीक डिजाइन इन डायरी को खास बनाते हैं। कई डायरी पर योग, ओम, भगवान शिव और पहाड़ों की तस्वीरें उकेरी होती हैं। यही वजह है कि लोग इन्हें ट्रैवल जर्नल, रोजमर्रा के नोट्स या पर्सनल डायरी की तरह इस्तेमाल करते हैं। विदेशी सैलानियों के बीच भी इन डायरी की मांग खासी देखी जाती है।
प्लास्टिक की जगह अब जूट के बैग
प्लास्टिक की थैलियों को छोड़कर लोग अब जूट के बैग की तरफ बढ़ रहे हैं, और राम झूला के बाजार में इनकी भरमार है। अलग-अलग आकार और डिजाइन में मिलने वाले ये बैग उत्तराखंड, गंगा, योग और पारंपरिक कला से जुड़े प्रिंट के साथ आते हैं। टिकाऊ होने के साथ-साथ ये पर्यावरण के लिहाज से भी सुरक्षित माने जाते हैं। स्टाइल और इको-फ्रेंडली सोच, दोनों एक साथ चाहने वालों के लिए यह खरीदारी काफी मुफीद रहती है।
भगवान के लिए रंग-बिरंगे वस्त्र और पूजा सामग्री
यहां भगवान की मूर्तियों के लिए बनाए गए सुंदर और रंग-बिरंगे वस्त्र भी आसानी से मिल जाते हैं। लड्डू गोपाल, राधा-कृष्ण और शिव परिवार समेत कई देवी-देवताओं के लिए अलग-अलग डिजाइन के कपड़े दुकानों में सजे रहते हैं। त्योहारों, पूजा या घर के मंदिर को सजाने के लिए लोग खासतौर पर यहां आते हैं। कई दुकानदार वस्त्रों के साथ मुकुट, बांसुरी, हार और अन्य पूजा सामग्री भी एक ही जगह उपलब्ध करा देते हैं, जिससे पूरी खरीदारी एक ही छत के नीचे निपट जाती है।
तुलसी की माला और रुद्राक्ष की दुकानें
ऋषिकेश की पहचान ही आध्यात्म से जुड़ी है, इसलिए यहां तुलसी की माला और रुद्राक्ष बेचने वाली दुकानों की भी कमी नहीं है। पूजा-पाठ, जप और आस्था के चलते लोग इन्हें खरीदना पसंद करते हैं। बाजार में अलग-अलग आकार और किस्म के रुद्राक्ष मौजूद हैं, और दुकानदार ग्राहकों को इनके बारे में पूरी जानकारी भी देते हैं ताकि वे अपनी जरूरत के हिसाब से सही माला चुन सकें। यह सामान भारतीय और विदेशी, दोनों तरह के सैलानियों में बराबर लोकप्रिय है।
कमरे की रौनक बढ़ाते ड्रीम कैचर
घर की सजावट का शौक रखने वालों के लिए राम झूला के बाजार में मिलने वाले ड्रीम कैचर किसी खजाने से कम नहीं। रंग-बिरंगे धागों, पंखों और मोतियों से सजे ये आइटम छोटे से लेकर बड़े आकार तक, हर तरह में मिल जाते हैं। लोग इन्हें बेडरूम, बालकनी या लिविंग रूम में लगाकर घर को नया लुक देते हैं। कई सैलानी इन्हें अपने लिए तो खरीदते ही हैं, साथ ही तोहफे के तौर पर भी ले जाते हैं।
जूट और प्राकृतिक फाइबर से बने कपड़े
बाजार में जूट और प्राकृतिक फाइबर से तैयार कपड़े भी बड़ी आसानी से मिल जाते हैं। कुर्ते, जैकेट, बैग, पाउच जैसे कई फैब्रिक उत्पाद यहां की दुकानों में सजे रहते हैं। हल्के और आरामदायक होने के साथ ये कपड़े पहनावे को एक अलग ही लुक देते हैं, जिसकी वजह से इको-फ्रेंडली लाइफस्टाइल पसंद करने वालों के बीच इनकी अच्छी-खासी मांग बनी रहती है। कुछ हटकर और लंबे समय तक साथ निभाने वाला सामान चाहिए, तो यह विकल्प जरूर आजमाया जा सकता है।




















