दफ्तर के बढ़ते दबाव और घंटों ऑनलाइन बने रहने की मजबूरी अब किस खतरनाक मोड़ तक पहुंच सकती है, इसकी एक झलक हैदराबाद से आए एक वीडियो में दिखी है. अब तक लोग 'वर्क फ्रॉम होम' और 'वर्क फ्रॉम कैफे' के बारे में सुनते आए थे, लेकिन सोशल मीडिया पर अब 'वर्क फ्रॉम बाइक' की चर्चा जोर पकड़ रही है. इस वीडियो में एक युवक भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक के बीच बाइक दौड़ा रहा है और उसके पेट्रोल टैंक पर एक खुला लैपटॉप टिका हुआ है.
आखिर वीडियो में दिखा क्या
क्लिप में साफ नजर आता है कि युवक बाइक के फ्यूल टैंक पर लैपटॉप रखकर सड़क पर आगे बढ़ रहा है. स्क्रीन ऑन है और वह रुक-रुककर बार-बार उस पर नजरें गड़ा रहा है, जबकि उसके आसपास तेज रफ्तार गाड़ियां दौड़ रही हैं. यही बात लोगों को सबसे ज्यादा डरा रही है, क्योंकि चलती बाइक पर ध्यान सड़क से हटना सीधे बड़े हादसे को न्योता देता है.
बताया जा रहा है कि यह नजारा हैदराबाद के माधापुर आईटी कॉरिडोर इलाके का है. हाइटेक्स कमान के पास से गुजर रही एक कार में बैठे व्यक्ति ने यह दृश्य रिकॉर्ड कर लिया. इंटरनेट पर आते ही वीडियो तेजी से फैल गया और कई लोगों ने इसे 'कॉरपोरेट दुनिया का सबसे खतरनाक वर्क मोड' तक करार दे दिया.
क्या लिखा वीडियो शेयर करने वाले ने
वीडियो को साझा करते हुए एक यूजर ने युवक को सलाह के अंदाज में लिखा:
भाई इतना प्रेशर है तो छोड़ दो ये नौकरी, कुछ अपना बिज़नेस भी कर लोगे तो इस नौकरी से तो ज़्यादा कमा लोगे, कम से कम जान तो बची रहेगी
यह पोस्ट Mohammad Deepak (@Singhhagain) ने 13 June 2026 को साझा की.
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
वीडियो सामने आते ही प्रतिक्रियाओं की झड़ी लग गई. एक यूजर ने आगाह किया कि यह शख्स केवल अपनी ही नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहा है. एक अन्य ने तंज भरे अंदाज में लिखा कि शायद वह '70 घंटे वीक' पूरा करने की कोशिश में जुटा है.
कई लोगों ने इस घटना को आईटी सेक्टर के 'टॉक्सिक वर्क कल्चर' का नतीजा बताया. उनका कहना था कि आधुनिक कॉरपोरेट नौकरियों में बढ़ते टारगेट और लगातार ऑनलाइन उपलब्ध रहने का दबाव कर्मचारियों को मानसिक रूप से थका रहा है. कुछ यूजर्स ने सीधे कंपनियों से सवाल पूछा कि कर्मचारियों पर इस हद तक दबाव डालना क्या वाकई सही है.
विशेषज्ञों की चेतावनी और कानून
जानकारों का कहना है कि वाहन चलाते समय लैपटॉप या मोबाइल का इस्तेमाल बेहद जोखिम भरा है. इससे चालक का ध्यान सड़क से हट जाता है और उसका रिएक्शन टाइम काफी घट जाता है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है. ट्रैफिक नियमों के तहत भी ड्राइविंग के दौरान किसी डिजिटल डिवाइस का प्रयोग कानूनन गलत माना जाता है. यही वजह है कि कई लोगों ने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है.
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
यह कोई पहली बार नहीं है जब चलते वाहन में लैपटॉप पर काम करने का मामला सुर्खियों में आया हो. इससे पहले भी ऐसे कई वीडियो वायरल हो चुके हैं जिनमें लोग बाइक चलाते हुए लैपटॉप पर काम करते दिखे. एक और वीडियो में तो एक महिला बाइक पर पीछे बैठकर लैपटॉप पर काम करती नजर आई थी, जिस पर भी लोगों ने गहरी चिंता जताई थी. विशेषज्ञ मानते हैं कि बड़े शहरों में बढ़ता वर्क प्रेशर अब सड़क सुरक्षा के लिए भी सीधा खतरा बनता जा रहा है.
क्या बदलेगा कॉरपोरेट वर्क कल्चर
इस वायरल वीडियो ने सिर्फ ट्रैफिक नियमों पर ही नहीं, बल्कि पूरी कॉरपोरेट लाइफस्टाइल पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोग पूछ रहे हैं कि क्या नौकरी इतनी अनिवार्य हो गई है कि इंसान अपनी जान तक दांव पर लगाने लगे. विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और वर्क-लाइफ बैलेंस पर कहीं ज्यादा गंभीरता से ध्यान देना होगा, वरना 'वर्क फ्रॉम बाइक' जैसी घटनाएं आने वाले समय में और भी खतरनाक रूप ले सकती हैं.













