पहाड़ों की सैर की बात उठते ही ज़्यादातर लोगों की पहली पसंद शिमला और मनाली ही होते हैं। लेकिन इन्हीं चुनिंदा जगहों पर हर मौसम में उमड़ने वाली भीड़ कई बार सुकून भरी छुट्टी का सारा मज़ा फीका कर देती है। अच्छी खबर यह है कि भारत में ऐसे कई हिल स्टेशन मौजूद हैं जहां अब भी भीड़ कम है और प्राकृतिक सुंदरता, शांति तथा एडवेंचर — तीनों का भरपूर मेल मिलता है। अगर इस बार आप कुछ अलग और शांत अनुभव की तलाश में हैं, तो ये पांच जगहें आपकी अगली यात्रा को सही मायनों में खास बना सकती हैं।
तवांग, अरुणाचल प्रदेश
पूर्वोत्तर भारत में बसा तवांग बर्फ से ढकी ऊंची चोटियों, शांत झीलों और बौद्ध संस्कृति के लिए पहचाना जाता है। यहां स्थित तवांग मठ एशिया के सबसे बड़े मठों में गिना जाता है, जो इस इलाके की आध्यात्मिक पहचान को और गहरा बनाता है। आस-पास फैले पहाड़ और मनमोहक नज़ारे हर सैलानी का दिल जीत लेते हैं।
चोपता, उत्तराखंड
चोपता को प्यार से “भारत का मिनी स्विट्जरलैंड” कहा जाता है, और यह नाम बेवजह नहीं है। हरी-भरी ढलानें, देवदार के घने जंगल और हिमालय के विशाल दृश्य इसे बेहद खास बना देते हैं। ट्रेकिंग के दीवानों के लिए यहां से शुरू होने वाले तुंगनाथ और चंद्रशिला ट्रेक सबसे बड़ा आकर्षण हैं।
येरकाड, तमिलनाडु
अगर आप यह सोचते हैं कि अच्छे हिल स्टेशन सिर्फ उत्तर में हैं, तो दक्षिण भारत का येरकाड इस धारणा को तोड़ देता है। शांत झीलें, खिले हुए फूलों के बगीचे और चारों ओर फैली हरियाली इसकी पहचान हैं। यहां भीड़ कम रहती है, इसलिए प्रकृति के बीच इत्मीनान से कुछ शांत पल बिताने का मौका मिल जाता है।
कसोल, हिमाचल प्रदेश
पार्वती घाटी की गोद में बसा कसोल यात्रियों और ट्रेकर्स के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी प्राकृतिक खूबसूरती और सुकून भरा माहौल शहर की भागदौड़ से थके मन को ताज़गी देता है। कैंपिंग और एडवेंचर टूरिज़्म पसंद करने वालों के लिए तो यह जगह किसी ठिकाने से कम नहीं।
लैंसडाउन, उत्तराखंड
शोरगुल से दूर किसी शांत ठिकाने की चाह रखने वालों के लिए लैंसडाउन एक बेहतरीन विकल्प है। यहां की साफ-सुथरी सड़कें, घने जंगल और पहाड़ों की ताज़ी हवा मन को गहरा सुकून देती है। परिवार के साथ आएं या पार्टनर के साथ — दोनों ही सूरत में यह जगह आदर्श साबित होती है।













